देशभर में 21 अक्टूबर को पहली बार मनाया जा सकता है Police Flag Day
भारत में 21 अक्टूबर को पहली बार आधिकारिक तौर पर ‘पुलिस झंडा दिवस’ मनाया जा सकता है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह दिवस 1949 से सैनिकों के सम्मान में मनाए जाने वाले सशस्त्र सेना झंडा दिवस की तर्ज पर होगा।
अधिकारियों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय आने वाले दिनों में इस संबंध में नियमों की अधिसूचना जारी कर सकता है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य देश की आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने के लिए ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाने वाले और सेवा में कार्यरत पुलिसकर्मियों का सम्मान करना है। अधिकारियों ने कहा कि कुछ राज्यों में अलग-अलग स्तर पर पुलिस झंडा दिवस मनाया जाता रहा है, लेकिन अब तक ऐसा कोई राष्ट्रीय दिवस नहीं था, जिसमें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) और राज्य पुलिस बलों को एक साथ शामिल किया गया हो।
अधिकारियों ने बताया कि सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ और एसएसबी जैसे केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को 21 अक्टूबर को पुलिस झंडा दिवस मनाने और इसके स्टिकर बांटने का निर्देश दिया गया है। इसी दिन राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस भी मनाया जाता है। यह दिवस 21 अक्टूबर, 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग इलाके में भारतीय सीमा की रक्षा करते समय चीनी सैनिकों के हमले में शहीद हुए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 10 जवानों की याद में हर साल मनाया जाता है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस अवसर पर चाणक्यपुरी स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर सकते हैं। इस दौरान केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की एक संयुक्त टुकड़ी स्मारक पर मार्च पास्ट करेगी। राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर भी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की ओर से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
ये कार्यक्रम 21 अक्टूबर से शुरू होकर 31 अक्टूबर को गुजरात के केवड़िया में समाप्त होंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी मौजूद रहेंगे। राष्ट्रीय एकता दिवस सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर मनाया जाता है।
देश में 1949 से हर साल सात दिसंबर को सशस्त्र सेना झंडा दिवस मनाया जाता है। इस दिन विभिन्न सुरक्षा बलों के जवानों और अधिकारियों के अलावा विद्यार्थी तथा आम लोग भी अपनी छाती पर इसका स्टिकर लगाते हैं।
क्रांति के लिए एकदम बेहतरीन जगह... France Protest पर Donald Trump का तंज
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस में चल रहे विरोध-प्रदर्शनों पर तंज कसा है। उन्होंने फ्रांस को क्रांतियों के लिए एक आदर्श जगह बताया। फ्रांस में बढ़ती महंगाई के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन हिंसक हो गए हैं। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं, दुकानों में लूटपाट की गई और कई जगह आगजनी भी हुई।
ट्रंप ने फ्रांस के हालात पर चुटकी लेते हुए कहा, "डार्लिंग, राष्ट्रपति ने अभी हमें 5,000 डॉलर भेजे हैं। चलो फ्रांस चलें? यह बहुत प्यारी जगह है। वहां कोई दंगा नहीं, कोई क्रांति नहीं होती। वैसे, फ्रांस तो क्रांतियों के लिए एकदम बेहतरीन जगह लगती है! यकीन ही नहीं होता। चलो फ्रांस चलते हैं और क्रांति में शामिल होते हैं।"
फ्रांस के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन
रविवार को फ्रांस के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन हुए। इसके बाद कई इलाकों में सड़कों और दुकानों को भारी नुकसान पहुंचा। इससे पहले भी कई हफ्तों तक छात्रों ने प्रदर्शन किए थे। यह सब राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के कार्यकाल के खत्म होने और नए चुनावों से करीब छह महीने पहले हो रहा है।
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जे.डी. वेंस ने प्रवासियों को लेकर कही बात
ट्रंप की बात का समर्थन करते हुए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने भी फ्रांस में हुई हिंसा पर अपनी राय रखी। उन्होंने इसके लिए प्रवास को जिम्मेदार ठहराया। वेंस ने कहा कि फ्रांस और दूसरे पश्चिमी देश प्रवासियों को अपने समाज में शामिल करने और उनके साथ तालमेल बनाने से जुड़े मुद्दों को सुलझाने में नाकाम रहे हैं।
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महंगाई के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग
शनिवार को फ्रांस में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए। देशभर में लोग बढ़ती महंगाई के खिलाफ सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर चीजें फेंकीं और आतिशबाजी का इस्तेमाल किया। इसके जवाब में पुलिस ने आंसू गैस और पानी की बौछार करने वाली गाड़ियों का इस्तेमाल किया। पेरिस और दूसरे शहरों में बढ़ती महंगाई के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों के दौरान ही हिंसा भड़क उठी।
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