Chorbagan Sarbojanin Durga Puja Pandal में कैसे मची भगदड़? सामने आईं हादसे की कई वजहें
कोलकाता में सप्तमी की शाम करीब एक घंटे हुई बारिश के बीच चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ मच गई। बारिश इतनी तेज नहीं थी कि लोग पूजा पंडालों से दूर रहें, लेकिन सड़कें जरूर गीली हो गई थीं। इसी दौरान संकरी गली, पंडाल के छोटे प्रवेश और निकास द्वार, भीड़ को संभालने में कमी और ढांचे के गिरने की आशंका वाली घोषणा ने हालात बिगाड़ दिए। हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई।
स्थानीय पुलिस के शुरुआती बयानों और मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, कई वजहें एक साथ सामने आईं, जिससे कोलकाता के सबसे बड़े त्योहार के दौरान यह हादसा हुआ।
शाम करीब 7:30 बजे मची भगदड़
भगदड़ शनिवार शाम करीब 7:30 बजे उत्तर कोलकाता के चोरबागान में बने लोकप्रिय दुर्गा पूजा पंडाल में हुई। यह इलाका हावड़ा ब्रिज से 2 किलोमीटर से भी कम दूरी पर है और यहां शहर के सबसे पुराने दुर्गा पूजा पंडालों में से एक है।
हादसे के मामले में अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कलकत्ता हाईकोर्ट के मौजूदा न्यायाधीश की अगुवाई में विशेष जांच दल बनाने का ऐलान किया है। वहीं, विपक्ष ने आरोप लगाया है कि आयोजकों को बचाने की कोशिश की जा रही है। विपक्ष का दावा है कि आयोजकों में से ज्यादातर लोग सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हैं।
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बारिश से बचने के लिए पंडाल में बढ़ती गई भीड़
मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, बारिश से बचने के लिए श्रद्धालु चोरबागान सार्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल के अंदर जाने लगे। जो लोग पहले से अंदर थे, वे बारिश के कारण बाहर निकलना नहीं चाहते थे। इसी बीच प्रवेश और निकास दोनों रास्तों से लोग अंदर आते रहे। कुछ ही सेकंड में भीड़ का दबाव बढ़ गया और लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगे। देखते ही देखते भगदड़ मच गई।
मौके पर मौजूद विनय कुमार ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "यह दुखद घटना लगातार हो रही बारिश के कारण हुई। यहां बहुत ज्यादा भीड़ थी और लोग बारिश में बाहर नहीं जाना चाहते थे। पुलिस प्रशासन पूरी तरह मौजूद था, लेकिन भीड़ को संभालना मुश्किल हो गया।"
एक अन्य मौके पर मौजूद व्यक्ति उत्तम ने कहा, "हम स्थानीय निवासी हैं। जब हमें घटना के बारे में पता चला तो हम तुरंत यहां आए। पुलिस प्रशासन ने पूरी व्यवस्था की थी और उन्होंने पूरा सहयोग किया। स्थानीय नागरिक स्वयंसेवक भी मौजूद थे। हमारे स्थानीय विधायक भी यहां हैं और व्यवस्था करने के साथ घायलों के अस्पताल में इलाज की व्यवस्था में लगे हुए हैं।" उन्होंने कहा कि लोग खुद को और अपने बच्चों को बारिश से बचाना चाहते थे और इसी वजह से यह घटना हुई।
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संकरी गली और छोटे गेट भी बने परेशानी की वजह
मौके के वीडियो में पंडाल के दोनों गेट और वहां तक पहुंचने वाली सड़क काफी संकरी दिखाई दे रही है। माना जा रहा है कि इससे भीड़ को संभालने में परेशानी हुई।
एक पुलिस अधिकारी ने भी माना कि पंडाल तक पहुंचने वाली संकरी सड़क हादसे की एक वजह हो सकती है। पीटीआई को दिए बयान में अधिकारी ने कहा, "कुप्रबंधन के कारण भगदड़ के दौरान लोगों ने प्रवेश द्वार से निकलने की कोशिश की। दोनों गेट और पंडाल तक पहुंचने वाली सड़क संकरी थी, जिसने हादसे को बढ़ाने में भूमिका निभाई।"
भीड़ को लेकर उलझन में पड़े श्रद्धालु
मौके पर मौजूद लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रवेश, निकास और लोगों की आवाजाही को लेकर की गई घोषणाओं से श्रद्धालुओं में भ्रम की स्थिति बनी। उनका कहना है कि भीड़ बढ़ने के दौरान पंडाल में पुलिस की मौजूदगी भी पर्याप्त नहीं थी।
स्थानीय निवासी संघमित्रा भौमिक ने कहा, "मैंने इस साल पर्याप्त पुलिस मौजूदगी नहीं देखी। इसी वजह से व्यवस्था बिगड़ गई।" मौके पर मौजूद लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि घायलों को अस्पताल पहुंचाने में प्रशासन की मदद पर्याप्त नहीं थी।
करनाल में कश्मीरी यात्रियों से भरी बस पर ईंट-पत्थर से हमला, उमर अब्दुल्ला ने की सख्त कार्रवाई की मांग
हरियाणा में दिल्ली से श्रीनगर जा रही यात्री बस पर कथित पथराव की घटना को लेकर जम्मू-कश्मीर में नाराजगी जताई गई है। घटना में एक बुजुर्ग कश्मीरी यात्री के घायल होने की खबर है। बस में करीब 40 यात्री सवार थे। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला समेत कई राजनीतिक दलों के नेताओं, धार्मिक हस्तियों और परिवहन संगठनों ने घटना पर चिंता जताई है। उन्होंने आरोपितों की पहचान, निष्पक्ष जांच और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
करनाल में बस पर पथराव का आरोप
जानकारी के मुताबिक, कश्मीर की कंपनी स्टार वर्ल्ड वेंचर्स की बस दिल्ली से श्रीनगर जा रही थी। शनिवार रात करीब 10:45 बजे हरियाणा के करनाल क्षेत्र में डिवाइन स्टार ढाबा के पास कुछ अज्ञात लोगों ने कथित तौर पर बस को निशाना बनाया।
आरोप है कि पहले चालक के साथ गाली-गलौज की गई और इसके बाद बस पर पत्थर और ईंटें फेंकी गईं। इससे बस की खिड़कियों के शीशे टूट गए। घटना में एक बुजुर्ग कश्मीरी यात्री घायल हो गया।
उमर अब्दुल्ला ने हरियाणा सरकार से उठाया मामला
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पुलिस से आरोपितों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की।
मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, यात्रियों की सुरक्षा का मुद्दा हरियाणा सरकार के सामने उठाया गया है। हरियाणा प्रशासन ने कानून के तहत जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया है। जम्मू-कश्मीर सरकार प्रभावित यात्रियों के संपर्क में है और पूरे मामले पर नजर रख रही है।
This unfortunate incident should never have taken place. I hope the Haryana government lead by @NayabSainiBJP ji & @police_haryana catch the culprits & take action to ensure these things don’t happen again.
— Omar Abdullah (@OmarAbdullah) October 18, 2026
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नेशनल कॉन्फ्रेंस ने बताया नफरत से प्रेरित हमला
नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रवक्ता इमरान नबी डार ने घटना को कथित तौर पर नफरत से प्रेरित हमला बताया। उन्होंने हरियाणा पुलिस से तुरंत मामले का संज्ञान लेने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
वहीद परा और सज्जाद लोन ने भी मांगी कार्रवाई
पीडीपी नेता वहीद परा ने कहा कि दिल्ली-श्रीनगर स्लीपर बस को उस समय ईंटों से निशाना बनाया गया, जब यात्री सो रहे थे। उन्होंने बुजुर्ग यात्री के घायल होने पर चिंता जताई। परा ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ रिपोर्टों में हमलावरों के बजाय यात्रियों को पुलिस की ओर से निशाना बनाए जाने की बात कही गई है। उन्होंने आरोपितों की गिरफ्तारी और पूरे मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की।
जम्मू-कश्मीर पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद गनी लोन ने भी घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि आम लोगों को ले जा रही बस को निशाना बनाना और एक बुजुर्ग यात्री को घायल करना गंभीर मामला है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन घटना की निष्पक्ष जांच करेगा और दोषियों को सजा दिलाई जाएगी।
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चौधरी रमजान बोले- पहचान के आधार पर डराना बर्दाश्त नहीं
नेशनल कॉन्फ्रेंस के राज्यसभा सदस्य चौधरी रमजान ने भी पथराव को अस्वीकार्य बताया और हरियाणा पुलिस से तुरंत कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को उसके मूल स्थान या पहचान के आधार पर निशाना बनाना या डराना बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
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