कुरुक्षेत्र में बस पर पथराव: Omar Abdullah बोले- Haryana सरकार ने दिया कार्रवाई का भरोसा
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रविवार को कहा कि उनके कार्यालय ने जम्मू-कश्मीर जा रही एक स्लीपर बस पर कुरुक्षेत्र के पास पथराव की घटना को लेकर हरियाणा सरकार से बात की है, जिसने कानून के अनुसार त्वरित और सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। इस घटना में एक बुजुर्ग यात्री घायल हो गया था। अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपने आधिकारिक खाते से एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा, ‘‘जम्मू-कश्मीर सरकार प्रभावित यात्रियों के साथ खड़ी है और स्थिति पर करीबी नजर रख रही है।’’ ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में पंजीकृत एक स्लीपर बस पर कुरुक्षेत्र के पास पत्थर और ईंटें फेंकी गईं, जिससे एक बुजुर्ग यात्री घायल हो गया।
अब्दुल्ला ने अपने निजी ‘एक्स’ खाते से एक पोस्ट साझा कर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना नहीं होनी चाहिए थी। मुझे उम्मीद है कि नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली हरियाणा सरकार और हरियाणा पुलिस दोषियों को पकड़कर कार्रवाई करेगी, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।’’ नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रवक्ता इमरान नबी डार ने इस घटना को नफरत से प्रेरित अपराध बताया।
डार ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘दिल्ली से श्रीनगर जा रही कश्मीर की एक बस पर हरियाणा के कुरुक्षेत्र के पास पत्थर और ईंटें फेंकी गईं। यह कथित तौर पर नफरत से प्रेरित हमला था, जिसमें कश्मीर का एक बुजुर्ग व्यक्ति घायल हो गया। बस में सवार परिवार इस घटना से बुरी तरह डर गए और खुद को असहाय महसूस करने लगे।’’ उन्होंने इसे ‘‘निर्दोष लोगों पर जानलेवा हमला’’ करार दिया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
‘एक्स’ पर एक उपयोगकर्ता ने लग्जरी स्लीपर बस को पहुंचे नुकसान का एक वीडियो भी साझा किया। उपयोगकर्ता ने लिखा, ‘‘दिल्ली से श्रीनगर जा रही एक लग्जरी स्लीपर बस पर हरियाणा के कुरुक्षेत्र के पास पथराव किया गया। वीडियो में ‘स्टार वर्ल्ड वेंचर्स’ की बस को काफी नुकसान पहुंचा दिखाई दे रहा है।
बस की खिड़कियों के शीशे टूट गए हैं, पीछे की लाइट क्षतिग्रस्त हो गई हैं और नंबर प्लेट मुड़ गई है।’’
Bilaspur में Smart Meter न लगवाने पर कटी प्रधान के घर की बिजली, खंभे हटाने का दिया अल्टीमेटम
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के एक गांव में स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर विवाद तब और गहरा गया जब बिजली बोर्ड ने ग्राम पंचायत प्रधान के घर की बिजली काट दी, जिसके बाद प्रधान ने चेतावनी दी है कि अगर बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो वह अपनी जमीन पर लगे बिजली के खंभे और तार हटवा देंगे। स्मार्ट मीटर लगवाने से इनकार करने पर बिजली काटे जाने का विरोध करते हुए कपहाड़ा ग्राम पंचायत के प्रधान विनय कुमार शर्मा ने रविवार को कहा कि बोर्ड का यह आदेश तो अंग्रेजों के दमनकारी कदमों से भी बदतर है। उन्होंने अपनी निजी जमीन पर लगे सभी बिजली के खंभे और तार हटाने की मांग की है।
बिजली बोर्ड का कहना है कि निर्धारित नियमों के अनुसार स्मार्ट मीटर लगाने के लिए 24 घंटे का नोटिस देने के बाद भी ऐसा नहीं करने पर बिजली कनेक्शन काट दिया जाता है। शर्मा ने बताया कि 14 अक्टूबर को बिजली बोर्ड ने स्मार्ट मीटर नहीं लगवाने के लिए उन्हें और उनके दिवंगत पिता के नाम नोटिस जारी किया था। इसमें चेतावनी दी गई थी कि अगर 24 घंटे के भीतर स्मार्ट मीटर नहीं लगाए गए तो बिजली कनेक्शन काट दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इसके कुछ ही समय बाद उनके घर की बिजली काट दी गई। अपने दिवंगत पिता के नाम पर नोटिस भेजे जाने का विरोध करते हुए शर्मा ने बोर्ड से अपील की कि वह उपभोक्ताओं की चिंताओं पर विचार करे और उनकी आपत्तियों का समाधान करे। शर्मा के अनुसार नौ अगस्त को पंचायत ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया था जिसमें अनुरोध किया गया था कि मौजूदा बिजली मीटरों को न बदला जाए।
ग्रामीणों को आशंका है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने से उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। शर्मा ने कहा, ‘‘यह प्रस्ताव अधिशासी अभियंता को भेजा गया था। इसके बावजूद बोर्ड ने मीटर लगाने की प्रक्रिया जारी रखी।
मैंने इस मामले में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में याचिका भी दायर की है।’’ बिजली काटे जाने के बाद शर्मा ने बोर्ड को अल्टीमेटम दिया कि वे तुरंत उनकी निजी जमीन से बिजली के खंभे और तार हटा लें। बिजली बोर्ड के सहायक अभियंता रमेश कुमार ने कहा कि पहले ही स्पष्ट कर दिया गया था कि निर्धारित नीति के अनुसार स्मार्ट मीटर लगाने से इनकार करने वाले उपभोक्ताओं के बिजली काट दी जाएगी।
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