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यूपी पुलिस सिपाही और होमगार्ड भर्ती में अभ्यर्थियों को बड़ी राहत, 31 अक्टूबर को फिर होगी शारीरिक माप

UP News: उत्तर प्रदेश पुलिस सिपाही और होमगार्ड भर्ती-2025 के लाखों अभ्यर्थियों के लिए राहत की खबर है. दरअसल, शारीरिक माप के दौरान अयोग्य घोषित किए गए अभ्यर्थियों को इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिली है. अदालत ने चार श्रेणियों में शामिल पात्र अभ्यर्थियों की लंबाई और सीने की माप दोबारा कराने का निर्देश दिया है. इसके लिए लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में स्वतंत्र मेडिकल बोर्ड गठित किया जाएगा. जहां अभ्यर्थियों की 31 अक्टूबर 2026 को फिर से जांच की जाएगी.

न्यायमूर्ति मनीष कुमार निगम ने अनुज कुमार और अन्य अभ्यर्थियों की याचिकाओं पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दोबारा माप की प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से पूरी की जाए और मेडिकल बोर्ड को अभ्यर्थियों की पिछली माप के बारे में कोई जानकारी न दी जाए.

पहले की भर्ती में पास, अब माप पर उठाए सवाल

याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में दलील दी गई कि वे पहले उपनिरीक्षक, सिपाही और होमगार्ड भर्ती की शारीरिक जांच में निर्धारित मानकों पर खरे उतरे थे. इसके बावजूद मौजूदा भर्ती प्रक्रिया में उन्हें लंबाई या सीने की माप के आधार पर अयोग्य कर दिया गया. अभ्यर्थियों का तर्क था कि वयस्क व्यक्ति की लंबाई में एक-दो साल के भीतर इतनी कमी आना सामान्य नहीं है कि वह भर्ती के निर्धारित मानक से नीचे चला जाए. ऐसे में शारीरिक माप की प्रक्रिया की विश्वसनीयता की जांच जरूरी है. इसी आधार पर उन्होंने दोबारा माप कराने की मांग की.

सरकार ने मौके पर अपील का दिया हवाला

वहीं राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता एमसी चतुर्वेदी ने अदालत को बताया कि भर्ती नियमों के तहत शारीरिक माप से असंतुष्ट अभ्यर्थियों को मौके पर ही अपील करने का अवसर दिया गया था. सरकार का पक्ष था कि अपील के बाद भी यदि अभ्यर्थी निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरता है, तो दर्ज किए गए परिणाम को अंतिम माना जाना चाहिए.

वहीं, याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट के 'सौरभ यादव बनाम उत्तर प्रदेश राज्य' मामले का उल्लेख किया. उन्होंने दलील दी कि इस मामले में भी दोबारा जांच के बाद अभ्यर्थी की लंबाई सही पाई गई थी. दोनों पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने पात्र अभ्यर्थियों को एक और मौका देने का फैसला किया.

31 अक्टूबर को केजीएमयू में दोबारा होगी जांच

अदालत के निर्देश के मुताबिक, संबंधित चार श्रेणियों में आने वाले पात्र अभ्यर्थियों को 31 अक्टूबर 2026 को सुबह 10 बजे तक केजीएमयू, लखनऊ के प्रधानाचार्य के समक्ष उपस्थित होकर अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी. प्रधानाचार्य की निगरानी में गठित स्वतंत्र मेडिकल बोर्ड अभ्यर्थियों की लंबाई और सीने की माप करेगा. उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड और होमगार्ड विभाग को भी अपने जिम्मेदार अधिकारियों को वहां भेजना होगा, ताकि अभ्यर्थियों की पहचान सुनिश्चित की जा सके. अभ्यर्थियों को अपने साथ आधार कार्ड या अन्य वैध पहचान पत्र, संबंधित भर्ती का प्रवेश पत्र और हाईकोर्ट के आदेश की प्रमाणित प्रति ले जानी होगी.

पुरानी माप से अनजान रहेगा मेडिकल बोर्ड

जांच की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि मेडिकल बोर्ड को अभ्यर्थियों की पहले दर्ज की गई शारीरिक माप नहीं बताई जाएगी. इससे बोर्ड स्वतंत्र रूप से नए सिरे से माप कर सकेगा. केजीएमयू को जांच पूरी होने के बाद अपनी रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में 4 नवंबर 2026 को हाईकोर्ट में पेश करनी होगी. इसके बाद मामले से जुड़ी शेष याचिकाओं पर आगे सुनवाई की जाएगी.

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निजी अस्पताल की रिपोर्ट के आधार पर नहीं मिली राहत

अदालत ने उन अभ्यर्थियों की याचिकाएं खारिज कर दीं, जिनकी दो सरकारी जांचों में समान परिणाम आया था और जिन्होंने निजी अस्पतालों की रिपोर्ट के आधार पर दोबारा माप कराने की मांग की थी. कोर्ट ने माना कि केवल निजी डॉक्टरों के प्रमाणपत्र के आधार पर सरकारी भर्ती प्रक्रिया में दर्ज माप को चुनौती देना पर्याप्त नहीं है.
अब 31 अक्टूबर को होने वाली जांच और 4 नवंबर को पेश की जाने वाली रिपोर्ट पर प्रभावित अभ्यर्थियों की नजर रहेगी. मेडिकल बोर्ड के निष्कर्षों के आधार पर मामले में आगे की न्यायिक कार्रवाई होगी.

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कोलकाता हादसा : गृह मंत्री अमित शाह ने किया अस्पताल का दौरा, जाना घायलों का हालचाल

कोलकाता, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में हुए हादसे में घायल श्रद्धालुओं से अस्पताल जाकर मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। उन्होंने कहा कि इस कठिन घड़ी में पश्चिम बंगाल सरकार हर घायल और पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रविवार को दोपहर में कोलकाता के साल्ट लेक स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचे। उनके साथ राज्य के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और पश्चिम बंगाल भाजपा के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य मौजूद थे। गृह मंत्री ने प्रशासन से अस्पताल में भर्ती किए गए 14 लोगों की सेहत के बारे में जानकारी ली। इसके अलावा, उन्होंने कुछ घायल लोगों से बातचीत भी की।

शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुलाकात की तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, इस कठिन घड़ी में पश्चिम बंगाल सरकार हर घायल और पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। मां दुर्गा सभी घायलों को शीघ्र स्वस्थ करें, यही प्रार्थना है।

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. शरद्वत मुखर्जी ने बताया कि अस्पताल में भर्ती 14 लोगों में से 13 की हालत स्थिर है। वे खतरे से बाहर हैं। उन्होंने कहा, यहां तक कि जिस व्यक्ति की हालत थोड़ी गंभीर है, उसके लिए भी मैं संकट शब्द का इस्तेमाल नहीं करूंगा। मुझे उम्मीद है कि मरने वालों की संख्या अब और नहीं बढ़ेगी। मैं खुद घायलों के इलाज की व्यवस्था पर नजर रख रहा हूं।

गृह मंत्री शाह शनिवार रात कोलकाता पहुंचे थे। रविवार को उनके कई कार्यक्रम तय थे। हालांकि, भगदड़ की इस दुखद घटना के बाद उन्होंने अपने सभी तय कार्यक्रम रद्द कर दिए। इसके बजाय वे सुबह सबसे पहले दक्षिण कोलकाता के कालीघाट स्थित प्रसिद्ध काली मंदिर गए और पूजा-अर्चना की। इसके बाद अमित शाह, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और बंगाल भाजपा के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य के साथ अस्पताल पहुंचे। वे आज ही नई दिल्ली वापस लौट जाएंगे।

कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार शाम भगदड़ की घटना हुई थी, जिसमें कम से कम 19 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक श्रद्धालुओं का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जारी है।

--आईएएनएस

डीसीएच/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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उम्र नहीं फिटनेस और फॉर्म देखें, Sunil Gavaskar ने Team India के लिए की Krunal Pandya की वकालत

भारतीय क्रिकेट में अनुभवी खिलाड़ियों की वापसी को लेकर चर्चा तेज है। तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने लंबे इंतजार के बाद राष्ट्रीय टीम में वापसी की है, जिसके बाद अब दूसरे सीनियर खिलाड़ियों को भी दोबारा मौका मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। इसी बीच भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के ऑलराउंडर क्रुणाल पांड्या की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि अगर कोई खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और पूरी तरह फिट है, तो उसकी उम्र को टीम में चयन के रास्ते में नहीं आने देना चाहिए।

भुवनेश्वर कुमार ने आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के दम पर करीब 1,425 दिन बाद भारतीय टीम में वापसी की है। उनके चयन से यह संकेत मिला है कि चयनकर्ता अनुभवी खिलाड़ियों को फिर से मौका देने के लिए तैयार हैं। ऐसे में तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की संभावित वापसी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, सुनील गावस्कर ने इस चर्चा के बीच क्रुणाल पांड्या का नाम आगे रखा है, जो पिछले कुछ समय से अपने खेल से प्रभावित कर रहे हैं।

क्रुणाल ने 2026 के आईपीएल सत्र में गेंद और बल्ले दोनों से अहम योगदान दिया। उन्होंने 16 मैचों में 14 विकेट हासिल किए। इस दौरान उनकी गेंदबाजी औसत 30.35 और रन देने की दर 8.45 रही। बल्लेबाजी में भी उन्होंने 226 रन बनाए। इसमें मुंबई इंडियंस के खिलाफ खेली गई मैच जिताने वाली अर्धशतकीय पारी भी शामिल है। बता दें कि क्रुणाल अपनी टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की पिछली 2 खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाने वाले खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं।

जियोस्टार से बातचीत के दौरान सुनील गावस्कर ने क्रुणाल की गेंदबाजी को उनकी सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि क्रुणाल गेंद को बहुत ज्यादा घुमाने वाले गेंदबाज नहीं हैं, लेकिन वह अपनी लाइन और लेंथ में लगातार बदलाव करते हैं। वह बल्लेबाज के इरादे को समझकर गेंदबाजी करते हैं और कभी पैड की तरफ गेंद डालते हैं, तो कभी बाउंसर का इस्तेमाल करते हैं। उनका मकसद केवल विकेट लेना ही नहीं, बल्कि बल्लेबाजों को खुलकर रन बनाने से रोकना भी होता है।

गावस्कर के मुताबिक, क्रुणाल खेल को समझने वाले खिलाड़ी हैं और मैदान पर हमेशा कोई न कोई योजना बनाकर उतरते हैं। उन्होंने बल्लेबाजी और क्षेत्ररक्षण में भी क्रुणाल के योगदान की सराहना की। गावस्कर का मानना है कि विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट जीतने के लिए टीम में उन खिलाड़ियों को शामिल करना जरूरी है, जो अपने प्रदर्शन से जीत दिलाने की क्षमता रखते हैं।

पूर्व भारतीय कप्तान ने साफ कहा कि टीम चुनते समय खिलाड़ियों की उम्र के बजाय उनके प्रदर्शन और फिटनेस को महत्व दिया जाना चाहिए। अगर कोई खिलाड़ी आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में अच्छा खेल रहा है और शारीरिक रूप से फिट है, तो उसे भारतीय टीम में मौका देने पर विचार होना चाहिए। उनके अनुसार, बड़े टूर्नामेंट जीतने के लिए चयन का आधार खिलाड़ी की उपयोगिता होनी चाहिए, न कि उसकी उम्र।

गौरतलब है कि क्रुणाल पांड्या ने आखिरी बार 2021 में श्रीलंका दौरे पर भारत का प्रतिनिधित्व किया था। इसके बाद से वह राष्ट्रीय टीम में वापसी नहीं कर सके हैं। अब गावस्कर के समर्थन के बाद उनके दोबारा भारतीय टीम में चुने जाने की चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, उनकी वापसी को लेकर चयनकर्ताओं की ओर से कोई फैसला सामने नहीं आया है। ऐसे में घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में उनका प्रदर्शन आगे की राह तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

Sun, 18 Oct 2026 23:24:00 +0530

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