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Explainer: रामलीला में शूर्पणखा का ‘I Love You’, रावण के साथ जलेगा कॉकरोच! सनातन की नई प्रस्तुति या मर्यादा से खिलवाड़?

Ramlila viral video: दशहरे आते ही देशभर में रामलीलाओं का मंचन हो रहा है. कहीं राम-सीता के मिलन और रावण वध की पारंपरिक लीला हो रही है तो कहीं मंच पर फिल्मी गानों की धुन सुनाई दे रही है. शूर्पणखा लक्ष्मण को गुलाब देकर प्यार का इजहार कर रही है और कलाकार अपने संवादों में आधुनिक अंदाज जोड़ रहे हैं. उधर, रावण दहन के साथ कॉकरोच का पुतला जलाने की योजना और राजनीतिक चेहरों को रावण के प्रतीक के रूप में दिखाने वाले पोस्टर भी चर्चा में हैं.

इन घटनाओं ने सोशल मीडिया पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. क्या धार्मिक परंपराओं को नई पीढ़ी के हिसाब से पेश करना जरूरी है या ऐसा करते हुए उनकी मूल भावना और मर्यादा का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है?

बदलते दौर का मनोरंजन या लोक परंपराओं को लोकप्रिय बनाने का तरीका

एक तरफ कुछ लोग इसे बदलते दौर का मनोरंजन और लोक परंपराओं को लोकप्रिय बनाने का तरीका मानते हैं. दूसरी तरफ आलोचकों का कहना है कि रामलीला केवल मनोरंजन का मंच नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ा आयोजन है. ऐसे में हर तरह के प्रयोग को सही नहीं ठहराया जा सकता.

मुजफ्फरनगर में शूर्पणखा ने लक्ष्मण को गुलाब देकर क्यों किया प्रपोज?

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर की रामलीला का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा में है. इसमें शूर्पणखा का किरदार निभा रही कलाकार लक्ष्मण के सामने लाल गुलाब लेकर पहुंचती है और 1987 में आई फिल्म ‘मिस्टर इंडिया’ के मशहूर गाने ‘काटे नहीं कटते ये दिन ये रात’ के अंदाज में अपने प्रेम का इजहार करती नजर आती है. यह वही प्रसंग है जिसमें शूर्पणखा राम और लक्ष्मण के सामने विवाह का प्रस्ताव रखती है. पारंपरिक रामलीला में इस दृश्य को संवादों और अभिनय के जरिए दिखाया जाता है लेकिन यहां फिल्मी संगीत और रोमांटिक अंदाज ने इसे अलग रंग दे दिया. वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं. कुछ लोगों को यह प्रयोग मनोरंजक लगा, जबकि कुछ ने सवाल उठाया कि क्या धार्मिक मंचन में इस तरह के फिल्मी गानों का इस्तेमाल उचित है. 

हरियाणा में शूर्पणखा की एंट्री ने भी खींचा ध्यान

हरियाणा की एक रामलीला में शूर्पणखा की एंट्री भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी. यहां कलाकार स्कॉर्पियो गाड़ी से मंच पर पहुंची और लक्ष्मण को गुलाब देकर ‘I Love You’ कहती नजर आई. इस प्रस्तुति में पारंपरिक कथा के साथ आधुनिक मंचीय अंदाज जोड़ा गया. कुछ लोगों ने इसे दर्शकों को आकर्षित करने का तरीका माना जबकि कुछ ने धार्मिक आयोजन की प्रस्तुति पर सवाल उठाए. 

क्या हर आधुनिक प्रस्तुति को अश्लील या धर्म का अपमान कहना सही है?

यह बहस केवल एक वायरल वीडियो तक सीमित नहीं है. उत्तर प्रदेश के अमरोहा में बीजलपुर गांव के एक धार्मिक कार्यक्रम में फिल्मी गानों पर डांस का वीडियो सामने आने के बाद नाराजगी की खबर आई. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ग्रामीणों ने आयोजकों से कार्रवाई की मांग की और पुलिस मामले की जांच कर रही थी. इसी तरह बिजनौर के पैहरूवाला गांव में भी रामलीला के दौरान डांस वीडियो को लेकर विवाद हुआ. इसके बाद रामलीला कमेटी ने मंच हटाकर मंचन बंद करने का ऐलान किया है. इस मामले ने आयोजन की स्वतंत्रता, स्थानीय विरोध और धार्मिक मर्यादा पर सवाल खड़े किए.

किसी प्रस्तुति को लेकर सभी दर्शकों की राय एक जैसी नहीं होती

इन घटनाओं से एक बात स्पष्ट होती है कि किसी प्रस्तुति को लेकर सभी दर्शकों की राय एक जैसी नहीं होती. किसी के लिए वही दृश्य मनोरंजन हो सकता है तो दूसरे के लिए धार्मिक आस्था से जुड़ा गंभीर विषय है. हालांकि, किसी कार्यक्रम को लेकर विरोध होना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि उसमें धर्म का अपमान हुआ है. इसके लिए प्रस्तुति के वास्तविक संदर्भ, इस्तेमाल किए गए संवाद, आयोजकों की मंशा और कार्यक्रम की प्रकृति को देखना जरूरी है.

शूर्पणखा के नृत्य का बचाव करने वालों ने क्या तर्क दिया?

हरियाणा के जींद जिले के नरवाना में शूर्पणखा प्रसंग के दौरान हुए नृत्य को लेकर उठे सवालों पर कलाकार पक्ष ने अपना बचाव किया. किन्नर समाज की महंत रेशमा माई ने मीडिया में बयान देते हुए कहा कि शूर्पणखा के अलग-अलग रूपों का वर्णन मिलता है और मंचन में उसी पक्ष को ध्यान में रखा गया था. 

दिल्ली में रावण के साथ कॉकरोच का पुतला क्यों जलाया जाएगा?

रामलीला को लेकर चर्चा केवल मंच पर होने वाले अभिनय तक सीमित नहीं है. दिल्ली के पीतमपुरा में केशव रामलीला समिति ने रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के साथ 30 फुट ऊंचे कॉकरोच का पुतला जलाने की योजना बताई है. समिति के मुताबिक कॉकरोच गंदगी का प्रतीक है और इस पहल का उद्देश्य स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाना है. इसके जरिए स्वच्छ भारत और स्वच्छ दिल्ली का संदेश देने की बात कही गई.

रावण के पुतले पर अतीक अहमद और नेताओं की तस्वीरें क्यों?

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में दशहरे से पहले राजनीतिक पोस्टरबाजी भी चर्चा में आई. यहां ‘भारत विरोधी दशानन रावण’ नाम से लगाए गए पोस्टरों में माफिया अतीक अहमद को मुख्य रावण के रूप में दिखाया गया. पोस्टर में राहुल गांधी, अखिलेश यादव, मुख्तार अंसारी और कुछ अंतरराष्ट्रीय हस्तियों की तस्वीरें भी हैं.

क्या युवा पीढ़ी रामलीला को नए अंदाज में देखना चाहती है?

युवा दर्शकों के बीच छोटे वीडियो, तेज संवाद, हास्य और फिल्मी संदर्भ लोकप्रिय हैं. ऐसे में रामलीला का कोई अलग दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से फैलता है तो आयोजकों को भी बड़ा दर्शक वर्ग मिल सकता है. लेकिन यह मान लेना ठीक नहीं होगा कि पूरी gen z पीढ़ी आधुनिक प्रस्तुतियों का समर्थन करती है या उसे पारंपरिक मंचन पसंद नहीं है.

क्या रामलीला में पहले से बदलाव होते रहे हैं?

रामलीला केवल एक लिखित पाठ का मंचन नहीं, बल्कि कई क्षेत्रों में स्थानीय भाषा, संगीत, वेशभूषा और लोक परंपराओं से जुड़ी सांस्कृतिक अभिव्यक्ति भी है. अलग-अलग इलाकों में इसकी प्रस्तुति का अंदाज बदल सकता है. इसलिए हर बदलाव को परंपरा का पतन कहना उतना ही एकतरफा होगा, जितना हर प्रयोग को सही मान लेना. किसी प्रस्तुति का मूल्यांकन इस बात से होना चाहिए कि वह कथा और पात्रों के साथ कितना न्याय करती है, दर्शकों के प्रति कैसी संवेदनशीलता रखती है और धार्मिक आयोजन की प्रकृति के अनुकूल है या नहीं.

आखिर रामलीला की मर्यादा तय कौन करेगा?

धार्मिक आयोजनों में स्थानीय परंपरा, आयोजक समिति, कलाकारों की भूमिका और दर्शकों की अपेक्षाएं सभी महत्वपूर्ण हैं. लेकिन किसी एक दर्शक की असहमति को सभी की राय नहीं माना जा सकता और न ही लोकप्रियता को किसी प्रस्तुति की गुणवत्ता का अंतिम पैमाना बनाया जा सकता है. आयोजकों को यह तय करना होगा कि वे दर्शकों को आकर्षित करने के लिए किस तरह के प्रयोग करना चाहते हैं.

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सीएम धामी से फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार ने की मुलाकात, प्रदेश में फिल्म नीति और निर्माण की संभावनाओं पर हुई चर्चा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से रविवार को देहरादून स्थित मुख्यमंत्री आवास में प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार ने शिष्टाचार भेंट की. इस दौरान उत्तराखंड की फिल्म नीति, प्रदेश में फिल्म निर्माण की संभावनाओं तथा फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने के संबंध में चर्चा हुई. बता दें कि फिल्म अभितेनेता अक्षय कुमार इन दिनों मसूरी और लंढौर क्षेत्र में अपनी आगामी फिल्म की शूटिंग कर रहे हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देश के प्रमुख फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर चुका है. प्रदेश की नैसर्गिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, विविध भौगोलिक परिस्थितियां और फिल्म निर्माण के अनुकूल वातावरण लगातार फिल्म निर्माताओं को आकर्षित कर रहे हैं. उत्तराखंड में बड़े फिल्म प्रोजेक्ट्स की शूटिंग से फिल्म डेस्टिनेशन के रूप में प्रदेश की पहचान और मजबूत हो रही है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लागू की गई उत्तराखंड फिल्म नीति-2024 के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं. फिल्म निर्माताओं को सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से शूटिंग की अनुमति सहित विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. इसके साथ ही फिल्म निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए अनुदान की व्यवस्था भी की गई है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास उत्तराखंड में अधिक से अधिक फिल्मों की शूटिंग को प्रोत्साहित करने के साथ ही स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करना है. प्रदेश में फिल्म निर्माण की गतिविधियां बढ़ने से पर्यटन, होटल व्यवसाय, परिवहन और अन्य स्थानीय व्यवसायों को भी लाभ मिल रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार फिल्म निर्माताओं को हरसंभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है.

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  Sports

संजू सैमसन के समर्थन में उतरे चेतेश्वर पुजारा, बोले- बस एक बड़ी पारी का इंतजार, फिर लौट आती है पुरानी लय

पूर्व भारतीय क्रिकेटर चेतेश्वर पुजारा ने टी20 क्रिकेट में संजू सैमसन का समर्थन करते हुए कहा कि बेशक उनकी निरंतरता को लेकर सवाल उठते हैं, लेकिन एक बड़ी पारी उन्हें वापस लय में ले आती है. इसके साथ ही, पुजारा का मानना है कि टी20 क्रिकेट में शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों की निरंतरता को बहुत बढ़ा-चढ़ाकर आंका जाता है. Sun, 18 Oct 2026 14:37:55 +0530

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