Gwalior में शीतला माता मंदिर के पास अनियंत्रित ट्रक ने भक्तों को कुचला, 14 लोगों की गई जान
मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले में शनिवार देर रात एक तेज रफ्तार ट्रक ने मंदिर के बाहर कई श्रद्धालुओं को कुचल दिया और फिर मंदिर के प्रवेश द्वार से टकरा गया। इस हादसे में 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि 28 अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि हादसे में मंदिर की दीवार भी क्षतिग्रस्त होकर गिर गई। घायलों में से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। यह हादसा शनिवार देर रात करीब डेढ़ बजे चिनोर रोड पर ढलान के पास स्थित शीतला माता मंदिर के बाहर हुआ।
अधिकारियों ने बताया कि पंजाब के पंजीकरण नंबर वाले ट्रक के प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने से मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। एक अधिकारी ने बताया कि ट्रक ने कई श्रद्धालुओं और सड़क किनारे स्थित दुकानों को टक्कर मारने के बाद मंदिर के प्रवेश द्वार को टक्कर मार दी। जांच से जुड़े एक अधिकारी ने आशंका जताई कि ट्रक के ब्रेक फेल हो गए होंगे, जिसके बाद चालक ने वाहन पर नियंत्रण पाने की कोशिश में उसे बाईं ओर मोड़ दिया।
उन्होंने कहा कि यदि ट्रक सीधे आगे बढ़ता, तो 600 से 700 श्रद्धालु उसकी चपेट में आ सकते थे। ग्वालियर रेंज के कार्यवाहक पुलिस महानिरीक्षक असित यादव ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि हादसे में 14 लोगों की मौत हुई है और 28 अन्य घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि टक्कर के प्रभाव से मंदिर के बाईं ओर की दीवार गिर गई।
इससे पहले, पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने हादसे में करीब 40 लोगों के घायल होने की जानकारी दी थी। पुलिस ने बताया कि ट्रक चालक घटनास्थल से फरार हो गया और उसकी तलाश में टीमें लगाई गई हैं। यादव से जब पूछा गया कि ट्रक प्रतिबंधित क्षेत्र में कैसे दाखिल हुआ, तो उन्होंने कहा कि इस संबंध में हुई चूक की जांच की जाएगी।
हादसे के बाद शवों और घायलों को ग्वालियर के ट्रॉमा सेंटर सहित विभिन्न अस्पतालों में पहुंचाया गया। ट्रॉमा सेंटर में पोस्टमार्टम केंद्र के पास मृतकों के परिजन एकत्र हुए और हादसे को लेकर नाराजगी जताई। कई लोगों ने सवाल उठाया कि भारी ट्रक उस इलाके में कैसे पहुंच गया जहां साइकिल तक का निकलना मुश्किल है।
हादसे में जान गंवाने वाली सरला तोमर के भतीजे लोकेन्द्र सिंह तोमर ने सवाल किया कि सुरक्षा व्यवस्था होने के बावजूद ट्रक को मंदिर परिसर में प्रवेश की अनुमति कैसे मिली। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि उनकी बुआ मंदिर में दर्शन करने जा रही थीं। उन्होंने हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों से जवाब मांगा।
हादसे में जान गंवाने वालों में ग्वालियर के हजीरा क्षेत्र के गड़ईपुर निवासी 23 वर्षीय पवन राठौर भी शामिल हैं। उनका परिवार गहरे शोक के बीच शव अपने साथ ले गया। घायल श्रद्धालु निकेश के रिश्तेदार संदीप ने बताया कि परिवार को सुबह करीब पांच बजे फोन आया कि निकेश मंदिर में हादसे में घायल हो गया है।
उन्होंने कहा कि अस्पताल पहुंचने पर निकेश की हालत गंभीर थी, उसके दोनों पैर टूट गए हैं और उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है। हादसे में जान गंवाने वाले दिव्यांश की परिजन सावित्री ने बताया कि मंदिर में दर्शन के बाद समूह के बाहर आने पर परिवार को दिव्यांश के लापता होने का पता चला। उन्होंने उसकी तलाश की और पुलिस को भी सूचना दी, लेकिन शुरुआत में उसका पता नहीं चल सका।
बाद में परिवार मंदिर के अंदर गया, जहां उन्होंने दिव्यांश की पहचान की। हादसे में घायल एक व्यक्ति के बहनोई गजेंद्र प्रजापति ने बताया कि उनके रिश्तेदार की मंदिर में दुकान है और हादसे में वह भी घायल हुआ है।
Kolkata के Chorbagan Sarbojanin Durga Puja Pandal में भगदड़, 19 की मौत; आयोजकों समेत 7 गिरफ्तार
कोलकाता में शनिवार शाम दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ मचने से 19 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। मामले में पुलिस ने आयोजकों समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस मामले में हत्या के बराबर नहीं माने जाने वाली गैर इरादतन हत्या का मामला भी दर्ज किया है।
भारी बारिश के बीच मची भगदड़
यह घटना शनिवार शाम करीब 7:40 बजे चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई। सप्तमी के दिन यहां बड़ी संख्या में लोग पूजा देखने पहुंचे थे। इसी दौरान तेज बारिश के बीच भगदड़ मच गई।
पुलिस ने चोरबागान दुर्गा पूजा समिति के सचिव राज कुमार सेवड़ा और उपाध्यक्ष शांतनु दुबे को भी गिरफ्तार किया है। इनके अलावा बांस का ढांचा तैयार करने वाले बिप्लब मुखर्जी, भीड़ संभालने की जिम्मेदारी वाले कौशिक साहा और पिंटू डे तथा निजी सुरक्षा के प्रभारी सुमन चक्रवर्ती और राजेश पाल को गिरफ्तार किया गया है।
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लाउडस्पीकर से हुई घोषणा के बाद बढ़ी भीड़
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि चोरबागान में आयोजित दुर्गा पूजा के आयोजकों की ओर से की गई एक घोषणा के बाद लोगों में अचानक तेजी से आगे बढ़ने की स्थिति बनी, जिससे यह दर्दनाक घटना हुई।
उन्होंने कोलकाता मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में घायलों से मिलने के बाद पत्रकारों से कहा, "मौके पर अधिकारियों की शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह घटना पूजा आयोजकों की ओर से लाउडस्पीकर पर की गई घोषणा के कारण हुई।" हालांकि, लाउडस्पीकर पर आखिर क्या घोषणा की गई थी, यह तुरंत साफ नहीं हो पाया।
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निजी सुरक्षाकर्मियों की सीटी को लेकर भी दावा
अधिकारी ने यह भी बताया कि दो मृतकों के परिवार वालों ने दावा किया है कि पंडाल में निजी सुरक्षाकर्मियों के सीटी बजाने के बाद वहां मौजूद लोगों में अचानक भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। परिवार वालों के मुताबिक, उस समय कई लोग पंडाल में जाने के लिए इंतजार कर रहे थे। सीटी बजने के बाद लोगों में तेजी से आगे बढ़ने की स्थिति बनी, जिससे भगदड़ मच गई।
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