Tiger Shroff की कार पर मुंबई में फायरिंग, विपक्ष ने कानून-व्यवस्था पर सरकार को घेरा
विपक्षी दलों ने रविवार को मुंबई में बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी की घटना को लेकर महाराष्ट्र सरकार की आलोचना की और आरोप लगाया कि शहर तथा राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ गई है। कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि मुंबई में अराजकता का माहौल दिखाई दे रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहने का आरोप लगाया।
फडणवीस के पास गृह विभाग की जिम्मेदारी भी है। सावंत ने महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या, अभिनेता सलमान खान के आवास के बाहर हुई गोलीबारी और अभिनेताओं तथा फिल्म निर्माताओं को मिल रही धमकियों का जिक्र करते हुए असामाजिक तत्वों पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि स्थिति इस हद तक बिगड़ गई है कि पहले महाराष्ट्र की तुलना बिहार से करने वाले लोग अब कह रहे हैं कि बिहार भी इससे बेहतर है।
पुलिस के अनुसार, रविवार शाम मुंबई के जुहू इलाके में बंदूकधारियों ने अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी की। हालांकि, अभिनेता को कोई चोट नहीं आयी। पुलिस ने बताया कि गोलीबारी में उनका चालक और एक ऑटोरिक्शा चालक घायल हो गए।
कांग्रेस की मुंबई इकाई की अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ ने महाराष्ट्र के लिए अलग गृह मंत्री नियुक्त करने की मांग की और मौजूदा स्थिति के लिए फडणवीस को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने एक वीडियो जारी कर पूछा, ‘‘क्या मुंबई में कानून-व्यवस्था बची है? क्या पुलिस का पहले जैसा रुतबा और सम्मान रह गया है?
क्या अपराधी पुलिस से डरते हैं?’’ लोकसभा सदस्य गायकवाड़ ने कहा कि कांग्रेस लगातार महाराष्ट्र के लिए अलग गृह मंत्री नियुक्त करने की मांग करती रही है। उन्होंने कहा, ‘‘अगर अभिनेता और नेता ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा के बारे में क्या कहा जाए?’’ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने कहा कि यह घटना ठाणे में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता प्रदीप पूर्णेकर की हाल में हुई हत्या के कुछ दिन बाद सामने आई है। पवार ने कहा कि अभिनेता की कार पर गोलीबारी की घटना चिंताजनक है, हालांकि अभिनेता सुरक्षित बच गए।
उन्होंने मुंबई में फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी के जुहू स्थित आवास के बाहर हुई गोलीबारी जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि देश की आर्थिक राजधानी में इस तरह की वारदातों से निवेशकों का भरोसा कमजोर हो सकता है। पवार ने कहा कि यदि स्थिति संभालना मुश्किल हो गया है, तो गृह विभाग की जिम्मेदारी किसी ‘‘काबिल मंत्री’’ को सौंप दी जानी चाहिए। एक अधिकारी ने बताया कि गोलीबारी की घटना पश्चिमी उपनगर में जुहू पुलिस थाने के अधिकार क्षेत्र के तहत पुष्पा पार्क के पास हुई।
उन्होंने कहा कि घटना से पहले और उसके दौरान हुए घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारी ने बताया, ‘‘श्रॉफ सुरक्षित हैं और गोलीबारी की घटना में उन्हें कोई चोट नहीं आई है।’’
कासगंज में डेढ़ माह का बच्चा 2 लाख में बेचा, मां और डॉक्टर दंपति समेत पांच गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में डेढ़ माह के एक बच्चे की कथित तौर पर खरीद-फरोख्त के मामले में पुलिस ने बच्चे की मां, एक चिकित्सक और उसकी पत्नी समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। कासगंज के पुलिस अधीक्षक (एसपी) ओपी सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बच्चे की मां, जो जिले के सोरों थाना क्षेत्र के बनूपुर पुख्ता की निवासी है, सलेमपुर निवासी डॉ. अरुण कुमार और उनकी पत्नी तथा हाथरस जिले के सिकंदराराऊ थाना क्षेत्र के बारासरी निवासी महिपाल और उनकी पत्नी के रूप में हुई है।
उन्होंने बताया कि महिपाल और उनकी पत्नी ने चिकित्सक दंपति के माध्यम से बच्चे को दो लाख रुपये में खरीदा था। पुलिस ने बच्चे को सकुशल बरामद करने के साथ ही खरीद-फरोख्त की रकम में से 80 हजार रुपये भी बरामद किए हैं। एसपी ने संवाददाताओं को बताया कि सोरों थाना क्षेत्र के बनूपुर पुख्ता निवासी अरविंद ने 17 अक्टूबर को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।
उसने बताया कि वह फरीदाबाद में सोनपापड़ी बनाने वाली एक कंपनी में काम करता है। शिकायत के अनुसार, अरविंद की पत्नी ने उसे फोन पर बताया था कि वह 16 अक्टूबर को अपने डेढ़ माह के बेटे को दवा दिलाने के लिए कासगंज गई थी। कासगंज बस अड्डे पर उसने बच्चे को एक अज्ञात महिला के पास छोड़ा और लघुशंका के लिए चली गई।
वापस लौटने पर महिला बच्चे के साथ गायब थी। शिकायतकर्ता को बाद में कथित तौर पर पता चला कि उसकी पत्नी ने डॉ. अरुण कुमार और उनकी पत्नी के साथ मिलकर बच्चे को एक दंपति को बेच दिया था। इस मामले में सोरों थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस के मुताबिक, एसपी के निर्देशन में क्षेत्राधिकारी (नगर) आंचल चौहान के नेतृत्व में सोरों थाना पुलिस और जिला विशेष अभियान समूह (एसओजी) की टीम ने शनिवार को चंदपुरा-गऊपुरा कट के पास बने यात्री प्रतीक्षालय से पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया। एसपी ओपी सिंह ने बताया कि पूछताछ के दौरान बच्चे की मां ने कथित तौर पर बताया कि उसे बच्चे को बेचने के बदले 1.30 लाख रुपये मिले थे। इनमें से 1.20 लाख रुपये उसके बैंक खाते में जमा किए गए थे, जबकि 10 हजार रुपये नकद खर्च कर दिए गए।
उन्होंने बताया कि चिकित्सक अरुण कुमार और उनकी पत्नी ने कथित तौर पर पूछताछ में बताया कि उन्होंने बच्चे की मां के खाते में 1.20 लाख रुपये जमा कराए थे और 10 हजार रुपये नकद दिए थे। शेष 70 हजार रुपये में से 10 हजार रुपये खर्च कर दिए गए, जबकि 60 हजार रुपये एक कमरे और सोरों के लहरा रोड स्थित दुकान में रखे गए थे। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर यह रकम बरामद कर ली।
महिपाल और उनकी पत्नी ने पूछताछ में कथित तौर पर बताया कि उन्होंने चिकित्सक दंपति के माध्यम से बच्चे की मां की सहमति से दो लाख रुपये में बच्चा खरीदा था। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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