इमरान खान भारत छोड़ने के नोटिस के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे:नोटिस को गैरकानूनी बताया; एक्टर से OCI कार्ड रद्द करने को लेकर मांगा गया जवाब
एक्टर और अमेरिकी नागरिक इमरान खान ने भारत छोड़ने के नोटिस को शनिवार को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी। उन्होंने इसे मनमाना, गैरकानूनी और असंवैधानिक बताया है। मुंबई के फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) ने शनिवार को उन्हें दूसरा नोटिस भी भेजा। इसमें पूछा गया है कि उनका ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड क्यों न रद्द किया जाए। इमरान को जवाब देने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। पहले नोटिस में उन्हें 28 अक्टूबर से पहले भारत छोड़ने को कहा गया था। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, इमरान ने अपने वकील जुल्फिकार मेमन और MZM लीगल के जरिए याचिका दायर की। याचिका में कहा गया कि मौजूदा कानून या नियमों में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जो OCI कार्डधारक को शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने से रोकता हो। इमरान की ओर से कहा गया कि पुलिस ने नोटिस जारी करते समय कोई वजह नहीं बताई और न ही इसके समर्थन में दस्तावेज दिए। उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका भी नहीं मिला। याचिका में 10 अक्टूबर को पुलिस हिरासत में लिए जाने को भी गलत बताया गया है। इमरान ने कहा कि नोटिस से संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ कार्रवाई एक राजनीतिक दल के नेता की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के बाद हुई। याचिका में सवाल उठाया गया कि उचित कानूनी प्रक्रिया और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन क्यों नहीं किया गया। इमरान ने नोटिस जारी करने का आधार भी जानना चाहा है। इस मामले में चीफ जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी और जस्टिस अद्वैत सेठना की बेंच के सामने जल्द सुनवाई की मांग की जा सकती है। 10 अक्टूबर को प्रदर्शन में पहुंचे थे इमरान इमरान खान ने 10 अक्टूबर को मुंबई में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। अगस्त क्रांति मैदान से पहले बैरिकेड पर पुलिस ने उन्हें रोक दिया था। इसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया। इमरान ने कहा कि बाद में उन्हें मीडिया से पता चला कि मामले में उनका नाम FIR में दर्ज है। उनकी लीगल टीम ने पुलिस से इलाके के CCTV फुटेज देने की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वह प्रदर्शन में शामिल थे या नहीं। उनके वकील ने बताया कि इमरान उस दिन नाना चौक से गुजर रहे थे। रास्ता बंद होने और मीडियाकर्मियों के सवाल पूछने पर उन्होंने बयान दिया था। हिरासत में लिए जाने से पहले इमरान ने कहा था कि वह एक शहरवासी के तौर पर वहां की पाबंदियों और लोगों की दबती आवाज को देखने आए थे। किरीट सोमैया की शिकायत से शुरू हुआ पूरा विवाद इस पूरे मामले की शुरुआत बीजेपी के पूर्व सांसद किरीट सोमैया की शिकायत के बाद हुई थी। सोमैया ने मुंबई पुलिस और एफआरआरओ को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि अमेरिकी नागरिक होने के नाते इमरान खान का राजनीतिक प्रदर्शन में शामिल होना OCI नियमों और वीजा शर्तों का सीधा उल्लंघन है। नागरिकता कानून के मुताबिक, ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्डधारकों को भारत में रहने और आने-जाने की सुविधा मिलती है, लेकिन उन्हें भारत में कोई राजनीतिक अधिकार या आंदोलन में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं होती। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए सीजेपी के प्रदर्शन में शामिल होने के कारण ही यह पूरी कानूनी कार्रवाई शुरू हुई है। इमरान की कमबैक फिल्म की रिलीज पर असर मिड-डे की रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान खान की कमबैक फिल्म ‘अधूरे हम अधूरे तुम’ की रिलीज और प्रमोशन पर असर पड़ सकता है। फिल्म को दिसंबर में नेटफ्लिक्स पर रिलीज करने की योजना थी। इमरान दिवाली के बाद इसका प्रमोशन शुरू करने वाले थे, लेकिन मौजूदा हालात के कारण योजना पर सवाल खड़े हो गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म की टीम स्थिति साफ होने तक प्रमोशन शुरू नहीं करना चाहती। हालांकि, फिल्म की आधिकारिक रिलीज डेट अब तक सामने नहीं आई है। इमरान आखिरी बार 2015 में आई फिल्म ‘कट्टी बट्टी’ में नजर आए थे। करीब 11 साल बाद वह भूमि पेडनेकर के साथ फिल्म ‘अधूरे हम अधूरे तुम’ से वापसी करने वाले हैं। इमरान को लेकर फिल्मी हस्तियों की अलग-अलग राय इमरान को नोटिस मिलने पर फिल्ममेकर किरण राव ने इंस्टाग्राम पर नाराजगी जताई। उन्होंने लिखा, “वाह, अब यह मुंबई पुलिस कर रही है?” एक्ट्रेस सबा आजाद ने भी कार्रवाई को गलत बताया। दूसरी ओर, अभिनेता रजा मुराद ने कार्रवाई का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि किसी विदेशी नागरिक को भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने का अधिकार नहीं है। अभिनेता गजेंद्र चौहान ने भी FRRO और सरकार के कदम की तारीफ की। उन्होंने इमरान को 28 अक्टूबर तक का समय देने के बजाय 24 घंटे में देश से बाहर करने की मांग की। ………….. ये खबर भी पढ़ें… इमरान खान को छोड़ना होगा भारत:अक्षय कुमार, अदनान सामी की नागरिकता पर भी हुआ विवाद, आलिया-कटरीना इंडियन नहीं, जानिए क्या हैं नियम और विवाद एक्टर इमरान खान के खिलाफ भारतीय नागरिकता न होने के बावजूद प्रोटेस्ट में शामिल होने पर शिकायत दर्ज हुई है। मुंबई पुलिस ने उन पर कार्रवाई करते हुए 28 अक्टूबर तक देश छोड़ने का आदेश दिया है। ये इस तरह का इकलौता मामला नहीं है। पूरी खबर पढ़ें…
जालंधर में वाल्मीकि जयंती पर हरियाणा सीएम चीफ गेस्ट होंगे:नायब सैनी दलित समुदाय से संवाद भी करेंगे; आयोजक बोले- 50 हजार लोग शामिल होंगे
पंजाब के जालंधर में वाल्मीकि जयंती के कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि होंगे। वाल्मीकि जयंती 26 अक्टूबर को है, लेकिन राज्य में करीब एक हफ्ते पहले से ही कार्यक्रम शुरू हो जाते हैं। 18 अक्टूबर को जालंधर से अमृतसर के श्री रामतीर्थ तक विशाल तीर्थयात्रा निकाली जाएगी। इसमें करीब 50 हजार लोगों के शामिल होने का अनुमान है। पंजाब में दलित समुदाय की आबादी करीब 32% पंजाब में दलित समुदाय की आबादी करीब 32% है। इसमें वाल्मीकि समुदाय की बड़ी हिस्सेदारी है। इसलिए राज्य में वाल्मीकि जयंती बड़े उत्सव के रूप में मनाई जाती है। हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी श्रद्धालुओं की बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इस दौरान वे वाल्मीकि समुदाय के लोगों को संबोधित करेंगे और खास संदेश देंगे। चुनाव से पहले पहली बार वे इतनी बड़ी संख्या में वाल्मीकि समुदाय के लोगों के बीच अपनी बात रखेंगे। कार्यक्रम में राज्य से 1 हजार बसें शामिल होंगी कार्यक्रम की अध्यक्षता पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों करेंगे। भगवान वाल्मीकि उत्सव कमेटी के प्रधान विपन सभ्रवाल ने बताया कि शांति नगर स्थित भगवान वाल्मीकि आश्रम में 15 अक्टूबर से उत्सव शुरू हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 18 अक्टूबर को दोपहर 1 बजे आश्रम पहुंचकर माथा टेकेंगे। इसके बाद वे पैदल मार्च में शामिल होंगे, लोगों को संबोधित करेंगे और तीर्थयात्रा की बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। कमेटी के पदाधिकारियों के मुताबिक, यात्रा में पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से करीब 1 हजार बसें शामिल होंगी। इनके जरिए लगभग 50 हजार श्रद्धालु यात्रा में पहुंचेंगे। आयोजकों ने बताया कि इस तीर्थयात्रा का उद्देश्य भगवान वाल्मीकि के प्रति श्रद्धा जताने के साथ उनकी शिक्षाओं, समानता और सामाजिक समरसता का संदेश लोगों तक पहुंचाना है। श्री रामतीर्थ पहुंचकर श्रद्धालु भगवान वाल्मीकि के पवित्र स्थल पर नमन करेंगे। सामाजिक और सांस्कृतिक जुड़ाव का अवसर हरियाणा के मुख्यमंत्री और पंजाब के प्रमुख नेताओं के शामिल होने से इस आयोजन पर सामाजिक और राजनीतिक हलकों की नजर रहेगी। यह कार्यक्रम पंजाब और हरियाणा के बीच सामाजिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने का मौका भी होगा। आयोजकों ने बताया कि यात्रा का उद्देश्य भगवान वाल्मीकि की शिक्षाओं का प्रचार करना और समाज में भाईचारे, समानता व समरसता को बढ़ावा देना है। उन्होंने श्रद्धालुओं से यात्रा में शामिल होने की अपील की।
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