यूएई के बजाय अब अमेरिका से सोना-चांदी का आयात बढ़ाएगा भारत
नई दिल्ली, 16 फरवरी (आईएएनएस)। भारत ने अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए पहले ही अमेरिका से तेल और गैस की खरीद बढ़ाई है। अब सरकार की योजना कीमती धातुओं के आयात में भी बदलाव करने की है। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, भारत अब यूएई के बजाय अमेरिका से अधिक सोना और चांदी खरीदने की तैयारी कर रहा है।
इस कदम से सोना-चांदी की कीमतों में कमी आने की उम्मीद है और अमेरिका के साथ व्यापार संतुलन (ट्रेड सरप्लस) भी कम हो सकता है।
अमेरिका सोना और चांदी के व्यापार का एक बड़ा वैश्विक केंद्र है। वह सोना (जिसमें स्क्रैप और वेस्ट भी शामिल है) और चांदी का बड़े पैमाने पर निर्यात करता है। हाल के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका कनाडा, भारत और ब्रिटेन जैसे देशों को अरबों डॉलर की कीमती धातुएं निर्यात करता है। इन निर्यातों में कच्चा, परिष्कृत और आभूषण रूप में तैयार सोना-चांदी शामिल होता है।
भारत अमेरिका को लगभग 2.8 अरब डॉलर के कृषि उत्पाद निर्यात करता है, जबकि अमेरिका से करीब 1.5 अरब डॉलर का आयात करता है। इस तरह गैर-समुद्री कृषि उत्पादों में भारत को करीब 1.3 अरब डॉलर का व्यापारिक अधिशेष (सरप्लस) हासिल है।
अधिकारी ने बताया कि भारत में आयात होने वाले किसी भी कृषि उत्पाद को जैव-सुरक्षा मानकों को पूरा करना होगा। देश में जेनेटिकली मॉडिफाइड (जीएम) खाद्य पदार्थों की अनुमति नहीं है। अमेरिका से आयात होने वाले कुछ कृषि उत्पादों पर टैरिफ रेट कोटा (टीआरक्यू) भी लागू है।
भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता भारत के डेटा सेंटर उद्योग के लिए बड़ा अवसर साबित हो सकता है। इससे उन्नत तकनीक तक पहुंच, निवेश में वृद्धि और परिचालन लागत में कमी आएगी।
पहले एंटरप्राइज जीपीयू सर्वर पर 20 से 28 प्रतिशत तक आयात शुल्क लगता था, जिससे भारत में डेटा सेंटर स्थापित करना सिंगापुर जैसे देशों की तुलना में महंगा पड़ता था। अब शुल्क में कटौती से जीपीयू-तैयार डेटा सेंटर स्थापित करने की लागत लगभग 14 प्रतिशत तक कम होने की संभावना है।
आधिकारिक बयान के अनुसार, भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत व्यापक टैरिफ कटौती, कई उत्पाद श्रेणियों में शून्य शुल्क पहुंच, डिजिटल और तकनीकी सहयोग में वृद्धि तथा किसानों, एमएसएमई और घरेलू उद्योगों की सुरक्षा के लिए संतुलित ढांचा तैयार किया गया है।
साल 2024 में अमेरिका को भारत का कुल निर्यात 86.35 अरब डॉलर रहा। इस समझौते से टेक्सटाइल, लेदर, रत्न एवं आभूषण, कृषि, मशीनरी, होम डेकोर, फार्मास्यूटिकल और टेक्नोलॉजी आधारित उद्योगों को बड़ा लाभ मिलेगा।
समझौते के तहत 30.94 अरब डॉलर के निर्यात पर लगने वाला शुल्क 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीं 10.03 अरब डॉलर के निर्यात पर शुल्क 50 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दिया गया है। इससे बड़ी मात्रा में भारतीय उत्पाद अमेरिकी बाजार में कम शुल्क या पूरी तरह शुल्क-मुक्त पहुंच के साथ प्रवेश कर सकेंगे, जिससे उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता काफी बढ़ेगी।
--आईएएनएस
डीबीपी/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
जयपुर में शराब कारोबारियों की हड़ताल, बिक्री समय बढ़ाने की मांग
जयपुर, 16 फरवरी (आईएएनएस)। राजस्थान की राजधानी जयपुर में सोमवार को शराब कारोबारियों ने अपनी दुकानों को बंद रखकर हड़ताल की और झालाना स्थित आबकारी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। कारोबारियों ने शराब बिक्री के समय में बढ़ोतरी और कथित पुलिस उत्पीड़न पर रोक लगाने की मांग उठाई।
हड़ताल का शहर में मिला-जुला असर देखने को मिला। अधिकांश दुकानदारों ने बंद का समर्थन किया, जबकि कुछ दुकानें शुरुआत में खुली रहीं, जिन्हें बाद में व्यापारिक संगठन के पदाधिकारियों ने समझाकर बंद कराया।
सैकड़ों कारोबारी ‘राज लिकर वेलफेयर सोसायटी’ के बैनर तले एकत्र हुए और रैली निकालते हुए आबकारी कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शन मुख्य रूप से राज्य सरकार की नई आबकारी नीति के विरोध में किया गया। खासकर शराब बिक्री लक्ष्य में प्रस्तावित 12.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी को लेकर कारोबारियों में नाराजगी है।
सोसायटी के अध्यक्ष निलेश मेवाड़ा ने आरोप लगाया कि सरकार ने बिक्री लक्ष्य तो बढ़ा दिया है, लेकिन पूर्व में किए गए वादे के अनुरूप बिक्री समय में बढ़ोतरी नहीं की गई। इससे कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा है।
प्रदर्शनकारी प्रतिनिधिमंडल ने जिला आबकारी अधिकारी महिपाल सिंह से मुलाकात कर अपनी मांगों और शिकायतों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बढ़े हुए वित्तीय लक्ष्यों और नियमित जांच के दौरान स्थानीय पुलिस द्वारा कथित उत्पीड़न का मुद्दा उठाया गया।
बाद में एक अन्य प्रतिनिधिमंडल ने सचिवालय में आबकारी आयुक्त शिवप्रकाश नाकाते से भी मुलाकात की। कारोबारियों के अनुसार, आयुक्त ने उनकी मांगों पर सरकार स्तर पर सकारात्मक विचार का आश्वासन दिया। साथ ही, पुलिस उत्पीड़न की शिकायतों को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से तत्काल बातचीत करने का भी भरोसा दिलाया।
आयुक्त के हस्तक्षेप और पुलिस अधिकारियों से मिले आश्वासन के बाद कारोबारियों ने हड़ताल वापस लेने का फैसला किया। दोपहर करीब 2 बजे से जयपुर में शराब की दुकानें फिर से खुलने लगीं और शहर में सामान्य कारोबार बहाल हो गया।
--आईएएनएस
डीएससी
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