ग्रेटर नोएडा में पांच मौतों के मामले में आया नया मोड़, मोबाइल में मिले ऑडियो से मचा हड़कंप; मृतक की दो बहनों और बहनोई के खिलाफ FIR दर्ज
Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश) के रबूपुरा में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत के मामले में नया मोड़ सामने आया है. पुलिस को मृतक महेश के मोबाइल फोन से एक कथित वॉइस नोट मिला है. इसमें महेश ने अपनी दो बहनों और एक बहनोई को परिवार की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है. इस ऑडियो के सामने आने के बाद पुलिस पारिवारिक विवाद और प्रताड़ना के आरोपों की भी जांच कर रही है. मृतका ललिता के भाई की शिकायत पर तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है.
पाकिस्तान से संचालित नेटवर्क से जुड़े होने का आरोप, हमले में पुलिसकर्मियों को नुकसान पहुंचाने और आम लोगों में दहशत फैलाने की थी साजिश
हरियाणा के सिरसा में महिला पुलिस थाने के पास हुए ग्रेनेड हमले के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने चार और आरोपियों के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है। NIA ने 17 अक्टूबर 2026 को पंचकूला की विशेष अदालत में राजबीर सिंह उर्फ फौजी, वेद प्रकाश उर्फ पम्मा, जीवनजोत सिंह ग्रेवाल उर्फ ज्योति और चिराग ठकराल के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। यह हमला 25 नवंबर 2025 को सिरसा के महिला पुलिस थाने के पास हुआ था।
जांच एजेंसी के मुताबिक, इस हमले के पीछे सीमा पार से संचालित आतंकी नेटवर्क की साजिश थी। आरोप है कि इस नेटवर्क का मकसद पुलिसकर्मियों को नुकसान पहुंचाने के साथ आम लोगों के बीच डर और दहशत फैलाना था।
*पहले 9 आरोपियों के खिलाफ दाखिल हो चुकी है चार्जशीट*
इस मामले में शुरुआत में सिरसा के सिविल लाइन थाने में 26 नवंबर 2025 को FIR नंबर 710/2025 दर्ज की गई थी। बाद में NIA ने 30 दिसंबर 2025 को इस मामले को अपने हाथ में लेकर RC-24/2025/NIA/DLI के तहत दोबारा दर्ज किया।
NIA इससे पहले 24 मई 2026 को पंचकूला की विशेष अदालत में नौ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इनमें पाकिस्तानी नागरिक शहजाद भट्टी और सोहेल अहमद उर्फ सोहेल बलोच भी शामिल हैं। अब चार और आरोपियों के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल किया गया है।
*सीमा पार नेटवर्क के साथ मिलकर काम करने का आरोप*
NIA की जांच के मुताबिक, राजबीर सिंह उर्फ फौजी भारत में इस सीमा पार नेटवर्क के समन्वयक के तौर पर काम कर रहा था। आरोप है कि वह विदेश में बैठे हैंडलरों के संपर्क में था और भारत में हथियारों, हैंड ग्रेनेड तथा मादक पदार्थों के संग्रह और उनकी आवाजाही में मदद करता था।
जांच एजेंसी का आरोप है कि राजबीर सिंह के निर्देश पर चिराग ठकराल, जीवनजोत सिंह ग्रेवाल उर्फ ज्योति और वेद प्रकाश उर्फ पम्मा ने सिरसा महिला पुलिस थाने के पास हुए हमले में इस्तेमाल विस्फोटकों की आवाजाही में अहम भूमिका निभाई।
NIA के अनुसार, हमला शहजाद भट्टी के नेटवर्क से जुड़े लोगों ने एक संगठित साजिश के तहत किया था। जांच में इस साजिश के तार विदेश में बैठे हैंडलरों और सीमा पार सक्रिय आतंकी नेटवर्क से जुड़ने की बात सामने आई है।
*UAPA और विस्फोटक कानून की धाराओं में आरोप*
चारों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 61(2) के साथ धारा 109 और 238, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 की धारा 5 और 6 तथा गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), 1967 की धारा 18, 18B और 20 के तहत आरोप लगाए गए हैं।
NIA ने कहा है कि मामले की आगे की जांच जारी है। एजेंसी का लक्ष्य साजिश में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करना और हमले के पीछे सक्रिय पूरे सीमा पार नेटवर्क का पता लगाना है।
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