'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' में दिखेगा भारतीय गेमिंग स्टार्टअप्स का दम, 5 स्टार्टअप पेश करेंगे एआई आधारित गेमिंग नवाचार
नई दिल्ली, 16 फरवरी (आईएएनएस)। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के गेमिंग और इंटरैक्टिव टेक्नोलॉजी वर्ग में पांच भारतीय स्टार्टअप अपने एआई आधारित समाधान पेश करेंगे।
सरकार के अनुसार, ये स्टार्टअप दिखाएंगे कि एआई, गेमिंग, इमर्सिव मीडिया और एंटरप्राइज बदलाव के क्षेत्र में भारत की भूमिका तेजी से मजबूत हो रही है। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इन स्टार्टअप्स की भागीदारी एआई-आधारित गेमिंग, इमर्सिव अनुभव, कॉग्निटिव ट्रांसफॉर्मेशन और इंटरैक्टिव स्टोरीटेलिंग में भारत की बढ़ती क्षमता को दर्शाती है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अनुसार, एक स्टार्टअप ऐसा एआई प्लेटफॉर्म पेश करेगा जो गेम के लिए कैरेक्टर डिजाइन, बैकग्राउंड, यूआई एलिमेंट, स्टोरीबोर्ड और एनिमेशन जैसे तैयार गेम एसेट्स तेजी और सटीकता के साथ बना सकेगा। दूसरा स्टार्टअप 1.8 करोड़ से अधिक वैश्विक यूजर्स वाला मल्टीप्लेयर क्रिकेट गेम और जेनरेटिव एआई आधारित रियल-टाइम कमेंट्री इंजन प्रदर्शित करेगा। तीसरा स्टार्टअप एक ऐसा मोबाइल हैंडहेल्ड गेमिंग सिस्टम दिखाएगा, जो स्मार्टफोन को कंसोल-स्तर के गेमिंग डिवाइस में बदलने के लिए डिजाइन किया गया है।
मंत्रालय ने कहा कि इन स्टार्टअप्स की मौजूदगी देश के उस बड़े लक्ष्य को दिखाती है, जिसके तहत भारत एआई-आधारित वैश्विक स्तर के प्लेटफॉर्म तैयार करना चाहता है और अगली पीढ़ी की डिजिटल नवाचार में अग्रणी बनना चाहता है।
समिट के दौरान एक विशेष पैनल चर्चा भी आयोजित होगी, जिसमें वैश्विक निवेशक और उद्योग विशेषज्ञ भारत में एआई-आधारित गेम डेवलपमेंट और इंटरैक्टिव मीडिया में बढ़ते निवेश और अवसरों पर चर्चा करेंगे। इस सत्र में निवेश के नए रुझान, एआई से जुड़ी उत्पादन प्रक्रियाएं, कौशल विकास और जरूरी नीतियों पर विचार किया जाएगा।
यह समिट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित एक प्रमुख वैश्विक सम्मेलन है, जिसमें सरकारें, तकनीकी कंपनियां, स्टार्टअप, निवेशक, शोधकर्ता और नीति निर्माता शामिल होंगे। कार्यक्रम में 13 देशों के पवेलियन भी लगाए जाएंगे, जिनमें ऑस्ट्रेलिया, जापान, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, स्विट्जरलैंड, सर्बिया, एस्टोनिया, ताजिकिस्तान सहित अफ्रीकी देशों की भागीदारी शामिल है।
नीति निर्माताओं ने यह भी कहा कि एआई आधारित समृद्धि की दिशा में पहला कदम शिक्षा और बुनियादी कौशल सुधार से शुरू होना चाहिए।
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डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026: पहले दिन 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष, 60 मंत्री और 500 ग्लोबल एआई लीडर्स ने लिया हिस्सा
नई दिल्ली, 16 फरवरी (आईएएनएस)। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 की शुरुआत सोमवार से नई दिल्ली में हो गई। इस वैश्विक सम्मेलन में कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष, सरकार प्रमुख, मंत्री, तकनीकी क्षेत्र के दिग्गज, शोधकर्ता, बहुपक्षीय संस्थानों के प्रतिनिधि और उद्योग जगत के विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं।
इस समिट का उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की भूमिका पर चर्चा करना है, जिससे समावेशी विकास, मजबूत सार्वजनिक व्यवस्था और सतत विकास को बढ़ावा मिल सके। खास बात यह है कि इतने बड़े स्तर पर एआई पर केंद्रित यह पहला वैश्विक सम्मेलन है, जो ग्लोबल साउथ में आयोजित किया जा रहा है।
यह पांच दिवसीय सम्मेलन 20 फरवरी तक चलेगा। इसमें 100 से अधिक सरकारी प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं, जिनमें 20 से ज्यादा राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख तथा 60 मंत्री और उपमंत्री शामिल हैं। इसके अलावा 500 से अधिक वैश्विक एआई विशेषज्ञ, जिनमें सीईओ, संस्थापक, शिक्षाविद, शोधकर्ता, सीटीओ और परोपकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हैं, भी इसमें हिस्सा ले रहे हैं।
19 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समिट में शामिल होंगे और लोगों को संबोधित करेंगे। उनके संबोधन से वैश्विक सहयोग और भारत की समावेशी तथा जिम्मेदार एआई की सोच को दिशा मिलेगी।
समिट की खास बात तीन प्रमुख ग्लोबल इम्पैक्ट चैलेंज - एआई फॉर ऑल, एआई बाय हर और युवाई हैं। इन प्रतियोगिताओं के फाइनलिस्ट की घोषणा और ग्रैंड फिनाले प्रस्तुति इसी समिट में होगी। इनका उद्देश्य ऐसी एआई तकनीकों को बढ़ावा देना है जो समावेशी, जिम्मेदार और विकासोन्मुख हों। इन चुनौतियों में 60 से अधिक देशों से 4,650 से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए, जो भारत की वैश्विक स्तर पर एआई क्षेत्र में बढ़ती पहचान को दर्शाता है।
विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं की बहु-स्तरीय जांच प्रक्रिया के बाद तीनों श्रेणियों में कुल 70 टीमों को फाइनलिस्ट चुना गया है। ये टीमें 16 और 17 फरवरी को भारत मंडपम और सुषमा स्वराज भवन में अपने समाधान प्रस्तुत करेंगी। उन्हें नीति निर्माताओं, उद्योग जगत के नेताओं, निवेशकों और शिक्षाविदों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
18 फरवरी को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी हैदराबाद के सहयोग से एआई और उसका प्रभाव विषय पर रिसर्च संगोष्ठी आयोजित की जाएगी, जिसके लिए अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका से लगभग 250 शोध पत्र प्राप्त हुए हैं। इसमें एस्टोनिया के राष्ट्रपति एलर कॅरीस और केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव भी शामिल होंगे।
इस संगोष्ठी में विश्व के प्रसिद्ध एआई विशेषज्ञ और प्रमुख शोध संस्थान भाग लेंगे, जिसमें एआई आधारित वैज्ञानिक खोज, सुरक्षा और नियामक ढांचे, कंप्यूटिंग संसाधनों तक समान पहुंच और ग्लोबल साउथ देशों के बीच शोध सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी।
--आईएएनएस
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