Quarterly Results को कैसे पढ़ें? शेयर में निवेश से पहले इन आंकड़ों पर जरूर दें ध्यान
एक समझदार निवेशक भविष्य में अच्छा रिटर्न पाने के लिए Share Market में निवेश करने से पहले कंपनी की आर्थिक स्थिति और बिजनेस की ग्रोथ का विश्लेषण करता है. इस मामले में Quarterly Results बहुत काम के होते हैं. हालांकि, अगर आपको इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है, तो कई तरह के मेट्रिक्स को एक साथ देखना और समझना जरूरी है. केवल कंपनी के मुनाफे को देखना ही काफी नहीं है.
Quarterly Results क्या होते हैं?
कंपनियां हर तीन महीने में अपने कामकाज से जुड़ी ज़रूरी फाइनेंशियल जानकारी जारी करती हैं. इन तिमाही नतीजों (Quarterly Results) के जरिए निवेशकों को कंपनी की कमाई, मुनाफे, खर्चों और कुल परफॉर्मेंस के बारे में जानकारी मिलती है. भारत में फाइनेंशियल ईयर को चार तिमाहियों में बांटा गया है Q1 (अप्रैल से जून), Q2 (जुलाई से सितंबर), Q3 (अक्टूबर से दिसंबर) और Q4 (जनवरी से मार्च) और इन नतीजों से निवेशक यह पता लगा सकते हैं कि कंपनी का बिजनेस पिछली तिमाही या पिछले साल की उसी अवधि की तुलना में कैसा चल रहा है.
Quarterly Results पढ़ते समय किन आंकड़ों को देखें?
तिमाही नतीजों का विश्लेषण करते समय, रेवेन्यू से लेकर नेट प्रॉफिट, खर्च, ऑपरेटिंग प्रॉफिट, ऑपरेटिंग मार्जिन और EPS जैसे मेट्रिक्स पर ध्यान देना चाहिए. इन आंकड़ों से आप आसानी से कंपनी के मुख्य बिजनेस ऑपरेशन से होने वाली कमाई का पता लगा सकते हैं, साथ ही कर्मचारियों की सैलरी, रॉ मटीरियल, बिजली, मार्केटिंग, दूसरे ऑपरेशनल खर्च, ब्याज और टैक्स जैसी लागतें घटाने के बाद बचे प्रॉफिट को भी जान सकते हैं. इसके अलावा, आप यह भी पता लगा सकते हैं कि कंपनी प्रति शेयर कितना प्रॉफिट कमा रही है.
QoQ और YoY Growth क्या होती है?
तिमाही नतीजों का विश्लेषण करते समय QoQ और YoY आंकड़ों की तुलना करना बहुत जरूरी है. QoQ का मतलब है 'क्वार्टर-ऑन-क्वार्टर', जिसमें किसी तिमाही के परफॉर्मेंस की तुलना पिछली तिमाही से की जाती है. YoY का मतलब है 'ईयर-ऑन-ईयर', जिसमें तिमाही की तुलना पिछले साल की उसी तिमाही से की जाती है. इसके अलावा क्योंकि कुछ बिजनेस सीजनल होते हैं, इसलिए ऐसे मामलों में YoY तुलना ज्यादा फायदेमंद हो सकती है.
Debt और Interest Cost भी देखें
अगर किसी कंपनी पर बहुत ज्यादा कर्ज है, तो आपको तिमाही नतीजों में उसके ब्याज के खर्चों पर भी ध्यान देना चाहिए, क्योंकि लगातार बढ़ते ब्याज के खर्च नेट प्रॉफिट पर दबाव डाल सकते हैं. ऐसे मामलों में आपको यह देखना चाहिए कि कंपनी लगातार और कर्ज ले रही है या अपना कर्ज कम कर रही है. इसके अलावा तिमाही नतीजों के साथ मैनेजमेंट की कमेंट्री को देखना भी जरूरी है क्योंकि इससे अक्सर बिजनेस की मौजूदा स्थिति, भविष्य की योजनाओं और संभावित चुनौतियों के बारे में जानकारी मिलती है.
अच्छे Quarterly Results के बाद भी शेयर क्यों गिर सकता है?
आपने देखा होगा कि कभी-कभी कंपनी का रेवेन्यू और प्रॉफिट बढ़ने के बावजूद उसके शेयर की कीमत गिर जाती है. ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि मार्केट को और भी बेहतर नतीजों की उम्मीद थी. भविष्य के लिए कमजोर गाइडेंस, घटते मार्जिन, बढ़ता कर्ज या पहले से ही ज्यादा वैल्यूएशन जैसी बातें भी शेयर की कीमत पर असर डाल सकती हैं. वहीं, कमजोर नतीजों के बाद भी शेयर की कीमत बढ़ सकती है अगर मार्केट को उम्मीद हो कि भविष्य में कंपनी का परफ़ॉर्मेंस बेहतर होगा. हालांकि, केवल एक तिमाही के नतीजों के आधार पर किसी कंपनी को अच्छा या बुरा मानना सही नहीं है. इसके बजाय आपको कई तिमाहियों में रेवेन्यू, प्रॉफिट, मार्जिन और कैश फ्लो के ट्रेंड्स को देखना चाहिए.
डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है. किसी भी शेयर में पैसा लगाने से पहले अपने सर्टिफाइड फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें.
IND vs SL: भारत की ओर से गॉल स्टेडियम में इन 5 स्पिनर्स ने लिए हैं सबसे ज्यादा विकेट, एक इस बार भी आएगा नजर
IND vs SL: भारतीय टीम टेस्ट सीरीज के लिए श्रीलंका पहुंच चुकी है. भारत और श्रीलंका के बीच 2 टेस्ट मैचों की सीरीज का आगाज 15 अगस्त से होगा. सीरीज का पहला टेस्ट मैच गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा. गॉल की पिच पारंपरिक रूप से स्पिनरों के लिए स्वर्ग जैसी है. इस मैदान पर अब तक स्पिनर्स का एकतरफा दबदबा देखने को मिला है. इस बार भी यहां स्पिनर्स का बोलबाला देखने को मिल सकता है. टीम इंडिया इस मैदान पर 4 स्पिनर्स के साथ उतर सकती है. तो चलिए सीरीज शुरू होने से पहले जानते हैं कि गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में सबसे ज्यादा टेस्ट विकेट लेने वाले टॉप-5 भारतीय गेंदबाज कौन हैं.
नंबर-1 हैं रविचंद्रन अश्विन
गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में भारत की ओर से टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन के नाम दर्ज है. अश्विन ने गॉल में 3 टेस्ट मैचों की 6 पारियों में गेंदबाजी करते हुए कुल 16 विकेट अपने नाम किए हैं. गॉल में उनका सबसे यादगार प्रदर्शन साल 2015 में आया था, जब उन्होंने श्रीलंका की पहली पारी में खतरनाक गेंदबाजी करते हुए 46 रन देकर 6 विकेट चटकाए थे.
दूसरे नंबर पर हैं रवींद्र जडेजा
भारतीय टीम के स्टार बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा इस लिस्ट में दूसरे स्थान पर हैं. उन्होंने गॉल के मैदान पर अब तक 2 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने कुल 9 विकेट हासिल किए हैं. जडेजा का इस मैदान पर एक पारी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 67 रन देकर 3 विकेट लेना रहा है, जो उन्होंने पिछली बार साल 2017 के दौरे पर लिया था. जडेजा इस बार भी टीम इंडिया के स्क्वाड में शामिल हैं और उनका प्लेइंग 11 में शामिल होना तय है. जडेजा गॉल की पिच पर टीम इंडिया के लिए काफी अहम साबित हो सकते हैं.
नंबर-3 पर हैं अनिल कुंबले
भारत के महानतम लेग स्पिनर अनिल कुंबले गॉल इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में तीसरे नंबर पर हैं. कुंबले ने इस मैदान पर सिर्फ 2 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 6 विकेट अपने नाम किए थे. इस स्पिन-फ्रेंडली विकेट पर उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 81 रन देकर 3 विकेट रहा. उन्होंने साल 2008 में अपने करियर के आखिरी श्रीलंका दौरे के दौरान यह कारनामा किया था.
नंबर-5 पर हैं अमित मिश्रा
लेग स्पिनर अमित मिश्रा ने गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में अपने करियर में सिर्फ एक टेस्ट मैच खेला है, लेकिन उन्होंने उसी मैच में अपनी छाप छोड़ी दे थी. साल 2015 के गॉल टेस्ट में उन्होंने श्रीलंकाई बल्लेबाजों को काफी परेशान किया था और 5 विकेट लेकर धमाल मचाया था, जिसमें एक पारी में 43 रन देकर 3 विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा था.
पांचवे नंबर पर हैं हरभजन सिंह
भारत के पूर्व दिग्गज ऑफ-स्पिनर हरभजन सिंह इस मामले में पांचवें स्थान पर मौजूद हैं .उन्होंने गॉल के मैदान पर 2 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें कुल 5 विकेट अपने नाम किए हैं. गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम की पिच पर हरभजन सिंह का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 90 रन देकर 2 विकेट लेना रहा है.
9 साल बाद गाले इंटरनेशनल स्टेडियम में टेस्ट खेलने उतरेगी टीम इंडिया
अब टीम इंडिया 9 साल के लंबे अंतराल के बाद गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में टेस्ट मैच खेलने उतरेगी. पिछली बार साल 2017 में टीम इंडिया ने विराट कोहली की कप्तानी में सीरीज के आखिरी टेस्ट मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को 304 रनों के बड़े अंतर से हराया था. 2017 के बाद से टीम इंडिया ने श्रीलंका दौरे पर कोई टेस्ट सीरीज नहीं खेली है. अब गाले में पिछली जीत को बरकरार रखने की जिम्मेदारी शुभमन गिल पर होगी.
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