Responsive Scrollable Menu

मुंबई में चौंकाने वाला मामला: पार्किंग लिफ्ट से नीचे गिरी कार, वीडियो हुआ वायरल

मुंबई के कांदिवली पश्चिम स्थित चारकोप इलाके में एक रिहायशी सोसाइटी में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक कार अचानक पार्किंग लिफ्ट के खुले शाफ्ट में जा गिरी. यह घटना होरिजन गोल्ड सोसाइटी की बताई जा रही है. हादसे के बाद परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए.

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, कार पार्किंग के दौरान प्लेटफॉर्म अपनी निर्धारित जगह पर नहीं था, जिसके कारण चालक को इसकी जानकारी नहीं मिल सकी और कार सीधे खुले शाफ्ट की ओर बढ़ गई. देखते ही देखते वाहन करीब 25 फीट नीचे जा गिरा.

पार्किंग लिफ्ट की गड़बड़ी बनी हादसे की वजह

जानकारी के अनुसार, चालक बिल्डिंग की दूसरी मंजिल पर कार पार्क करने की कोशिश कर रहा था. उसे उम्मीद थी कि पार्किंग लिफ्ट का प्लेटफॉर्म सही स्थिति में मौजूद होगा, लेकिन प्लेटफॉर्म अपनी जगह पर नहीं था.

इसी दौरान कार आगे बढ़ती चली गई और खुले शाफ्ट में गिर गई. हादसे की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कार दो मंजिल नीचे जा गिरी और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई.

घटना के बाद तुरंत सुरक्षा कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने राहत कार्य शुरू किया. घायल चालक को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत स्थिर बताई है.

CCTV फुटेज आया सामने, घटना कैद हुई कैमरे में

इस हादसे का CCTV फुटेज भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में देखा जा सकता है कि किस तरह अचानक कार पार्किंग क्षेत्र से नीचे गिर जाती है.

CCTV सामने आने के बाद लोगों में पार्किंग सिस्टम की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. स्थानीय निवासियों का कहना है कि ऐसी तकनीकी व्यवस्था में सुरक्षा मानकों की नियमित जांच बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके.

समय रहते टला बड़ा नुकसान

राहत की बात यह रही कि हादसे के समय नीचे कोई अन्य व्यक्ति मौजूद नहीं था. अगर उस समय पार्किंग क्षेत्र में कोई व्यक्ति होता तो दुर्घटना और भी गंभीर हो सकती थी.

कार के गिरने से वाहन को काफी नुकसान पहुंचा, लेकिन किसी अन्य व्यक्ति की जान नहीं गई. स्थानीय लोगों ने इसे बड़ा हादसा टलने जैसा बताया.

जांच में जुटे अधिकारी, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

घटना की सूचना मिलने के बाद संबंधित अधिकारी और सोसाइटी प्रबंधन के कर्मचारी मौके पर पहुंचे. फिलहाल यह जांच की जा रही है कि पार्किंग लिफ्ट का प्लेटफॉर्म अपनी जगह पर क्यों नहीं था और सुरक्षा प्रणाली में कहां चूक हुई.

जांच के दौरान पार्किंग लिफ्ट के तकनीकी पहलुओं, मेंटेनेंस रिकॉर्ड और सुरक्षा उपकरणों की स्थिति की भी जांच की जा सकती है.

रिहायशी इमारतों में सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

मुंबई जैसे महानगरों में हाईराइज इमारतों में ऑटोमेटेड पार्किंग सिस्टम का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है. हालांकि, इस तरह की घटनाएं इन सिस्टम की सुरक्षा और रखरखाव पर सवाल खड़े करती हैं.

विशेषज्ञों का मानना है कि पार्किंग लिफ्ट और मैकेनिकल पार्किंग सिस्टम की नियमित जांच, सेंसर की कार्यक्षमता और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन बेहद जरूरी है.

कांदिवली की यह घटना एक चेतावनी है कि आधुनिक सुविधाओं के साथ सुरक्षा व्यवस्था को भी उतनी ही प्राथमिकता देनी होगी, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोका जा सके.

यह भी पढ़ें - ग्रेटर नोएडा में बड़ा हादसा, चिप बनाने वाली कंपनी में लगी आग, रेस्क्यू के दौरान 2 फायरकर्मियों की मौत

Continue reading on the app

Quarterly Results को कैसे पढ़ें? शेयर में निवेश से पहले इन आंकड़ों पर जरूर दें ध्यान

एक समझदार निवेशक भविष्य में अच्छा रिटर्न पाने के लिए Share Market में निवेश करने से पहले कंपनी की आर्थिक स्थिति और बिजनेस की ग्रोथ का विश्लेषण करता है. इस मामले में Quarterly Results बहुत काम के होते हैं. हालांकि, अगर आपको इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है, तो कई तरह के मेट्रिक्स को एक साथ देखना और समझना जरूरी है. केवल कंपनी के मुनाफे को देखना ही काफी नहीं है. 

Quarterly Results क्या होते हैं?

कंपनियां हर तीन महीने में अपने कामकाज से जुड़ी ज़रूरी फाइनेंशियल जानकारी जारी करती हैं. इन तिमाही नतीजों (Quarterly Results) के जरिए निवेशकों को कंपनी की कमाई, मुनाफे, खर्चों और कुल परफॉर्मेंस के बारे में जानकारी मिलती है. भारत में फाइनेंशियल ईयर को चार तिमाहियों में बांटा गया है Q1 (अप्रैल से जून), Q2 (जुलाई से सितंबर), Q3 (अक्टूबर से दिसंबर) और Q4 (जनवरी से मार्च) और इन नतीजों से निवेशक यह पता लगा सकते हैं कि कंपनी का बिजनेस पिछली तिमाही या पिछले साल की उसी अवधि की तुलना में कैसा चल रहा है.

Face Value क्या होती है? फेस वैल्यू, मार्केट वैल्यू और बुक वैल्यू में समझे अंतर

Quarterly Results पढ़ते समय किन आंकड़ों को देखें?

तिमाही नतीजों का विश्लेषण करते समय, रेवेन्यू से लेकर नेट प्रॉफिट, खर्च, ऑपरेटिंग प्रॉफिट, ऑपरेटिंग मार्जिन और EPS जैसे मेट्रिक्स पर ध्यान देना चाहिए. इन आंकड़ों से आप आसानी से कंपनी के मुख्य बिजनेस ऑपरेशन से होने वाली कमाई का पता लगा सकते हैं, साथ ही कर्मचारियों की सैलरी, रॉ मटीरियल, बिजली, मार्केटिंग, दूसरे ऑपरेशनल खर्च, ब्याज और टैक्स जैसी लागतें घटाने के बाद बचे प्रॉफिट को भी जान सकते हैं. इसके अलावा, आप यह भी पता लगा सकते हैं कि कंपनी प्रति शेयर कितना प्रॉफिट कमा रही है. 

QoQ और YoY Growth क्या होती है?

तिमाही नतीजों का विश्लेषण करते समय QoQ और YoY आंकड़ों की तुलना करना बहुत जरूरी है. QoQ का मतलब है 'क्वार्टर-ऑन-क्वार्टर', जिसमें किसी तिमाही के परफॉर्मेंस की तुलना पिछली तिमाही से की जाती है. YoY का मतलब है 'ईयर-ऑन-ईयर', जिसमें तिमाही की तुलना पिछले साल की उसी तिमाही से की जाती है. इसके अलावा क्योंकि कुछ बिजनेस सीजनल होते हैं, इसलिए ऐसे मामलों में YoY तुलना ज्यादा फायदेमंद हो सकती है.

Moving Average से कैसे ट्रेडर्स को स्टॉक का ट्रेंड समझने में करता है मदद?

Debt और Interest Cost भी देखें

अगर किसी कंपनी पर बहुत ज्यादा कर्ज है, तो आपको तिमाही नतीजों में उसके ब्याज के खर्चों पर भी ध्यान देना चाहिए, क्योंकि लगातार बढ़ते ब्याज के खर्च नेट प्रॉफिट पर दबाव डाल सकते हैं. ऐसे मामलों में आपको यह देखना चाहिए कि कंपनी लगातार और कर्ज ले रही है या अपना कर्ज कम कर रही है. इसके अलावा तिमाही नतीजों के साथ मैनेजमेंट की कमेंट्री को देखना भी जरूरी है क्योंकि इससे अक्सर बिजनेस की मौजूदा स्थिति, भविष्य की योजनाओं और संभावित चुनौतियों के बारे में जानकारी मिलती है. 

अच्छे Quarterly Results के बाद भी शेयर क्यों गिर सकता है?

आपने देखा होगा कि कभी-कभी कंपनी का रेवेन्यू और प्रॉफिट बढ़ने के बावजूद उसके शेयर की कीमत गिर जाती है. ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि मार्केट को और भी बेहतर नतीजों की उम्मीद थी. भविष्य के लिए कमजोर गाइडेंस, घटते मार्जिन, बढ़ता कर्ज या पहले से ही ज्यादा वैल्यूएशन जैसी बातें भी शेयर की कीमत पर असर डाल सकती हैं. वहीं, कमजोर नतीजों के बाद भी शेयर की कीमत बढ़ सकती है अगर मार्केट को उम्मीद हो कि भविष्य में कंपनी का परफ़ॉर्मेंस बेहतर होगा. हालांकि, केवल एक तिमाही के नतीजों के आधार पर किसी कंपनी को अच्छा या बुरा मानना ​​सही नहीं है. इसके बजाय आपको कई तिमाहियों में रेवेन्यू, प्रॉफिट, मार्जिन और कैश फ्लो के ट्रेंड्स को देखना चाहिए. 

Cash Flow Statement क्या है, जानें क्यों है जरूरी निवेशकों के लिए इसे समझना?

डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है. किसी भी शेयर में पैसा लगाने से पहले अपने सर्टिफाइड फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें.

Continue reading on the app

  Sports

Rishabh Pant Income Tax Uttarakhand: कभी गुरुद्वारे में लंगर खाकर काटी रातें, आज उत्तराखंड के सबसे ज्यादा इनकम टैक्स देने वाले शख्स

Rishabh Pant Income Tax Uttarakhand: किसी आम आदमी के लिए अपने पूरे जीवन में जितना कमाना भी संभव नहीं, उतनी रकम तो भारतीय क्रिकेटर ऋषभ पंत ने सिर्फ इनकम टैक्स में चुका दी. मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो ऋषभ पंत 2025-26 वित्तीय वर्ष में 23 करोड़ 84 लाख रुपये के साथ उत्तराखंड के सबसे ज्यादा टैक्स देने वाले शख्स बने हैं. Wed, 5 Aug 2026 12:40:44 +0530

  Videos
See all

Viral Video | असम के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने पहुंचे जेपी नड्डा! | #shorts #viralvideo #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-05T07:46:14+00:00

Red Sea LIVE: Indian Commercial Ship Sinks After Houthi Attack | India Condemns Attack | US Iran War #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-05T07:45:57+00:00

Antilia Bomb Case: अर्नब के सवालों से डरकर भागे अनिल देशमुख | Parambir Singh | Anil Deshmukh #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-05T07:45:34+00:00

Viral Video | संसद में राहुल प्रियंका साथ साथ, VIDEO वायरल! | #rahulgandhi | #priyankagandhi #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-05T07:47:03+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers