ईयू आयोग 'बोर्ड ऑफ पीस' की पहली बैठक में होगा शामिल
ब्रसेल्स, 16 फरवरी (आईएएनएस)। यूरोपीय यूनियन की कमिश्नर डुब्रावका सुइका ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस की पहली बैठक में हिस्सा लेंगी। वो इसी हफ्ते वाशिंगटन जाएंगी। ईयू कमीशन के एक प्रवक्ता ने इसकी जानकारी दी है।
रॉयटर्स ने प्रवक्ता के हवाले से बताया कि ईयू कमिश्नर सुइका बोर्ड ऑफ पीस की पहली बैठक में बतौर पर्यवेक्षक शामिल होंगी।
प्रवक्ता गिलौम मर्सियर ने पत्रकारों को स्पष्ट बताया, “ईयू कमीशन बोर्ड ऑफ पीस का सदस्य नहीं बन रहा है; हम इस बैठक में गाजा में सीजफायर लागू करने के अपने पुराने संकल्प के साथ-साथ गाजा में पुनर्निर्माण के लिए की जा रही अंतर्राष्ट्रीय कोशिशों में हिस्सा लेने के लिए इसमें शामिल होंगे।”
ईयू के इस कदम से पता चलता है कि ब्रसेल्स ट्रंप की अध्यक्षता वाले बोर्ड के साथ सहयोग को पूरी तरह से नकार नहीं रहा है। वो भी तब जब अधिकतर ईयू सदस्य देशों ने औपचारिक सदस्यता और चार्टर और गवर्नेंस को लेकर इसे सिरे से खारिज कर दिया हो।
ब्रसेल्स ने बोर्ड के स्कोप पर भी सवाल उठाए हैं, जिस पर सभी 27 सदस्य देश हस्ताक्षर करने वाले हैं।
दरअसल, ईयू फिलिस्तीनियों को मानवीय मदद देने वाला सबसे बड़ा दानकर्ता है। 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल और हमास के बीच युद्ध शुरू होने के बाद ईयू ने इन इलाकों को कुल 1.65 बिलियन यूरो का योगदान दिया है। यही वजह है कि ईयू नहीं चाहता कि यूएस उसे दरकिनार कर किसी भी पुर्ननिर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाए।
जनवरी में दावोस में ट्रंप ने जिस बोर्ड ऑफ पीस को लॉन्च किया था, उसका असल मकसद पिछले साल तय हुए 20-पॉइंट पीस प्लान के हिस्से के तौर पर गाजा में बदलाव की निगरानी करना था। लेकिन इसके चार्टर ने यूरोपीय देशों को थोड़ा संशकित कर दिया है, खासकर इस बात ने कि ट्रंप राष्ट्रपति पद से हटने के बाद भी आजीवन बोर्ड के चेयरमैन बने रहेंगे।
--आईएएनएस
केआर/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
यूएस-ईरान के दूसरे राउंड की बैठक से पहले अराघची की जिनेवा में आईएईए प्रमुख से मुलाकात
नई दिल्ली, 16 फरवरी (आईएएनएस)। अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की बातचीत होने वाली है। इसके लिए ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची जिनेवा पहुंचे हैं। जिनेवा पहुंचने के बाद अराघची ने इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (आईएईए) के प्रमुख राफेल ग्रॉसी से मुलाकात की। इस मुलाकात की जानकारी खुद आईएईए प्रमुख ने दी।
मुलाकात की तस्वीरें साझा कर राफेल ग्रॉसी ने लिखा, जिनेवा में होने वाली जरूरी बातचीत की तैयारी के लिए ईरान के विदेश मंत्री अराघची के साथ अभी-अभी गहरी तकनीकी बातचीत पूरी की।
मुलाकात से पहले अराघची ने एक्स पर लिखा, न्यूक्लियर एक्सपर्ट्स के साथ, मैं सोमवार को राफेल ग्रॉसी से गहरी टेक्निकल चर्चा के लिए मिलूंगा। मंगलवार को अमेरिका के साथ डिप्लोमेसी से पहले बदर अलबुसैदी से भी मिलूंगा। मैं एक सही और बराबर डील करने के लिए असली आइडिया के साथ जिनेवा में हूं।
आईएईए महीनों से ईरान से कह रहा है कि वह बताए कि जून में इजरायली-अमेरिकी हमलों के बाद उसके 440 किलोग्राम (970 पाउंड) हाईली एनरिच्ड यूरेनियम के स्टॉक का क्या हुआ और इंस्पेक्शन पूरी तरह से फिर से शुरू करने दे, जिसमें उन तीन खास जगहों पर इंस्पेक्शन शामिल हैं, जिन पर बमबारी हुई थी, नतांज, फोर्डो और इस्फहान।
ईरान के उपविदेश मंत्री माजिद तख्त-रवांची ने कहा है कि अमेरिका को तेहरान के साथ समझौता करने को लेकर अपनी गंभीरता दिखानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि युद्ध सबके लिए बुरा होगा।
एक इंटरव्यू में, तख्त-रवांची ने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच हाल के संपर्कों, जिसमें ओमान में अप्रत्यक्ष बातचीत भी शामिल है, से पता चला है कि यूएस शांति से मुद्दों को सुलझाने की कोशिश कर रहा है। अब गेंद अमेरिका के पाले में है कि वह साबित करे कि वह एक समझौता करना चाहता है। अगर अमेरिका ईमानदार है, तो मुझे यकीन है कि हम एक समझौते की राह पर होंगे।
व्हाइट हाउस ने शनिवार को ही पुष्टि की कि वाशिंगटन ने मिडिल ईस्ट के दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर को बातचीत के लिए भेजा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो कह चुके हैं कि राष्ट्रपति ट्रंप पहले बातचीत चाहते हैं, लेकिन सभी विकल्प खुले हैं।
ईरान का दावा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण है। वह 60 प्रतिशत शुद्धता तक यूरेनियम संवर्धित कर रहा है, जो हथियारों के ग्रेड के बेहद करीब है। ट्रंप प्रशासन ने दो टूक कहा है कि ईरान को किसी भी कीमत पर यूरेनियम संवर्धन की अनुमति नहीं दी जा सकती।
राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार को ऐलान किया कि दुनिया का सबसे बड़ा विमानवाहक पोत यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड कैरिबियन से मध्य पूर्व भेजा जा रहा है। ट्रंप लगातार कह रहे हैं कि ईरान में सत्ता परिवर्तन सबसे अच्छी बात होगी।
--आईएएनएस
केके/एबीएम
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