तिरंगा मार्च में हिरासत पर छिड़ी सियासी जंग, विपक्ष के आरोपों पर BJP का पलटवार
Tiranga March Controversy: राजधानी दिल्ली के सबसे व्यस्त और प्रमुख इलाके कनॉट प्लेस में तिरंगा लेकर निकले युवाओं को हिरासत में लिए जाने के बाद देश का सियासी पारा अचानक चढ़ गया है. सेंट्रल पार्क के आसपास बड़ी संख्या में जुटे युवा हाथों में राष्ट्रध्वज थामकर लहरा दो तिरंगा मार्च निकालने की तैयारी में थे. जैसे ही युवाओं ने आगे बढ़ना शुरू किया, वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक दिया और कई प्रदर्शनकारियों को गाडियों में बैठाकर हिरासत में ले लिया.
इस कार्रवाई की खबर सामने आते ही विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. विपक्ष का कहना है कि अपने ही देश में शांतिपूर्ण तरीके से राष्ट्रध्वज फहराना और देशभक्ति के नारे लगाना अब अपराध बना दिया गया है. दूसरी ओर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पूरे प्रदर्शन की मंशा पर ही गंभीर सवाल खडे कर दिए हैं.
विपक्ष का तीखा हमला और तानाशाही का आरोप
युवाओं की धरपकड़ को लेकर विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार पर बेहद तीखा हमला बोला है. विपक्षी प्रवक्ताओं ने इस पूरे वाकये को लोकतंत्र के लिए काला दिन बताते हुए कहा कि देश में आज अजीब हालात बन चुके हैं. विपक्ष का कहना है कि जिस देश की आजादी के लिए हमारे पुरखों ने तिरंगा हाथ में लेकर लाठियां खाई थीं, आज उसी देश की राजधानी में तिरंगा लहराने पर युवाओं को जेल भेजा जा रहा है.
नेताओं ने सवाल किया कि जो नौजवान शांति से सडकों पर उतरकर वंदे मातरम और जन गण मन गा रहे थे, उन्होंने ऐसा कौन सा जुर्म कर दिया कि उन्हें मुजरिमों की तरह पकड लिया गया. विपक्ष ने याद दिलाया कि कुछ ही समय पहले सरकार ने बडे पैमाने पर हर घर तिरंगा अभियान चलाया था और उस समय राष्ट्रप्रेम का पाठ पढाया जा रहा था. अब जब आम नौजवान अपनी मर्जी से सडक पर झंडा लेकर निकल रहे हैं तो शासन को उसमें अशांति नजर आने लगी है.
ऑपरेशन क्रिस्टल हंट: ग्रेटर नोएडा में ड्रग्स बनाने की दो अवैध लैब का भंडाफोड़, 2 गिरफ्तार
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले के ग्रेटर नोएडा में सिंथेटिक ड्रग्स बनाने वाली दो अवैध लैब का भंडाफोड़ किया है. NCB ने 16 अक्टूबर को ग्राम जहांनाबाद कादलपुर में कार्रवाई कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया. दोनों लैब किराये पर लिए गए परिसरों में चल रही थीं, जहां कथित तौर पर सिंथेटिक ड्रग्स बनाने और उनकी प्रोसेसिंग का काम किया जा रहा था.
कार्रवाई के दौरान एम्फेटामाइन युक्त कुल 379.740 किलो पदार्थ और 10 किलो स्यूडोएफेड्रिन बरामद किया गया. NCB के मुताबिक, बरामद क्रिस्टलीय और अर्ध-क्रिस्टलीय पदार्थ से करीब 56 किलो तैयार क्रिस्टलीय एम्फेटामाइन बनाया जा सकता था. इसकी अवैध बाजार में अनुमानित कीमत करीब 45 करोड़ रुपये आंकी गई है.
379 किलो से ज्यादा एम्फेटामाइन युक्त पदार्थ बरामद
NCB के मुताबिक, जब्त किए गए 379.740 किलो पदार्थ में तीन तरह की सामग्री शामिल है. इसमें 4.260 किलो क्रिस्टलीय, 157.700 किलो अर्ध-क्रिस्टलीय और 217.780 किलो तरल पदार्थ है. इसके अलावा 10 किलो स्यूडोएफेड्रिन भी बरामद किया गया. छापेमारी के दौरान लैब से बड़ी मात्रा में रसायन भी मिले. इनमें हाइड्रोक्लोरिक एसिड, एसीटोन, टोल्यून, सल्फ्यूरिक एसिड और पोटैशियम परमैंगनेट जैसे रसायन शामिल हैं. इनका इस्तेमाल मेथामफेटामाइन जैसे सिंथेटिक ड्रग्स के निर्माण में किया जा सकता है.
दोनों परिसरों में बड़े स्तर पर रासायनिक प्रसंस्करण की व्यवस्था थी. यहां बड़े हीटिंग उपकरण, कांच के रिएक्शन वेसल, केमिकल रखने वाले ड्रम, फिल्टर करने के उपकरण, वजन मापने की मशीनें, रेस्पिरेटर और अन्य लैब उपकरण मिले.
दो आरोपी गिरफ्तार, पहचान की जांच
इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान डेस्टिनी अब्राहम डुंबिरी और मिजोरम निवासी लल्लावमजुआली उर्फ ओलिविया लालछविमावई के रूप में हुई है. NCB के मुताबिक, डुंबिरी ने खुद को नाइजीरिया का नागरिक बताया था. हालांकि, इमिग्रेशन रिकॉर्ड की जांच में सामने आया कि वह जनवरी 2020 में फ्रांसिस कलोकोह नाम से भारत आया था. रिकॉर्ड के अनुसार, वह सिएरा लियोन का नागरिक था और उसके पास दिसंबर 2020 तक वैध पर्यटक वीजा था.
NCB अब आरोपी की अलग-अलग पहचानों और उनके इस्तेमाल के पीछे की वजहों की जांच कर रही है. एजेंसी के मुताबिक, मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों की ओर से जांच एजेंसियों को गुमराह करने के लिए कई पहचान इस्तेमाल करना एक बड़ी चुनौती है.
दूसरी आरोपी ओलिविया को मार्च 2026 में गोवा के डाबोलिम एयरपोर्ट पर हुई एक अन्य कार्रवाई में भी गिरफ्तार किया गया था. उस मामले की जांच राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) कर रहा है. उसके चेक-इन बैगेज से 313 ग्राम हेरोइन युक्त पाउडर बरामद हुआ था, जिसे व्यावसायिक मात्रा की श्रेणी में रखा गया था. फिलहाल वह उस मामले में जमानत पर है.
अक्टूबर 2024 में भी पकड़ी गई थी सिंथेटिक ड्रग्स लैब
ग्रेटर नोएडा में अवैध लैब के खिलाफ NCB की यह कार्रवाई अक्टूबर 2024 में की गई एक अन्य कार्रवाई के बाद हुई है. उस समय एजेंसी ने गौतम बुद्ध नगर के कासना औद्योगिक क्षेत्र में सिंथेटिक ड्रग्स बनाने वाली एक अवैध लैब का भंडाफोड़ किया था.
उस कार्रवाई में ठोस और तरल रूप में करीब 95.5 किलो सिंथेटिक ड्रग्स जब्त की गई थी. उस मामले की जांच में मैक्सिको के ड्रग कार्टेल कार्टेल डी जलिस्को न्यू जनरेशन (CJNG) से संभावित संबंध सामने आए थे. मामले में मैक्सिको के एक नागरिक समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया था.
फाइनेंसर, केमिकल सप्लायर और ड्रग्स नेटवर्क की तलाश
NCB अब मौजूदा मामले में ड्रग्स नेटवर्क के वित्तीय लेन-देन, रसायनों की खरीद और ड्रग्स की सप्लाई से जुड़े संपर्कों की जांच कर रही है. एजेंसी का लक्ष्य इस नेटवर्क के फाइनेंसर, रसायन उपलब्ध कराने वाले सप्लायर, तकनीकी मदद देने वाले लोगों और अन्य सहयोगियों की पहचान करना है.
जांच एजेंसी के मुताबिक, मामले में आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं. इसके अलावा दूसरे राज्यों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नेटवर्क के संभावित संपर्कों की भी जांच की जा रही है.
NCB की अपील: संदिग्ध गतिविधियों की सूचना MANAS हेल्पलाइन पर दें
NCB ने लोगों को सिंथेटिक ड्रग्स के बढ़ते खतरे के प्रति सतर्क रहने की अपील की है. एजेंसी के मुताबिक, ऐसी अवैध लैब में इस्तेमाल होने वाले रसायनों का कचरा बिना उपचार के फेंकने से मिट्टी, नालों और जल स्रोतों में प्रदूषण फैल सकता है. इससे आम लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचने का खतरा है.
एजेंसी ने मकान मालिकों, प्रॉपर्टी डीलरों, हाउसिंग सोसाइटियों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) और सुरक्षा कर्मियों से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने को कहा है. इनमें असामान्य रासायनिक गंध आना, केमिकल के ड्रम या लैब उपकरणों की बार-बार आवाजाही, बिना स्पष्ट कारण के रसायनों का भंडारण और रासायनिक कचरे को संदिग्ध तरीके से फेंकना शामिल है. ऐसी गतिविधियों की विश्वसनीय जानकारी मिलने पर लोग राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन
MANAS-1933 पर सूचना दे सकते हैं
NCB के मुताबिक, प्रधानमंत्री के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार नशामुक्त भारत के लक्ष्य के लिए प्रतिबद्ध है. अवैध ड्रग्स लैब और संगठित तस्करी नेटवर्क के खिलाफ खुफिया जानकारी के आधार पर की जा रही कार्रवाई इसी प्रयास का हिस्सा है.
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