गया जी में नीतीश के 20 साल के काम का सचित्र लेखा-जोखा, 20 साल बेमिसाल प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र
Nitish Kumar News: धार्मिक नगरी गया जी में जनता दल यूनाइटेड की तरफ से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीस वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों को आम जनता के सामने लाने के लिए एक विशेष प्रदर्शनी की शुरुआत की गई है. इस अनूठी प्रदर्शनी को 20 साल बेमिसाल नाम दिया गया है, जिसका आयोजन शहर के व्यस्त केदारनाथ मार्केट स्थित भव्य पंडाल में किया गया है. नवरात्र के पावन दिनों में सप्तमी तिथि से शुरू हुआ यह कार्यक्रम विजयादशमी यानी दशहरा तक निरंतर चलेगा. इस आयोजन का मुख्य मकसद यह है कि जो लोग सरकार की बड़ी योजनाओं और उनके असर से पूरी तरह वाकिफ नहीं हैं, वे तस्वीरों और वीडियो के जरिए यह देख सकें कि पिछले दो दशकों में बिहार की सूरत किस तरह बदली है.
तस्वीरों और प्रोजेक्टर के जरिए योजनाओं की झलक
केदारनाथ मार्केट में सजे पंडाल के भीतर लगी इस प्रदर्शनी में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल सात निश्चय योजना के कामों को प्रमुखता से दिखाया गया है. प्रदर्शनी में बिजली, सड़क, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण जैसे बुनियादी क्षेत्रों में हुए भारी बदलावों को दुर्लभ और जीवंत तस्वीरों के माध्यम से पेश किया गया है. दिन के समय आम लोग और श्रद्धालु इन तस्वीरों के माध्यम से राज्य के विकास की रूपरेखा को समझ रहे हैं, वहीं रात के समय पंडाल में विशेष व्यवस्था की गई है. रात में बड़े प्रोजेक्टर के जरिए एक सचित्र और दृश्य प्रस्तुति दिखाई जा रही है, ताकि आने-जाने वाले लोग आसानी से एक ही जगह बैठकर बिहार के बदलते स्वरूप को देख सकें.
तिरंगा मार्च में हिरासत पर छिड़ी सियासी जंग, विपक्ष के आरोपों पर BJP का पलटवार
Tiranga March Controversy: राजधानी दिल्ली के सबसे व्यस्त और प्रमुख इलाके कनॉट प्लेस में तिरंगा लेकर निकले युवाओं को हिरासत में लिए जाने के बाद देश का सियासी पारा अचानक चढ़ गया है. सेंट्रल पार्क के आसपास बड़ी संख्या में जुटे युवा हाथों में राष्ट्रध्वज थामकर लहरा दो तिरंगा मार्च निकालने की तैयारी में थे. जैसे ही युवाओं ने आगे बढ़ना शुरू किया, वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक दिया और कई प्रदर्शनकारियों को गाडियों में बैठाकर हिरासत में ले लिया.
इस कार्रवाई की खबर सामने आते ही विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. विपक्ष का कहना है कि अपने ही देश में शांतिपूर्ण तरीके से राष्ट्रध्वज फहराना और देशभक्ति के नारे लगाना अब अपराध बना दिया गया है. दूसरी ओर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पूरे प्रदर्शन की मंशा पर ही गंभीर सवाल खडे कर दिए हैं.
विपक्ष का तीखा हमला और तानाशाही का आरोप
युवाओं की धरपकड़ को लेकर विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार पर बेहद तीखा हमला बोला है. विपक्षी प्रवक्ताओं ने इस पूरे वाकये को लोकतंत्र के लिए काला दिन बताते हुए कहा कि देश में आज अजीब हालात बन चुके हैं. विपक्ष का कहना है कि जिस देश की आजादी के लिए हमारे पुरखों ने तिरंगा हाथ में लेकर लाठियां खाई थीं, आज उसी देश की राजधानी में तिरंगा लहराने पर युवाओं को जेल भेजा जा रहा है.
नेताओं ने सवाल किया कि जो नौजवान शांति से सडकों पर उतरकर वंदे मातरम और जन गण मन गा रहे थे, उन्होंने ऐसा कौन सा जुर्म कर दिया कि उन्हें मुजरिमों की तरह पकड लिया गया. विपक्ष ने याद दिलाया कि कुछ ही समय पहले सरकार ने बडे पैमाने पर हर घर तिरंगा अभियान चलाया था और उस समय राष्ट्रप्रेम का पाठ पढाया जा रहा था. अब जब आम नौजवान अपनी मर्जी से सडक पर झंडा लेकर निकल रहे हैं तो शासन को उसमें अशांति नजर आने लगी है.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation











