भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 'एआई इम्पैक्ट समिट' की दी बधाई
नई दिल्ली, 16 फरवरी (आईएएनएस)। भारत में सोमवार से इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट- 2026 शुरू हो गया है। इस अवसर पर दुनिया के अलग-अलग देशों के प्रमुख भारत पहुंचे हैं। भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने ग्लोबल साउथ में होने वाले पहले इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट की बधाई दी।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट शुरू हो रहा है। भारत, लोगों को सबसे पहले रखने वाला, लोकतांत्रिक एआई भविष्य को आकार देने की कोशिशों में सबसे आगे है। यह समिट की थीम, ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ में भी दिखता है।
उन्होंने लिखा, एआई के विकास के केंद्र में पब्लिक गुड, एक्सेसिबिलिटी और वैश्विक सहयोग को रखकर, भारत वैश्विक उत्तर की तकनीकी ताकत को ग्लोबल साउथ के स्केल और पोटेंशियल से जोड़ना चाहता है, जिससे दुनिया भर में सबको साथ लेकर चलने वाली और शेयर्ड प्रोग्रेस हो सके।
उपराष्ट्रपति ने कहा, जैसा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल पेरिस में एआई एक्शन समिट के दौरान कहा था, कुछ लोग मशीनों के इंसानों से इंटेलिजेंस में बेहतर होने की चिंता करते हैं। लेकिन हम इंसानों के अलावा हमारे कलेक्टिव भविष्य और शेयर्ड डेस्टिनी की चाबी किसी और के पास नहीं है। इसलिए एआई को मानव केंद्रित और जिम्मेदारी से निर्देशित रहना चाहिए। मैं इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट की शानदार सफलता की कामना करता हूं।
समिट को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि एआई इंपैक्ट समिट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अलग-अलग पहलुओं, जैसे नवाचार, सहयोग, जिम्मेदारी से इस्तेमाल और भी अन्य मुद्दों पर ग्लोबल बातचीत को बेहतर बनाएगा।
उन्होंने एक्स पर लिखा, एआई पर चर्चा के लिए दुनिया को एक साथ लाना! आज से, भारत दिल्ली के भारत मंडपम में एआई इम्पैक्ट समिट होस्ट कर रहा है। मैं इस समिट के लिए दुनिया भर के लीडर्स, इंडस्ट्री के कैप्टन्स, इनोवेटर्स, पॉलिसीमेकर्स, रिसर्चर्स और टेक के शौकीनों का दिल से स्वागत करता हूं। समिट की थीम है सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय, यानी सभी का कल्याण, सभी के लिए खुशी, जो मानवता केंद्रित विकास के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करने के हमारे साझा कमिटमेंट को दिखाता है।
उन्होंने कहा, एआई आज स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, गवर्नेंस और एंटरप्राइज सहित कई सेक्टर्स को बदल रहा है। एआई इम्पैक्ट समिट एआई के अलग-अलग पहलुओं, जैसे नवाचार, जिम्मेदारी से इस्तेमाल और भी बहुत कुछ पर ग्लोबल बातचीत को बेहतर बनाएगा। मुझे विश्वास है कि समिट के नतीजे एक ऐसे भविष्य को बनाने में मदद करेंगे जो प्रोग्रेसिव, इनोवेटिव और मौकों पर आधारित हो। भारत के 1.4 बिलियन लोगों की वजह से, हमारा देश एआई ट्रांसफॉर्मेशन में सबसे आगे है। डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर एक वाइब्रेंट स्टार्टअप इकोसिस्टम और कटिंग-एज रिसर्च तक, एआई में हमारी तरक्की लक्ष्य और जिम्मेदारी दोनों को दिखाती है।
--आईएएनएस
केके/एबीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
इंडिया समिट आर्टिफिशियल एंटिलिजेंस का 'महाकुंभ': जितिन प्रसाद
नई दिल्ली, 16 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य एवं इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने पांच दिवसीय एआई इम्पैक्ट समिट 2026 को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का महाकुंभ बताया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का बड़ा स्तर और भारी भागीदारी भारत की डिजिटल यात्रा के लिए एक ऐतिहासिक पल है।
एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में फ्रॉम एआई यूजर टू क्रिएटर सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने नवाचारकों और उद्यमियों से अपील की कि वे एआई को अपनाएं और इसके जरिए नए समाधान तैयार करें, जो भारत को आत्मनिर्भर और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाएं।
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत एआई का सिर्फ उपयोग करने वाला देश नहीं रहा, बल्कि अब एआई बनाने वाला देश बन रहा है। उन्होंने बताया कि तकनीक और व्यापार देश की आर्थिक प्रगति के दो मुख्य इंजन बनकर उभर रहे हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि जो सरकारें तेजी से बदलती तकनीक के साथ खुद को नहीं ढालेंगी, वे वैश्विक दौड़ में पीछे रह जाएंगी। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की टैलेंट कैपिटल है, लेकिन भविष्य की तकनीकों को अपनाते रहना जरूरी है।
मंत्री ने कहा कि एआई केवल पढ़ाई का विषय नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे युवाओं के कौशल विकास का साधन बनाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि एआई का उपयोग अलग-अलग क्षेत्रों और राज्यों की जरूरतों के अनुसार किया जाए, न कि केवल बड़े भाषा मॉडल तक चर्चा सीमित रखी जाए।
उनके अनुसार, ग्लोबल साउथ के देश अब सैद्धांतिक बहस नहीं, बल्कि ऐसे एआई समाधान चाहते हैं जो लोगों के जीवन पर सीधा असर डालें और कारोबार करने तथा जीवन जीने को आसान बनाएं।
उन्होंने कहा कि उन्नत तकनीक कुछ लोगों तक सीमित न रहे, बल्कि समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।
डेटा को एआई इकोसिस्टम का ईंधन बताते हुए उन्होंने कहा कि अच्छी गुणवत्ता वाला डेटा उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि तकनीक वास्तव में लोगों के जीवन में बदलाव ला सके।
इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026 में 2.5 लाख से अधिक लोगों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। इस आयोजन का उद्देश्य वैश्विक एआई क्षेत्र में नई साझेदारियां और व्यापार के अवसर पैदा करना है।
--आईएएनएस
डीबीपी/
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