करेंट अफेयर्स 14 अक्टूबर:दिल्ली में पहली बार ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम, ब्रिक्स पारंपरिक और स्वदेशी प्रदर्शन खेल 2026 का समापन
आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं नेशनल (NATIONAL) 1. दिल्ली में ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम का आयोजन ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम 2. प्रथम बिम्सटेक गृह मंत्रियों की बैठक 2026 का आयोजन बिम्सटेक 3. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 6 राज्यों में नए राज्यपालों की नियुक्ति की 4. भारत–UAE संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘माउंटेन गार्जियन 2026’ स्पोर्ट्स (SPORTS) 5. ब्रिक्स पारंपरिक और स्वदेशी प्रदर्शन खेल 2026 का अहमदाबाद में समापन निधन (DEATH) 6. मशहूर अमेरिकी टीवी सीरीज ब्रेकिंग बैड के एक्टर आरजे मिट्टे का निधन आज का इतिहास पूरी खबर यहां पढ़ें करेंट अफेयर्स 13 अक्टूबर:स्मृति मंधाना यूनिसेफ इंडिया की सेलिब्रिटी एडवोकेट बनीं, गुजरात की दमन-गंगा नदी पर 159.50 करोड़ का प्रोजेक्ट शुरू आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें
पहली नियुक्ति से जुड़ेगी शिक्षकों की सेवा तो बढ़ेगी सैलरी, 10 साल के एरियर का भी दावा, हाईकोर्ट ने सरकार को दिए 4 सप्ताह
मध्य प्रदेश के करीब 70 हजार शिक्षकों की नौकरी की अवधि पहली नियुक्ति की तारीख से जोड़ने का मामला एक बार फिर हाईकोर्ट पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट से राज्य सरकार की SLP खारिज होने के बाद शिक्षकों ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका लगाई है। सुनवाई के दौरान सरकार ने आदेश के पालन के लिए समय मांगा, जिस पर हाईकोर्ट ने चार सप्ताह का समय दिया है।
शिक्षकों की मांग है कि उनकी सेवा की गणना पहली नियुक्ति से की जाए। ऐसा होने पर वरिष्ठता, वेतन बढ़ोतरी, पेंशन और दूसरे सेवा लाभ भी उसी आधार पर तय होंगे। शिक्षकों का दावा है कि इससे उन्हें करीब 10 साल के एरियर का लाभ मिल सकता है और मासिक वेतन में लगभग 15 से 20 हजार रुपए तक का अंतर आ सकता है।
छठे वेतनमान को लेकर है पूरा मामला
शिक्षकों का कहना है कि छठा वेतनमान 1 जनवरी 2006 से लागू हुआ था, लेकिन उन्हें इसका लाभ 2016 से दिया जा रहा है। उनकी मांग है कि पहली नियुक्ति से सेवा अवधि जोड़ते हुए 2006 से ही वेतनमान का लाभ दिया जाए। शिक्षकों के मुताबिक, इस आधार पर प्रत्येक शिक्षक को करीब 7 से 8 लाख रुपए तक एरियर मिल सकता है। एरियर पर 12 प्रतिशत ब्याज दिए जाने की बात भी सामने आई है।
497 शिक्षकों ने शुरू की थी कानूनी लड़ाई
राजेश पांडेय सहित 497 शिक्षकों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उनका कहना था कि शिक्षा विभाग में संविलियन के दौरान 2018 से पहले की उनकी शिक्षकीय सेवा को मान्यता नहीं दी गई। इसी को लेकर उन्होंने नौकरी की अवधि पहली नियुक्ति से मानने और उसी आधार पर वरिष्ठता, वेतन बढ़ोतरी, पेंशन सहित अन्य लाभ देने की मांग की।
हाईकोर्ट से शिक्षकों के पक्ष में फैसला आने के बाद राज्य सरकार ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सरकार की SLP को सुप्रीम कोर्ट ने 24 अगस्त 2026 को खारिज कर दिया। इसके बाद शिक्षकों ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका लगाकर आदेश का पालन कराने की मांग की।
सरकार ने मांगा समय, हाईकोर्ट ने दिए चार सप्ताह
अवमानना याचिका पर जस्टिस दीपक खोट की सिंगल बेंच में सुनवाई हुई। सरकार की ओर से आदेश का पालन करने के लिए समय मांगा गया, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। मामले की अगली सुनवाई 21 अक्टूबर से शुरू होने वाले सप्ताह में होगी।
शिक्षक नेता उपेंद्र कौशल का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट से मामला खारिज होने के बाद अब सरकार को हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई करनी चाहिए। शिक्षकों को उम्मीद है कि पहली नियुक्ति से नौकरी की अवधि जुड़ने के साथ लंबित सेवा लाभ भी मिलेंगे।
प्राथमिक से उच्च माध्यमिक तक शिक्षकों को लाभ का दावा
शिक्षकों के मुताबिक, इसका असर अलग-अलग श्रेणी के करीब 70 हजार शिक्षकों पर पड़ सकता है। इनमें लगभग 35 हजार प्राथमिक, 20 हजार माध्यमिक और 15 हजार उच्च माध्यमिक शिक्षक बताए गए हैं। दावा है कि लाभ मिलने पर प्राथमिक शिक्षकों का वेतन करीब 80 हजार रुपए से बढ़कर एक लाख रुपए, माध्यमिक शिक्षकों का 95 हजार से 1.10 लाख रुपए और उच्च माध्यमिक शिक्षकों का एक लाख से बढ़कर 1.20 लाख रुपए तक हो सकता है।
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