NIA की तीसरी चार्जशीट दाखिल, अंतरराष्ट्रीय हथियार और ड्रग्स तस्करी मामले में दो और आरोपी शामिल
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अंतरराष्ट्रीय हथियार और मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामले में तीसरी चार्जशीट दाखिल की है. राजस्थान के जयपुर स्थित NIA की विशेष अदालत में दाखिल इस चार्जशीट में दो और आरोपियों सत्यनारायण मेघवाल और साहिल गोदारा को नामजद किया गया है. दोनों को जुलाई 2026 में गिरफ्तार किया गया था. एजेंसी ने पहले से चार्जशीट किए गए छह आरोपियों के खिलाफ भी गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की अतिरिक्त धाराएं लगाई हैं.
NIA के मुताबिक, इस मामले में हथियारों, गोला-बारूद और हेरोइन की सीमा पार से तस्करी करने वाले एक संगठित नेटवर्क की जांच की जा रही है. यह नेटवर्क उत्तर भारत के कई राज्यों में सक्रिय था और इसके सीमा पार संपर्क भी सामने आए हैं.
चार्जशीट से जुड़ी 5 बड़ी बातें
- दो नए आरोपी नामजद: सत्यनारायण मेघवाल, पुत्र अमी लाल, और साहिल गोदारा, पुत्र विजय सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है.
- कई कानूनों के तहत आरोप: दोनों आरोपियों के खिलाफ UAPA, आर्म्स एक्ट, स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (NDPS Act) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की अलग-अलग धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं.
- पहले छह आरोपियों पर अतिरिक्त धाराएं: NIA ने पहले चार्जशीट किए गए छह आरोपियों के खिलाफ UAPA की अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ी हैं.
- ड्रोन से भेजे जाते थे हथियार और हेरोइन: जांच के अनुसार, सीमा पार मौजूद नेटवर्क के सदस्य ड्रोन के जरिए अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास विदेशी हथियार, गोला-बारूद और हेरोइन की खेप गिराते थे.
- राजस्थान, हरियाणा और पंजाब तक फैला नेटवर्क: भारतीय क्षेत्र में मौजूद नेटवर्क के सदस्य इन खेपों को उठाकर राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में आगे पहुंचाते थे.
अब तक दो चार्जशीट दाखिल कर चुकी है NIA
NIA ने इस मामले में इससे पहले 14 अगस्त 2025 और 5 फरवरी 2026 को दो चार्जशीट दाखिल की थीं. अब तीसरी चार्जशीट के जरिए दो और आरोपियों को मामले में शामिल किया गया है. यह मामला RC-02/2025/NIA/JPR के तहत दर्ज है.
ड्रोन और एन्क्रिप्टेड संचार के जरिए चल रहा था नेटवर्क
जांच एजेंसी के अनुसार, तस्करी का यह नेटवर्क अपने कामकाज के लिए एन्क्रिप्टेड संचार माध्यमों का इस्तेमाल करता था. इनके जरिए तस्करी की खेप पहुंचाने, परिवहन और अन्य गतिविधियों में तालमेल बनाया जाता था. जांच में यह भी सामने आया कि नेटवर्क के सदस्य सुरक्षा एजेंसियों की पकड़ से बचने के लिए इन माध्यमों का इस्तेमाल करते थे.
NIA की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि नेटवर्क का कथित उद्देश्य नशीले और मन:प्रभावी पदार्थों की आपूर्ति के जरिए युवाओं को नशे की गिरफ्त में लाना, उनका शोषण करना और भारत के प्रति असंतोष बढ़ाना था.
बाकी आरोपियों की तलाश जारी
NIA मामले में शामिल अन्य संदिग्धों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास कर रही है. एजेंसी तस्करी नेटवर्क के व्यापक संपर्कों और कथित आपराधिक गतिविधियों के पूरे दायरे का पता लगाने में जुटी है. मामले में आगे की जांच जारी है.
रूल ऑफ माफिया से मुक्त हुआ यूपी, अब रूल ऑफ लॉ का राज: CM योगी
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश 'रूल ऑफ माफिया' से मुक्त हुआ है और 'रूल ऑफ लॉ' लागू हुआ है. वर्ष 2017 से पहले कानून-व्यवस्था और निवेश को लेकर संदेह रहता था. माफिया से विकास बाधित था. सरकार ने कानून का शासन स्थापित कर प्रदेश की छवि बदली है. कोई व्यक्ति या पद संविधान से ऊपर नहीं हो सकता.
उन्होंने युवा अधिवक्ताओं से कहा कि अन्याय सामने हो तो चुप रहना विकल्प नहीं है. फैसला इतिहास सुनाएगा, लेकिन बहस आपको करनी है. मुख्यमंत्री योगी शनिवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के पंचम दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर पुष्प अर्पित किए. छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की. मुख्यमंत्री ने मेधावियों को पदक दिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 अगस्त 1947 और 26 जनवरी 1950 के साथ 25 जून 1975 भी लोकतंत्र की महत्वपूर्ण तारीख है.
सिद्धांतों के पक्ष में लिया निर्णय
आपातकाल ने 'रूल ऑफ लॉ' और 'रूलर ऑफ लॉ' का अंतर समझाया. न्यायमूर्ति एचआर खन्ना की असहमति का उल्लेख करते हुए कहा कि सिद्धांतों के पक्ष में लिया निर्णय इतिहास में स्थान बनाता है. युवा अधिवक्ताओं को संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करनी चाहिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि 'सत्यं वद, धर्मं चर, स्वाध्यायान्मा प्रमदः' को चैंबर की दीवार पर नहीं, हृदय में उतारें. सत्य और निरंतर अध्ययन अधिवक्ता के जीवन का आधार हो. डॉ. लोहिया के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि विधिवेत्ता में शिव जैसा मस्तिष्क, कृष्ण जैसा हृदय और राम जैसा वचन होना चाहिए.
परिकल्पना को मुकदमे के रूप में प्रस्तुत किया
मुख्यमंत्री ने विकसित भारत की परिकल्पना को मुकदमे के रूप में प्रस्तुत किया. कहा कि 140 करोड़ देशवासियों के इस दावे की पैरवी तथ्यों, साक्ष्यों और ईमानदारी से करनी होगी. वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प में युवा अधिवक्ताओं की भूमिका होगी. प्रदेश को 2029-30 तक एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की कार्ययोजना तैयार है. मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता काम आसान कर सकती है, लेकिन अंतिम निर्णय इंसान के विवेक से होना चाहिए. लापरवाह मसौदे से निर्दोष व्यक्ति को स्वतंत्रता गंवानी पड़ सकती है. डीपफेक और साइबर अपराधों ने साक्ष्यों की विश्वसनीयता की चुनौती पैदा की है. प्रदेश के 75 जिलों में साइबर थाने और 1,583 थानों में साइबर हेल्प डेस्क हैं. 'एआई प्रज्ञा' से 10 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है.
पारिवारिक विवादों के समाधान में योगदान दें
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को अन्याय के खिलाफ खड़े होने, जड़ों से जुड़े रहने और निरंतर अध्ययन की सीख दी. कहा कि गांवों में जमीन और पारिवारिक विवादों के समाधान में योगदान दें. गलत काम का दबाव आए तो सिद्धांतों से समझौता न करें. एलएलएम में रुपाली जायसवाल को स्वर्ण, चित्रा सिंह को रजत और सौम्या गिरी को कांस्य पदक मिला. एलएलबी ऑनर्स में तेजस्विनी कौशल को स्वर्ण, ईशा अग्रवाल को रजत और निशा वर्मा को कांस्य पदक मिला. ईशा अग्रवाल को क्रिमिनल लॉ में जस्टिस ओपी प्रधान मेमोरियल, कॉन्स्टिट्यूशनल लॉ में पद्मावती मोहनलाल जरीवाला और स्टूडेंट ऑफ द ईयर के लिए वीरेंद्र भाटिया स्वर्ण पदक मिला.
तान्या वर्मा को टैक्सेशन में प्रदीप कुमार अग्रवाल मेमोरियल और मालविका पचौरी को सर्वश्रेष्ठ मूटिंग के लिए केके लूथरा मेमोरियल स्वर्ण पदक मिला. साइबर लॉ में भास्कर पांडे, जयंत अग्रवाल और चिराग निगम को क्रमशः स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक मिला. बौद्धिक संपदा अधिकार में आशी पांडे, रितेश मेहता और ईशा अस्थाना को क्रमशः स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक मिले. मीडिया लॉ में अंशुमान सिंह को स्वर्ण और संतुष्ट सोनकर को रजत पदक मिला.
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