समाजवादी पार्टी और शिक्षा नदी के दो ऐसे किनारे हैं जो कभी मिल नहीं सकते: CM योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को राज्य की पूर्व समाजवादी पार्टी (एसपी) सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी और शिक्षा नदी के दो ऐसे किनारों की तरह हैं जो कभी मिल नहीं सकते। मुख्यमंत्री लखनऊ में शिक्षक एवं स्नातक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली समाजवादी पार्टी पर हमला करते हुए मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कहा कि सैफाई सिंडिकेट भर्ती प्रक्रिया को कमजोर करता था और युवाओं में पहचान का संकट पैदा करता था। उत्तर प्रदेश से जुड़े होने के कारण लोगों को होटलों में कमरे तक नहीं दिए जाते थे।
स्कूल से घर नहीं लौट आती थीं
उन्होंने आरोप लगाया कि शारदीय नवरात्रि के दौरान विभिन्न कार्यक्रम हो रहे हैं। दुर्गा पूजा आयोजित की जा रही है, रामलीलाएं हो रही हैं, और आज उत्सव का माहौल है, लेकिन 2017 से पहले अराजकता और अशांति हुआ करती थी। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि कर्फ्यू और दंगे राज्य का हिस्सा बन गए हैं। उन्होंने कहा कि पहले माताएं अपनी बेटियों की सुरक्षा को लेकर तब तक चिंतित रहती थीं जब तक वे स्कूल से घर नहीं लौट आती थीं।
65 लाख अन्य युवाओं को रोजगार मिला
उन्होंने कहा कि आज उत्सव का माहौल है, अशांति नहीं। बेटियां सुरक्षित हैं; और अगर कोई उनकी सुरक्षा को खतरे में डालने की हिम्मत करता है, तो पुलिस के पास हर गली में उसका सटीक जवाब मौजूद है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के माहौल ने निवेश का मार्ग प्रशस्त किया है, जिसके परिणामस्वरूप रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। हमने 95 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं, जबकि निजी क्षेत्र में निवेश के माध्यम से 65 लाख अन्य युवाओं को रोजगार मिला है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार के तहत पिछले साढ़े नौ वर्षों में हुई किसी भी भर्ती पर कोई सवाल नहीं उठा सकता। उन्होंने कहा कि पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और ईमानदारी है। उत्तर प्रदेश के युवाओं की प्रतिभा को सम्मान देने की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।
शिक्षा व्यवस्था को तहस-नहस कर दिया
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी की तुलना मगरमच्छ से करते हुए कहा कि अगर वे (समाजवादी पार्टी) शिक्षा के लिए कुछ करने का दावा करते हैं, तो यह ठीक वैसा ही है जैसे कोई मगरमच्छ नदी किनारे आकर कहें, 'मेरी पीठ पर चढ़ जाओ; मैं तुम्हें सुरक्षित दूसरी तरफ ले जाऊंगा।' ठीक यही स्थिति 'समाजवादियों' की है, वे शिक्षा के दुश्मन हैं जिन पर भरोसा नहीं किया जा सकता। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि वे (समाजवादी पार्टी) ही हैं जिन्होंने युवाओं में पहचान का संकट पैदा किया है और शिक्षा व्यवस्था को तहस-नहस कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा क्षेत्र में संकट का मतलब समाज और देश के लिए संकट है।
केरल की अरुंधति ने CM योगी को लिखा भावुक पत्र, शादी में शामिल होकर आशीर्वाद देने का दिया न्योता
केरल की रहने वाली अरुंधति ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दो पन्नों का हस्तलिखित भावुक पत्र लिखकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है. अरुंधति के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ केवल एक नेता नहीं, बल्कि बड़े भाई और प्रेरणास्रोत की तरह हैं. उन्होंने अपने पत्र में बताया है कि बचपन में योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से उन्हें जीवन की ऐसी सीख मिली, जिसने भावनाओं को देखने का उनका नजरिया बदल दिया.
अरुंधति का मानना था कि छोटी-छोटी बातों पर भावुक होकर रोना कमजोरी की निशानी है. उनके कुछ दोस्त भी उन्हें समझाते थे कि मजबूत बनने के लिए अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखना जरूरी है. धीरे-धीरे उनके मन में यह सवाल उठने लगा कि क्या आसानी से भावुक होने वाला व्यक्ति वास्तव में मजबूत हो सकता है और क्या अपनी भावनाएं व्यक्त करने में शर्म महसूस करनी चाहिए.
योगी आदित्यनाथ भावुक नजर आ रहे थे
इसी दौरान उनके एक चचेरे भाई ने उन्हें योगी आदित्यनाथ का एक वीडियो दिखाया. वीडियो में योगी आदित्यनाथ भावुक नजर आ रहे थे. उनके भाई ने अरुंधति को समझाया कि उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तरह बनने की कोशिश करनी चाहिए, जो भावुक होने के बावजूद बेहद मजबूत हैं.
जिम्मेदारियों को निभाना ही वास्तविक साहस
इस वीडियो ने अरुंधति की सोच बदल दी. उन्हें समझ आया कि आंसू किसी व्यक्ति की कमजोरी का प्रमाण नहीं हैं. भावनात्मक संवेदनशीलता मानवीय करुणा और संवेदना की स्वाभाविक अभिव्यक्ति है. इस सीख ने उन्हें अपने भीतर चल रहे द्वंद्व से बाहर निकलने में मदद की. अरुंधति के अनुसार, मजबूत होने का मतलब हर परिस्थिति में अपनी भावनाओं को छिपाना नहीं है. मुश्किलों का सामना करते हुए खुद पर विश्वास बनाए रखना, असफलताओं के बाद दोबारा उठना, चुनौतियों के बीच आगे बढ़ना और अपनी जिम्मेदारियों को निभाना ही वास्तविक साहस है.
आत्मविश्वास की नींव बन गई
अपने पत्र में अरुंधति ने लिखा, “जब भी मुझे खुद पर संदेह होता है, आप मुझे आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं.” योगी आदित्यनाथ के प्रति उनके सम्मान की एक वजह उनका सार्वजनिक जीवन और संघर्षपूर्ण यात्रा भी है. अरुंधति के लिए मुख्यमंत्री की जीवन यात्रा कड़ी मेहनत, दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास का संदेश देती है. बचपन में एक वीडियो से मिली सीख उनके आत्मविश्वास की नींव बन गई, जिसका सहारा वह आज भी लेती हैं.
ग्रीन पार्क कन्वेंशन सेंटर में निर्धारित
अरुंधति और राहुल की शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा स्थित ग्रीन पार्क कन्वेंशन सेंटर में निर्धारित है. अपने जीवन के इस खास अवसर पर अरुंधति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को समारोह में शामिल होने और नवदंपति को आशीर्वाद देने के लिए आमंत्रित किया है. अपने पत्र में अरुंधति ने लिखा, “मेरे लिए आप सिर्फ एक नेता से कहीं बढ़कर हैं. मैंने हमेशा आपको बड़े भाई के रूप में देखा है, जिनकी जीवन यात्रा ने मुझे साहस और प्रेरणा दी है.”
विवाह समारोह में शामिल नहीं हो पाते हैं
अरुंधति ने मुख्यमंत्री के व्यस्त कार्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए यह भी लिखा है कि यदि वह व्यक्तिगत रूप से विवाह समारोह में शामिल नहीं हो पाते हैं, तो उनके शुभकामनाओं और आशीर्वाद का संदेश भी उनके लिए अनमोल होगा. अपने पत्र के माध्यम से अरुंधति ने योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त किया है. उनका कहना है कि मुख्यमंत्री से मिली एक सीख ने उन्हें अपनी भावनाओं को कमजोरी समझने के बजाय उन्हें स्वीकार करना सिखाया. यही सीख आज भी उन्हें जीवन में आगे बढ़ने का हौसला देती है.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation








