Responsive Scrollable Menu

Explainer: एक ही खाने से कैसे बिगड़ सकती है पूरे परिवार की जान? ग्रेटर नोएडा की घटना के बीच समझें फूड पॉइजनिंग का खतरा...

Food Poisoning: ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा क्षेत्र में एक ही परिवार के पांच लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. मृतकों में पति-पत्नी और उनके तीन बच्चे शामिल हैं. शुरुआती जानकारी के मुताबिक परिवार ने मौत से पहले रात में चाय और नूडल्स खाए थे. इसके बाद खाने से जुड़ी बीमारी की आशंका जताई गई. लेकिन मौत की असली वजह अभी स्पष्ट नहीं है. पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही है.

इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है कि क्या दूषित खाना एक साथ कई लोगों को गंभीर रूप से बीमार कर सकता है? क्या फूड पॉइजनिंग जानलेवा हो सकती है और इससे बचने के लिए घर में किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है? आइए समझते हैं.....

फूड पॉइजनिंग क्या है और यह कैसे होती है?

फूड पॉइजनिंग ऐसी बीमारी है जो दूषित भोजन या पेय पदार्थ के सेवन से हो सकती है. खाने में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया, वायरस, परजीवी या उनके बनाए टॉक्सिन यानी विषैले पदार्थ शरीर में पहुंचकर बीमारी पैदा कर सकते हैं. इसके लक्षण हल्के पेट दर्द से लेकर गंभीर उल्टी-दस्त और शरीर में पानी की कमी तक हो सकते हैं. कुछ संक्रमणों में किडनी को नुकसान जैसी गंभीर जटिलताएं भी हो सकती हैं. दुर्लभ मामलों में बीमारी जानलेवा बन सकती है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दूषित भोजन से 200 से अधिक तरह की बीमारियां हो सकती हैं. हालांकि, हर बार खाना खाने के बाद तबीयत बिगड़ने का मतलब फूड पॉइजनिंग ही हो ऐसा जरूरी नहीं है.

क्या एक ही खाने से कई लोगों की जान जा सकती है?

अगर किसी भोजन में गंभीर बीमारी पैदा करने वाले जीवाणु या विषैले पदार्थ मौजूद हों तो उसे खाने वाले कई लोग एक साथ बीमार पड़ सकते हैं. बीमारी कितनी गंभीर होगी यह दूषित पदार्थ के प्रकार, उसकी मात्रा और व्यक्ति की उम्र व स्वास्थ्य पर निर्भर करता है. मिसाल के तौर पर, यदि एक ही बर्तन में बना खाना दूषित हो जाए और परिवार के कई सदस्य उसे खाएं तो सभी के बीमार होने का खतरा हो सकता है. लेकिन एक ही खाना खाने वाले हर व्यक्ति पर उसका असर समान हो यह जरूरी नहीं है.

खाने में बैक्टीरिया, वायरस या टॉक्सिन कैसे पहुंचते हैं?

कई बार भोजन देखने, सूंघने या चखने में सामान्य लगता है. फिर भी उसमें हानिकारक सूक्ष्मजीव मौजूद हो सकते हैं. आइए आपको इसके पीछे कुछ आम कारण क्या होते हैं ये बताते हैं.

- गंदे हाथ और बर्तन, यदिन खाना बनाते समय साफ-सफाई का ध्यान न रखा गया हो तो संक्रमण फैल सकता है.

- दूषित पानी, डॉक्टरों के मुताबिक खाना बनाने या सब्जियां धोने में इस्तेमाल हुआ संक्रमित पानी बीमारी की एक वजह बन सकता है.

- गलत तरीके से स्टोर करना, डाइटिशियन बताते हैं कि अगर पका हुआ खाना लंबे समय तक सामान्य तापमान पर छोड़ते हैं तो उसमें कुछ बैक्टीरिया बन जाते हैं, जो सेहत के लिए हानिकारक होते हैं. 

- अधपका भोजन, खासतौर पर मांस, अंडे और कुछ अन्य खाद्य पदार्थों को पर्याप्त रूप से न पकाने पर संक्रमण का खतरा बना जाता है. 

- क्रॉस-कंटैमिनेशन, डॉक्टरों के मुताबिक कच्चे भोजन के संपर्क में आए हाथ, चाकू या कटिंग बोर्ड से तैयार खाना दूषित हो सकता है. जिससे फूड पॉइजनिंग का खतरा होता है.

क्या मैगी या नूडल्स खाने से फूड पॉइजनिंग हो सकती है?

इंस्टेंट नूडल्स अपने आप में फूड पॉइजनिंग का प्रमाण नहीं हैं. लेकिन किसी भी खाद्य पदार्थ से जुड़ा जोखिम उसकी गुणवत्ता, सामग्री, तैयारी और स्टोरेज के तरीके पर निर्भर करता है. बता दें यदि नूडल्स बनाने में दूषित पानी इस्तेमाल किया गया हो, कोई सामग्री खराब हो या खाना बनाने के दौरान संक्रमण फैल जाए तो बीमारी का खतरा हो सकता है. ग्रेटर नोएडा मामले में परिवार ने आखिरी बार चाय और नूडल्स खाए थे. 

फूड पॉइजनिंग के कौन-से लक्षण नजरअंदाज नहीं करने चाहिए?

डॉक्टरों के मुताबिक फूड पॉइजनिंग के आम लक्षणों में उल्टी, दस्त, पेट में ऐंठन, मतली और बुखार शामिल हैं. लक्षण कुछ घंटों में भी दिखाई दे सकते हैं और कुछ संक्रमणों में कई दिन बाद भी शुरू हो सकते हैं. इसके अलावा ये संकेत दिखें तो हमें तुरंत डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए. 

- बार-बार उल्टी होना. 
- मल में खून आना.
- तेज बुखार या लगातार दस्त होना.
- पेशाब बहुत कम आना, मुंह सूखना या खड़े होने पर चक्कर आना.
- असामान्य सुस्ती, भ्रम या बेहोशी जैसी स्थिति.

बच्चों और बुजुर्गों में खतरा ज्यादा क्यों हो सकता है?

पांच साल से कम उम्र के बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता पूरी तरह विकसित नहीं होती है. उल्टी और दस्त के कारण उनके शरीर में पानी और जरूरी लवण तेजी से कम हो सकते हैं. घर में खाना बनाते और स्टोर करते समय हमें खाना बनाने और खाने से पहले साबुन से हाथ धोने चाहिए. इसके अलावा साफ बर्तन और सुरक्षित पेयजल का इस्तेमाल करें, कच्चे और पके भोजन को अलग रखें और भोजन को अच्छी तरह से पकाएं. 

ग्रेटर नोएडा मामले में जांच से क्या पता चलना बाकी है?

पुलिस के अनुसार रबूपुरा क्षेत्र में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत के मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि उनकी मौत किस कारण से हुई. शुरुआती जानकारी में खाने से जुड़ी बीमारी की आशंका जताई गई है, लेकिन केवल आखिरी बार खाए गए भोजन के आधार पर कारण तय नहीं किया जा सकता. पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य और जरूरत पड़ने पर भोजन या पानी के नमूनों की जांच से स्थिति स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है.

Explainer: ट्रंप ने चलने से पहले ही रोक दिया 100% टैरिफ का 'बम'! भारत-चीन समेत 5 देशों को बड़ी राहत, लेकिन क्या ये छूट हमेशा के लिए है?

Explainer: 86 तारीखें, 12 गवाह और पोस्टमार्टम से खुला राज! मेरठ के सांप कांड में रविता-अमरदीप को फांसी सुनाते हुए जज ने सावित्री का क्यों किया जिक्र?

Explainer: कनॉट प्लेस में धारा 163 और 21 रास्तों पर ट्रैफिक की मार! CJP के तिरंगा मार्च पर पुलिस क्या कर सकती है और प्रदर्शनकारियों के पास क्या हैं अधिकार?

Explainer: अंग्रेजों की प्लानिंग से बना कनॉट प्लेस का हरा दिल सेंट्रल पार्क, आज क्यों बना सियासी अखाड़ा...

Continue reading on the app

IND VS WI: पांचवें टी-20 मैच में बदल जाएगी भारत की प्लेइंग-11, ये 3 बदलाव तय, अर्शदीप सिंह की जगह लेगा 36 साल का गेंदबाज

IND VS WI: वेस्टइंडीज के साथ खेली जा रही 5 मैचों की टी-20 सीरीज का पांचवां मैच आज खेला जाएगा. ये मुकाबला बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में होगा, जिसमें दोनों ही टीमें अपनी बेस्ट प्लेइंग-11 के साथ मैदान पर उतरना चाहेंगी. टीम इंडिया में एक फोर्स चेंज होने वाला है, क्योंकि तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह पिछले मैच में लगी चोट के कारण पांचवें मैच से बाहर हो गए हैं. तो आइए जानते हैं कि पांचवें और सीरीज निर्णायक मैच में भारत की प्लेइंग-11 में कौन-कौन से बदलाव हो सकते हैं?

अर्शदीप सिंह की जगह भुवनेश्वर कुमार

भारतीय क्रिकेट टीम को वेस्टइंडीज के साथ खेले जाने वाले पांचवें टी-20 मैच की प्लेइंग-11 में हर हाल में बदलाव करना होगा. क्योंकि टीम से तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह चोटिल होने के बाद बाहर हो गए हैं. अर्शदीप के रिप्लेसमेंट के तौर पर शामिल किए गए, अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार प्लेइंग-11 में एंट्री मार सकते हैं.

दरअसल, इस समय इंडियन क्रिकेट टीम के टी20 स्क्वाड में सिर्फ 2 गेंदबाज ही मौजदू है. इसमें प्रिंस यादव और मयंक यादव का नाम शामिल है. वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए 3 तेज गेंदबाजों को चुना गया था, जिसमें एक अर्शदीप सिंह बाहर हो चुके हैं. अब उनकी जगह पर तीसरे गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार आए हैं.

बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में कम से कम टीम इंडिया तीन तेज गेंदबाजों और 2 स्पिन गेंदबाजों के साथ तो उतरना चाहेगी. ऐसे में सिर्फ एक ही गेंदबाज बचेगा जो टीम इंडिया के लिए खेल सकता है और वो हैं भुवनेश्वर कुमार. अगर कप्तान अय्यर और कोच गंभीर उनको प्लेइंग-11 में मौका देते हैं तो, 3 साल 11 महीने यानी की 1426 दिन बाद उनकी क्रिकेट के मैदान पर टीम इंडिया के लिए वापसी होगी.

कुलदीप यादव की भी प्लेइंग-11 में होगी वापसी

वेस्टइंडीज के साथ खेली जा रही टी-20 सीरीज के शुरुआती 2 मैचों की प्लेइंग-11 में शामिल किया गया था, लेकिन फिर उन्हें बेंच पर बैठा दिया गया था. मगर, अब पांचवें और निर्णायक मैच में कुलदीप की प्लेइंग-11 में वापसी हो सकती है. जी हां, टीम मैनेजमेंट बॉलिंग कॉम्बिनेशन में बदलाव कर सकता है. कुलदीप यादव को मौका देकर भारत अपनी स्पिन गेंदबाजी को धार देने की कोशिश कर सकता है. उनकी विकेट लेने की क्षमता वेस्टइंडीज के मध्यक्रम के लिए चुनौती बन सकती है. भारत को पहले गेंदबाजी मिलने पर उन्हें मयंक या प्रिंस यादव की जगह खिलाए जाने की संभावना है.

नमन धिर की जगह शिवम दुबे को मिल सकता है मौका

इसके अलावा एक और बदलाव होने की संभावना है. नमन धीर की जगह शिवम दुबे को भी मौका मिल सकता है. हालांकि, अंतिम फैसला पिच और टीम कॉम्बिनेशन के आधार पर होगा. नमन ने इस सीरीज के सभी 4 मैच खेले हैं और 5 विकेट चटकाए हैं. वहीं, शिवम दुबे को शुरुआती 2 टी-20 मैच की प्लेइंग-11 में शामिल किया गया था, लेकिन फिर उन्हें बेंच पर बैठा दिया गया.

पांचवें T20I के लिए भारत की प्लेइंग-11: अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, नमन धीर, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, भुवनेश्वर कुमार, मयंक यादव/कुलदीप यादव, प्रिंस यादव।

ये भी पढ़ें: फैंस की बढ़ी टेंशन! बारिश में धुल सकता है पांचवां टी-20, यहां जानिए बेंगलुरु का लेटेस्ट वेदर फॉरकास्ट

Continue reading on the app

  Sports

87 मैच 90 विकेट...4 साल बाद टीम में वापसी, जानें टी20 इंटरनेशनल में कैसा रहा है भुवनेश्वर कुमार रिकॉर्ड

Bhuvneshwar Kumar T20 Records: भारतीय टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार वेस्टइंडीज के खिलाफ पांचवें और आखिरी टी20 मुकाबले के साथ टीम में वापसी करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. नवंबर 2022 के बाद से इंटरनेशनल क्रिकेट से दूर रहे 36 वर्षीय भुवनेश्वर ने आईपीएल 2026 में आरसीबी के लिए शानदार प्रदर्शन करते हुए 28 विकेट चटकाए थे. अपनी घातक स्विंग गेंदबाजी और आईपीएल में 200 से अधिक विकेट लेने के ऐतिहासिक रिकॉर्ड के दम पर वह एक बार फिर मैदान पर धमाल मचाने उतरेंगे. Sat, 17 Oct 2026 16:17:57 +0530

  Videos
See all

LIVE: Arrests in Paris as day of protests begins across France | BBC News #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-17T10:41:34+00:00

हूतियों पर इजरायल की बमबारी से मचा हड़कंप! Yemen में जंग तेज | Israel | Houthi | Saudi Arabia | LIVE #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-17T10:41:09+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers