मुंबई इंडियंस के फैंस के लिए बड़ी खबर, हेड कोच महेला जयवर्धने ने दिया इस्तीफा, जानें क्या है वजह
Mahela Jayawardene: आईपीएल की सबसे सफल फ्रेंचाइजियों में शुमार मुंबई इंडियस के खेमे से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. मुंबई इंडियंस ने आज ऐलान कर दिया है कि महेला जयवर्धने हेड कोच का पद छोड़ रहे हैं. इसके साथ ही 10 साल से अधिक साल तक MI का हिस्सा रहने के बाद अब जयवर्धने टीम से अलग हो रहे हैं. आइए जान लेते हैं कि उन्होंने अपने रास्ते मुंबई इंडियंस से अलग क्यों किए हैं.
हेड कोच महेला जयवर्धने
मुंबई इंडियंस के लिए महेला जयवर्धने में केवल एक हेड कोच से कहीं बढ़कर रहे हैं. हेड कोच के रूप में उनके नेतृत्व में मुंबई इंडियंस ने 3 IPL खिताब जीते. 2017 से 2022 तक और फिर 2024 से 2026 तक, अपने दो कार्यकाल के दौरान, उन्होंने फ्रेंचाइजी की संस्कृति को आकार देने, टीम में एक मजबूत माहौल बनाने और अनुशासन, आपसी सहयोग तथा 'टीम को सबसे पहले रखने' की सोच को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाई.
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— Mumbai Indians (@mipaltan) October 17, 2026
Mahela has been much more than a Head Coach to Mumbai Indians. Under his leadership as Head Coach, Mumbai Indians won 3 IPL titles.
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श्रीमती नीता एम. अंबानी ने कहा: "महेला ने पिछले कुछ सालों में मुंबई इंडियंस के लिए बहुत बड़ा योगदान दिया है. उनका शांत नेतृत्व, ईमानदारी और खेल के प्रति गहरा लगाव हमारे लिए बहुत मायने रखता है. पूरे MI परिवार की ओर से मैं महेला को उनके इतने बड़े योगदान और कमिटमेंट के लिए धन्यवाद देना चाहती हूं. हमने जो सफर साथ तय किया है और जो यादें एक साथ बनाई हैं, उन्हें हम हमेशा संजोकर रखेंगे. महेला हमेशा हमारी #OneFamily का हिस्सा रहेंगे, और हम उनके आगे के सफर के लिए उन्हें ढेर सारी खुशियां और सफलता की शुभकामनाएं देते हैं."
महेला जयवर्धने ने क्या-क्या कहा?
महेला जयवर्धने ने कहा: "मुंबई इंडियंस पिछले एक दशक से अधिक समय से मेरे सफर का एक बहुत ही खास हिस्सा रहा है. खिलाड़ियों, कोचिंग टीम, #OneFamily के शानदार सपोर्ट और सबसे बढ़कर हमारे फैंस ने मिलकर इसे एक ऐसा अनुभव बना दिया है जिसे मैं हमेशा याद रखूंगा. हमने साथ मिलकर कुछ अविस्मरणीय पल बिताए हैं, चुनौतियों का सामना किया है और कुछ ऐसा बनाया है जिस पर हम सभी गर्व कर सकते हैं. मैं श्रीमती नीता अंबानी और आकाश अंबानी को उनके अटूट भरोसे, सपोर्ट और दोस्ती के लिए दिल से धन्यवाद देना चाहता हूं. हमने जो कुछ भी हासिल किया है, उस पर मुझे बहुत गर्व है और मेरे दिल में MI के लिए हमेशा एक खास जगह रहेगी. मैं टीम को आने वाले सालों में ढेर सारी सफलता की शुभकामनाएं देता हूं."
Forever a part of our MI Paltan. Thank you for everything, MJ ???? pic.twitter.com/BBQuZd1M3u
— Mumbai Indians (@mipaltan) October 17, 2026
मुंबई इंडियंस में निभा चुके हैं अहम भूमिका
आईपीएल 2022 में महेला जयवर्धने ने 'ग्लोबल हेड ऑफ परफॉरमेंस' की भूमिका संभाली. उन्होंने दुनिया भर की लीगों में MI फ्रैंचाइजियों की देखरेख की और 'वन फैमिली' (एक परिवार) के हिसाब से क्रिकेट से जुड़ी एक सोच विकसित करने के लिए कोचिंग टीमों के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान, मुंबई इंडियंस विमेंस, MI न्यूयॉर्क और MI एमिरेट्स... तीनों टीमों ने खिताब जीते, जिससे इस फ्रैंचाइजी की विश्व स्तर पर हैरिटेज और भी मजबूत हुई.
IPL 2026 में MI ने किया था निराशाजनक प्रदर्शन
आईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस का प्रदर्शन बेहद निराशाजन रहा था. फ्रेंचाइजी ने 14 मैच खेले थे, जिसमें सिर्फ 4 मैच जीते थे और 10 मैचों में हार का सामना किया था. इस तरह 8 अंकों के साथ हार्दिक पांड्या की कप्तानी वाली मुंबई इंडियंस की टीम अंक तालिका में नौवें स्थान पर रही थी.
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नौकरी के बाद हर महीने मिलेगी ₹50,000 की इनकम, जानें उम्र के हिसाब से कितना बनाना होगा रिटायरमेंट फंड
रिटायरमेंट प्लानिंग केवल बचत जमा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसा फंड तैयार करना भी जरूरी है जो नौकरी के बाद नियमित आय देता रहे. बढ़ती महंगाई और लंबी जीवन प्रत्याशा को देखते हुए वित्तीय विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि रिटायरमेंट के लिए जल्द से जल्द निवेश शुरू करना चाहिए. रिटायरमेंट के बाद नियमित आय पाने के लिए सिस्टमेटिक विदड्रॉल प्लान (एसडब्ल्यूपी) एक लोकप्रिय विकल्प माना जाता है. इसके जरिए निवेशक अपना मूल निवेश बनाए रखते हुए हर महीने या तिमाही एक निश्चित राशि निकाल सकते हैं. यही कारण है कि कई सेवानिवृत्त लोग अपनी मासिक जरूरतों को पूरा करने के लिए इस विकल्प का इस्तेमाल करते हैं.
विशेषज्ञों के अनुसार, रिटायरमेंट फंड तय करने से पहले अपनी जीवनशैली, परिवार की जरूरतों, स्वास्थ्य खर्च, महंगाई और भविष्य की अन्य आवश्यकताओं का आकलन करना जरूरी है. एक सामान्य नियम यह भी माना जाता है कि रिटायरमेंट कॉर्पस का अनुमान लगाने के लिए मौजूदा मासिक खर्च का लगभग 300 गुना फंड तैयार होना चाहिए. निवेशकों को अपनी उम्र, जोखिम उठाने की क्षमता और वित्तीय लक्ष्यों के अनुसार इक्विटी, पीपीएफ, ईपीएफ, एनपीएस, बॉन्ड और अन्य निवेश विकल्पों का मिश्रण चुनना चाहिए. साथ ही आपातकालीन फंड और बीमा की व्यवस्था भी अलग से रखनी चाहिए ताकि अचानक आने वाले खर्चों से रिटायरमेंट फंड प्रभावित न हो.
अब अगर किसी को रिटायरमेंट के बाद हर महीने 50,000 रुपए का इनकम चाहिए, तो उसे हर महीने कितने रुपए का निवेश करना होगा और कैसे निवेश की प्लानिंग करनी होगी, चलिए जानते हैं. यदि कोई व्यक्ति रिटायरमेंट के बाद हर महीने 50,000 रुपए की आय चाहता है और उसकी जीवन प्रत्याशा 85 वर्ष मानी जाए, जबकि महंगाई की दर 6 प्रतिशत और निवेश पर औसत रिटर्न 12 प्रतिशत रहे, तो आवश्यक निवेश उम्र के अनुसार बदलता है. यदि कोई व्यक्ति 20 वर्ष की उम्र से निवेश शुरू करता है और 60 वर्ष की उम्र में रिटायर होना चाहता है, तो उसे लगभग 13,114 रुपए प्रति माह निवेश करना होगा. इससे करीब 15.42 करोड़ रुपए का कॉर्पस तैयार हो सकता है. वहीं 25 वर्ष की उम्र में शुरुआत करने पर हर महीने लगभग 17,928 रुपए का निवेश करना होगा, जिससे करीब 11.52 करोड़ रुपए का फंड तैयार हो सकता है.
वहीं, यदि निवेश की शुरुआत 30 वर्ष की उम्र में की जाए तो मासिक निवेश बढ़कर लगभग 24,650 हो जाएगा और अनुमानित कॉर्पस 8.61 करोड़ रुपए रहेगा. इसी तरह 35 वर्ष की उम्र में शुरुआत करने वालों को करीब 34,265 रुपए प्रति माह निवेश करना होगा, जिससे लगभग 6.43 करोड़ रुपए का कॉर्पस तैयार होगा. वहीं, अगर कोई व्यक्ति 40 वर्ष की उम्र से निवेश शुरू करता है, तो उसे लगभग 48,630 रुपए प्रति माह निवेश करना पड़ेगा और तब तक करीब 4.81 करोड़ रुपए का फंड तैयार हो सकता है. ये गणनाएं इस धारणा पर आधारित हैं कि निवेश को रिटायरमेंट के बाद भी जारी रखा जाएगा और उस पर लगभग 6 प्रतिशत रिटर्न मिलता रहेगा. वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि रिटायरमेंट प्लानिंग में सबसे महत्वपूर्ण बात जल्दी शुरुआत करना है, क्योंकि समय जितना लंबा होगा, कंपाउंडिंग का फायदा उतना अधिक मिलेगा और लक्ष्य हासिल करने के लिए मासिक निवेश का दबाव उतना कम रहेगा.
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