नौकरी के बाद हर महीने मिलेगी ₹50,000 की इनकम, जानें उम्र के हिसाब से कितना बनाना होगा रिटायरमेंट फंड
रिटायरमेंट प्लानिंग केवल बचत जमा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसा फंड तैयार करना भी जरूरी है जो नौकरी के बाद नियमित आय देता रहे. बढ़ती महंगाई और लंबी जीवन प्रत्याशा को देखते हुए वित्तीय विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि रिटायरमेंट के लिए जल्द से जल्द निवेश शुरू करना चाहिए. रिटायरमेंट के बाद नियमित आय पाने के लिए सिस्टमेटिक विदड्रॉल प्लान (एसडब्ल्यूपी) एक लोकप्रिय विकल्प माना जाता है. इसके जरिए निवेशक अपना मूल निवेश बनाए रखते हुए हर महीने या तिमाही एक निश्चित राशि निकाल सकते हैं. यही कारण है कि कई सेवानिवृत्त लोग अपनी मासिक जरूरतों को पूरा करने के लिए इस विकल्प का इस्तेमाल करते हैं.
विशेषज्ञों के अनुसार, रिटायरमेंट फंड तय करने से पहले अपनी जीवनशैली, परिवार की जरूरतों, स्वास्थ्य खर्च, महंगाई और भविष्य की अन्य आवश्यकताओं का आकलन करना जरूरी है. एक सामान्य नियम यह भी माना जाता है कि रिटायरमेंट कॉर्पस का अनुमान लगाने के लिए मौजूदा मासिक खर्च का लगभग 300 गुना फंड तैयार होना चाहिए. निवेशकों को अपनी उम्र, जोखिम उठाने की क्षमता और वित्तीय लक्ष्यों के अनुसार इक्विटी, पीपीएफ, ईपीएफ, एनपीएस, बॉन्ड और अन्य निवेश विकल्पों का मिश्रण चुनना चाहिए. साथ ही आपातकालीन फंड और बीमा की व्यवस्था भी अलग से रखनी चाहिए ताकि अचानक आने वाले खर्चों से रिटायरमेंट फंड प्रभावित न हो.
अब अगर किसी को रिटायरमेंट के बाद हर महीने 50,000 रुपए का इनकम चाहिए, तो उसे हर महीने कितने रुपए का निवेश करना होगा और कैसे निवेश की प्लानिंग करनी होगी, चलिए जानते हैं. यदि कोई व्यक्ति रिटायरमेंट के बाद हर महीने 50,000 रुपए की आय चाहता है और उसकी जीवन प्रत्याशा 85 वर्ष मानी जाए, जबकि महंगाई की दर 6 प्रतिशत और निवेश पर औसत रिटर्न 12 प्रतिशत रहे, तो आवश्यक निवेश उम्र के अनुसार बदलता है. यदि कोई व्यक्ति 20 वर्ष की उम्र से निवेश शुरू करता है और 60 वर्ष की उम्र में रिटायर होना चाहता है, तो उसे लगभग 13,114 रुपए प्रति माह निवेश करना होगा. इससे करीब 15.42 करोड़ रुपए का कॉर्पस तैयार हो सकता है. वहीं 25 वर्ष की उम्र में शुरुआत करने पर हर महीने लगभग 17,928 रुपए का निवेश करना होगा, जिससे करीब 11.52 करोड़ रुपए का फंड तैयार हो सकता है.
वहीं, यदि निवेश की शुरुआत 30 वर्ष की उम्र में की जाए तो मासिक निवेश बढ़कर लगभग 24,650 हो जाएगा और अनुमानित कॉर्पस 8.61 करोड़ रुपए रहेगा. इसी तरह 35 वर्ष की उम्र में शुरुआत करने वालों को करीब 34,265 रुपए प्रति माह निवेश करना होगा, जिससे लगभग 6.43 करोड़ रुपए का कॉर्पस तैयार होगा. वहीं, अगर कोई व्यक्ति 40 वर्ष की उम्र से निवेश शुरू करता है, तो उसे लगभग 48,630 रुपए प्रति माह निवेश करना पड़ेगा और तब तक करीब 4.81 करोड़ रुपए का फंड तैयार हो सकता है. ये गणनाएं इस धारणा पर आधारित हैं कि निवेश को रिटायरमेंट के बाद भी जारी रखा जाएगा और उस पर लगभग 6 प्रतिशत रिटर्न मिलता रहेगा. वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि रिटायरमेंट प्लानिंग में सबसे महत्वपूर्ण बात जल्दी शुरुआत करना है, क्योंकि समय जितना लंबा होगा, कंपाउंडिंग का फायदा उतना अधिक मिलेगा और लक्ष्य हासिल करने के लिए मासिक निवेश का दबाव उतना कम रहेगा.
Input: IANS
सिंहस्थ-2028 की तैयारी तेज, ओंकारेश्वर में श्रद्धालुओं की भीड़ के लिए सुरक्षा और व्यवस्थाओं का प्लान तैयार
मध्य प्रदेश में साल 2028 में होने वाले उज्जैन सिंहस्थ को लेकर अभी से तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। इस महाकुंभ के दौरान उज्जैन के साथ-साथ प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग नगरी ओंकारेश्वर में भी करोड़ों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। प्रशासन का अनुमान है कि इस बार सिंहस्थ में केवल ओंकारेश्वर आने वाले भक्तों की संख्या करीब 6 करोड़ तक पहुंच सकती है जो साल 2016 के सिंहस्थ में आए 50 लाख भक्तों से लगभग 12 गुना ज्यादा है।
नए रास्तों और सस्पेंशन ब्रिज से संभाली जाएगी भारी भीड़
आने वाले सिंहस्थ में इतनी बड़ी भीड़ को नियंत्रित करना प्रशासन के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। इसी को देखते हुए ओंकारेश्वर और सिद्धवरकूट को एक नए रास्ते और सस्पेंशन ब्रिज से जोड़ा जा रहा है। इंदौर की तरफ से आने वाले ज्यादातर श्रद्धालु बड़वाह के रास्ते सिद्धवरकूट पहुंचेंगे। वहां से वे नए सस्पेंशन ब्रिज के जरिए ओंकार पर्वत होते हुए सीधे ओंकार मठ घाट के रास्ते मंदिर तक आसानी से पहुंच सकेंगे।
मोरटक्का और सनावद मार्ग पर बनाए जा रहे अस्थाई होल्डिंग एरिया
यातायात को सुचारू रखने के लिए मोरटक्का और सनावद की तरफ से आने वाली सड़कों पर खास इंतजाम किए जा रहे हैं। मोरटक्का नहर के पास दो बड़े अस्थाई होल्डिंग एरिया बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा नए बस स्टैंड, सिविल अस्पताल के सामने, प्रसादालय और कुबेर भंडारी के पास पार्किंग कम होल्डिंग एरिया बनाए जाएंगे, जहां जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं को रोककर भीड़ को नियंत्रित किया जाएगा।
नर्मदा नदी के 12 किलोमीटर के दायरे में बन रहे 8 नए घाट
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षित स्नान के लिए नर्मदा और कावेरी नदी के किनारे बड़े पैमाने पर काम चल रहा है। ओंकारेश्वर से खेड़ी और मोरटक्का तक करीब 12 किलोमीटर के हिस्से में 163.23 करोड़ रुपए की लागत से कुल 8 नए घाट तैयार किए जा रहे हैं। स्नान करने वालों की सुरक्षा के लिए मजबूत रेलिंग और कुंड बनाए जा रहे हैं, जिसमें ब्रह्मपुरी, संगम क्षेत्र, खेड़ी और मोरटक्का के नए घाट शामिल हैं।
पार्किंग में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नए बस स्टैंड और कुबेर भंडारी मंदिर के पास मल्टीलेवल पार्किंग बनाई जा रही है, जबकि जूना महल के पास बड़ा होल्डिंग एरिया बनेगा। मोरटक्का में 39 एकड़ जमीन पर अस्थाई होल्डिंग एरिया रहेगा। इन सभी पार्किंग और होल्डिंग जगहों पर खाने-पीने के लिए फूड कोर्ट, शौचालय और साफ पीने के पानी के पूरे इंतजाम किए जाएंगे, साथ ही बैठने के लिए पारंपरिक चबूतरे भी बनेंगे।
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