फैंस की बढ़ी टेंशन! बारिश में धुल सकता है पांचवां टी-20, यहां जानिए बेंगलुरु का लेटेस्ट वेदर फॉरकास्ट
IND VS WI Weather Report: भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेली जा रही टी-20 सीरीज में अब फैसले की घड़ी आ गई है. आज चिन्नास्वामी स्टेडियम में पांचवां मैच खेला जाएगा, जिसके रिजल्ट के साथ ही मालूम चलेगा कि 5 मैचों की इस टी-20 सीरीज में किस टीम ने कब्जा जमाया है. ऐसे में आज के मैच का रोमांचक होना तय है. मगर, बेंगलुरु से क्रिकेट फैंस के लिए बुरी खबर सामने आ रही है. बताया जा रहा है कि आज का मैच बारिश से प्रभावित हो सकता है. तो आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि आज बेंगलुरु में बारिश होने की कितनी संभावना है और
बेंगलुरु में आज कैसा रहेगा मौसम का हाल?
बेंगलुरु की बारिश आज के मैच का मजा खराब कर सकती है. एक्यूवेदर के अनुसार, बेंगलुरु में सुबह आज 90% बारिश की संभावना है, तो वहीं रात में भी 85% बारिश के चांसेस हैं. ऐसे में भारत-वेस्टइंडीज के बीच खेला जाने वाला पांचवां टी-20 मैच बारिश की भेंट चढ़ सकता है. क्लाउ कवर भी 89% से 98% तक रहने वाला है. इसके अलावा बेंगलुरु में आज तापमान 28 से 21 डिग्री तक रहेगा. हवा 5 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार स चल सकती है. वहीं, ह्यूमिडिटी 70% रहने की संभावना है.
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— Star Sports (@StarSportsIndia) October 17, 2026
The series is locked at 2-2. Now, it's time to turn the belief into a series-winning finish. ????#INDvWI | 5th T20I ???? SAT, OCT 17, 6 PM pic.twitter.com/Z7Q1LHYqgL
बारिश में धुला मैच तो क्या होगा?
अब अगर आज बेंगलुरु में अधिक बारिश होगी, तो सीरीज डिसाइडर मैच बारिश में धुल सकता है. अब सवाल उठता है कि अगर ये मैच वॉशआउट होता है, तो क्या होगा? अब चूंकि, 5 मैचों की सीरीज 2-2 की बराबरी पर है, तो यदि मैच बारिश के कारण रद्द होता है, तो दोनों टीमों के बीच ट्रॉफी बांटी जाएगी और सीरीज 2-2 के साथ ही खत्म हो जाएगी.
चिन्नास्वामी की पिच पर किसे मिलेगी मदद?
चिन्नास्वामी स्टेडियम की पिच बल्लेबाजों के लिए मददगार मानी जाती है. बेंगलुरु के इस मैदान की बाउंड्री छोटी होने के कारण यहां चौके-छक्कों की बारिश देखने को मिल सकती है. पिच पर गेंद अच्छी तरह बल्ले पर आती है, जिससे बल्लेबाजों को बड़े शॉट खेलने में आसानी होती है. खासकर टी20 मुकाबलों में यहां हाई स्कोरिंग मैच देखने को मिलते हैं.
स्पिन गेंदबाजों को पिच से कुछ मदद मिल सकती है, लेकिन उन्हें विकेट हासिल करने के लिए अपनी लाइन और लेंथ में विविधता रखनी होगी. तो वहीं, तेज गेंदबाजों को शुरुआती ओवरों में हल्की स्विंग या अतिरिक्त उछाल मिल सकता है, जबकि डेथ ओवर्स में सटीक यॉर्कर और धीमी गेंदें अहम होंगी.
Team India's dominance at home speaks for itself! ????????????
— Star Sports (@StarSportsIndia) October 16, 2026
Will Team India seal another decider and clinch the series?#INDvWI | 5th T20I ???? SAT, OCT 17, 6 PM pic.twitter.com/q6GDYgLTiW
IND VS WI: कहां देख सकेंगे आज का मैच?
भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले पांचवें टी20 मुकाबले का लाइव टेलीकास्ट स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा. स्टार स्पोर्ट्स 2, स्टार स्पोर्ट्स 3 पर इस मुकाबले का लाइव देखने के लिए मिलेगा. वहीं तमिल और तेलगु के साथ कन्नड के स्टार स्पोर्ट चैनल पर भी इस मैच का लाइव टेलीकास्ट होगा.
इस मैच की लाइव स्ट्रीमिंग जियो हॉटस्टार ऐप पर होगी. ऐसे में फैंस इस ऐप पर इस मुकाबले की लाइव स्ट्रीमिंग का भी मजा ले सकते हैं, मगर यहां मैच देखने के लिए आपको सब्सक्रिप्शन लेगा होगा. इस मैच का प्रसारण भारत में डीडी स्पोर्ट्स पर फ्री में आप देख सकते हैं.
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Mata Kalaratri Ki Aarti: नवरात्रि के सातवें दिन करें कालरात्रि माता की आरती, हर प्रकार के संकट से मुक्ति दिलाएगा उनका शक्ति कवच
Mata Kalaratri Ki Aarti: आज 17 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्रि का सातवां दिन है. इस दिन कालरात्रि माता की पूजा की जाती है. यह दिन दुर्गा मां के अत्यंत उग्र और शक्तिशाली देवी को समर्पित होता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, कालरात्रि माता की आराधना करने से हर प्रकार के शत्रु, बाधा और भय तथा नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति मिलती है. मां का यह स्वरूप को देखने में भले ही भयानक हो लेकिन भक्तों के लिए शुभ होता है. देवी कालरात्रि के स्मरण से भूत-पिशाच, भय और अन्य परेशानियों से भी तुरंत राहत मिलती है. मान्यता है कि आज उनकी पूजा के दौरान कालरात्रि माता की आरती जरूर करनी चाहिए. इसके साथ ही आज के दिन कालरात्रि माता के शक्ति स्त्रोत का पाठ भी करना चाहिए. चलिए यहां पढ़ते हैं हिंदी में.
कालरात्रि माता की आरती (Kalaratri Mata ki Aarti Lyrics in Hindi)
कालरात्रि जय जय महाकाली। काल के मुंह से बचाने वाली॥
दुष्ट संघारक नाम तुम्हारा। महाचण्डी तेरा अवतारा॥
पृथ्वी और आकाश पे सारा। महाकाली है तेरा पसारा॥
खड्ग खप्पर रखने वाली। दुष्टों का लहू चखने वाली॥
कलकत्ता स्थान तुम्हारा। सब जगह देखूं तेरा नजारा॥
सभी देवता सब नर-नारी। गावें स्तुति सभी तुम्हारी॥
रक्तदन्ता और अन्नपूर्णा। कृपा करे तो कोई भी दुख ना॥
ना कोई चिन्ता रहे ना बीमारी। ना कोई गम ना संकट भारी॥
उस पर कभी कष्ट ना आवे। महाकाली मां जिसे बचावे॥
तू भी भक्त प्रेम से कह। कालरात्रि मां तेरी जय॥
कालरात्रि माता का स्त्रोत (Kalaratri Mata ka Stotra)
हीं कालरात्रि श्रीं कराली च क्लीं कल्याणी कलावती।
कालमाता कलिदर्पध्नी कमदीश कुपान्विता॥
कामबीजजपान्दा कमबीजस्वरूपिणी।
कुमतिघ्नी कुलीनर्तिनाशिनी कुल कामिनी॥
क्लीं ह्रीं श्रीं मन्त्र्वर्णेन कालकण्टकघातिनी।
कृपामयी कृपाधारा कृपापारा कृपागमा॥
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कालरात्रि मां का कवच (Read Kalaratri Mata Kavach in Hindi)
ऊं क्लीं मे हृदयम् पातु पादौ श्रीकालरात्रि।
ललाटे सततम् पातु तुष्टग्रह निवारिणी॥
रसनाम् पातु कौमारी, भैरवी चक्षुषोर्भम।
कटौ पृष्ठे महेशानी, कर्णोशंकर भामिनी॥
वर्जितानी तु स्थानाभि यानि च कवचेन हि।
तानि सर्वाणि मे देवीसततंपातु स्तम्भिनी॥
कालरात्रि माता का ध्यान मंत्र (Kalaratri Mata ka Dhyan Mantra)
करालवन्दना घोरां मुक्तकेशी चतुर्भुजाम्।
कालरात्रिम् करालिंका दिव्याम् विद्युतमाला विभूषिताम्॥
दिव्यम् लौहवज्र खड्ग वामोघोर्ध्व कराम्बुजाम्।
अभयम् वरदाम् चैव दक्षिणोध्वाघः पार्णिकाम् मम्॥
महामेघ प्रभाम् श्यामाम् तक्षा चैव गर्दभारूढ़ा।
घोरदंश कारालास्यां पीनोन्नत पयोधराम्॥
सुख पप्रसन्न वदना स्मेरान्न सरोरूहाम्।
एवम् सचियन्तयेत् कालरात्रिम् सर्वकाम् समृध्दिदाम्॥
कालरात्रि माता की चालीसा (Kalaratri Mata ki Chalisa)
दोहा
जयकाली कलिमलहरण,
महिमा अगम अपार।
महिष मर्दिनी कालिका,
देहु अभय अपार॥
चौपाई
अरि मद मान मिटावन हारी।
मुण्डमाल गल सोहत प्यारी॥
अष्टभुजी सुखदायक माता।
दुष्टदलन जग में विख्याता॥
भाल विशाल मुकुट छवि छाजै।
कर में शीश शत्रु का साजै॥
दूजे हाथ लिए मधु प्याला।
हाथ तीसरे सोहत भाला॥
चौथे खप्पर खड्ग कर पांचे।
छठे त्रिशूल शत्रु बल जांचे॥
सप्तम करदमकत असि प्यारी।
शोभा अद्भुत मात तुम्हारी॥
अष्टम कर भक्तन वर दाता।
जग मनहरण रूप ये माता॥
भक्तन में अनुरक्त भवानी।
निशदिन रटें ॠषी-मुनि ज्ञानी॥
महशक्ति अति प्रबल पुनीता।
तू ही काली तू ही सीता॥
पतित तारिणी हे जग पालक।
कल्याणी पापी कुल घालक॥
शेष सुरेश न पावत पारा।
गौरी रूप धर्यो इक बारा॥
तुम समान दाता नहिं दूजा।
विधिवत करें भक्तजन पूजा॥
रूप भयंकर जब तुम धारा।
दुष्टदलन कीन्हेहु संहारा॥
नाम अनेकन मात तुम्हारे।
भक्तजनों के संकट टारे॥
कलि के कष्ट कलेशन हरनी।
भव भय मोचन मंगल करनी॥
महिमा अगम वेद यश गावैं ।
नारद शारद पार न पावैं॥
भू पर भार बढ्यौ जब भारी।
तब तब तुम प्रकटीं महतारी॥
आदि अनादि अभय वरदाता।
विश्वविदित भव संकट त्राता॥
कुसमय नाम तुम्हारौ लीन्हा।
उसको सदा अभय वर दीन्हा॥
ध्यान धरें श्रुति शेष सुरेशा।
काल रूप लखि तुमरो भेषा॥
कलुआ भैंरों संग तुम्हारे।
अरि हित रूप भयानक धारे॥
सेवक लांगुर रहत अगारी।
चौसठ जोगन आज्ञाकारी॥
त्रेता में रघुवर हित आई।
दशकंधर की सैन नसाई॥
खेला रण का खेल निराला।
भरा मांस-मज्जा से प्याला॥
रौद्र रूप लखि दानव भागे।
कियौ गवन भवन निज त्यागे॥
तब ऐसौ तामस चढ़ आयो।
स्वजन विजन को भेद भुलायो॥
ये बालक लखि शंकर आए।
राह रोक चरनन में धाए॥
तब मुख जीभ निकर जो आई।
यही रूप प्रचलित है माई॥
बाढ्यो महिषासुर मद भारी।
पीड़ित किए सकल नर-नारी॥
करूण पुकार सुनी भक्तन की।
पीर मिटावन हित जन-जन की॥
तब प्रगटी निज सैन समेता।
नाम पड़ा मां महिष विजेता॥
शुंभ निशुंभ हने छन माहीं।
तुम सम जग दूसर कोउ नाहीं॥
मान मथनहारी खल दल के।
सदा सहायक भक्त विकल के॥
दीन विहीन करैं नित सेवा ।
पावैं मनवांछित फल मेवा॥
संकट में जो सुमिरन करहीं ।
उनके कष्ट मातु तुम हरहीं॥
प्रेम सहित जो कीरति गावैं।
भव बन्धन सों मुक्ती पावैं॥
काली चालीसा जो पढ़हीं ।
स्वर्गलोक बिनु बंधन चढ़हीं॥
दया दृष्टि हेरौ जगदम्बा
केहि कारण मां कियौ विलम्बा॥
करहु मातु भक्तन रखवाली।
जयति जयति काली कंकाली॥
सेवक दीन अनाथ अनारी।
भक्तिभाव युति शरण तुम्हारी॥
दोहा
प्रेम सहित जो करे,
काली चालीसा पाठ।
तिनकी पूरन कामना,
होय सकल जग ठाठ॥
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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