मैहर के मां शारदा मंदिर परिसर में फिर दिखा तेंदुआ, रोपवे के टावर के पास आराम फरमाता आया नजर, श्रद्धालुओं में दहशत
मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल मैहर से एक डराने और चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आ रही है। त्रिकूट पर्वत पर बसे प्रसिद्ध मां शारदा धाम में एक बार फिर जंगली तेंदुए की मौजूदगी दर्ज की गई है। इस घटना के बाद से ही मंदिर में दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय दुकानदारों के बीच काफी डर का माहौल बना हुआ है।
रोपवे टावर के फाउंडेशन के पास बैठा दिखा तेंदुआ
शुक्रवार की रात लगभग 8:30 बजे यह तेंदुआ रोपवे के टावर नंबर-3 के निचले हिस्से के पास बैठा हुआ मिला। यह जगह मुख्य सड़क के एकदम करीब है जहां से रोजाना हजारों भक्त मां शारदा के दर्शन के लिए गुजरते हैं। रात के समय खुले में खूंखार तेंदुए को देखकर वहां कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई हालांकि राहत की बात यह रही कि उसने किसी पर हमला नहीं किया।
पहाड़ों और घने जंगलों के कारण अक्सर आ जाते हैं वन्यजीव
मां शारदा का यह मंदिर त्रिकूट पहाड़ी के ऊपर स्थित है जिसके चारों तरफ काफी घना जंगल फैला हुआ है। यही वजह है कि यहां अकसर जंगली जानवरों की हलचल बनी रहती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बीते दो-तीन महीनों से इस इलाके में तेंदुए की आवाजाही बहुत बढ़ गई है। आए दिन तेंदुआ नजर आने की वजह से अब रात के समय दर्शनार्थियों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडराने लगा है।
तेंदुए की लोकेशन ट्रैक करने के लिए वन विभाग ने लगाए 20 कैमरे
लगातार तेंदुए की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग की टीम पूरी तरह मुस्तैद हो गई है। वन विभाग ने इलाके में तेंदुए की लोकेशन और गतिविधियों पर नजर रखने के लिए करीब 20 ट्रैप कैमरे लगा दिए हैं। इन कैमरों की मदद से 24 घंटे इलाके की निगरानी की जा रही है ताकि तेंदुए के किसी रिहायशी या भीड़भाड़ वाले इलाके में घुसने से पहले ही उसका पता लगाया जा सके।
वन विभाग ने जारी की एडवायजरी
घटना के बाद प्रशासन और वन विभाग ने भक्तों व स्थानीय लोगों के लिए चेतावनी जारी की है। अधिकारियों ने अपील की है कि रात के वक्त रास्ते से गुजरते समय खास ध्यान रखें। अगर तेंदुआ दिखे तो उसके पास जाकर फोटो या वीडियो बनाने की गलती बिल्कुल न करें। तेंदुए को किसी भी तरह छेड़ने या घेरने की कोशिश न करें और तुरंत इसकी जानकारी वन विभाग या पुलिस को दें।
60 की उम्र में जलेबी बनाकर कमा रहीं अम्मा सबंदो बाई सम्मान की रोटी; स्वाद ऐसा कि दिनभर में बिक जाती है सारी
Desi Jalebi Clay Stove Business: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के आमगांव की 60 वर्षीय सबंदो बाई मिट्टी के चूल्हे और लकड़ी की आंच पर देसी जलेबी बनाकर अपनी आजीविका चला रही हैं. कभी मजदूरी करने वाली अम्मा की जलेबी आज दिनभर में बिक जाती है.
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