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आज शनिवार को इन राशि वालों की बदल सकती है किस्मत, पढ़ें सभी 12 राशियों का हाल

Aaj Ka Rashifal 17 October 2026: आज शनिवार को इन राशि वालों की बदल सकती है किस्मत, पढ़ें सभी 12 राशियों का हाल

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चुनाव जीतकर भी क्या PM नहीं बन पाएंगे नेतन्याहू:दक्षिणपंथी वोटों के बंटने का डर; हाथ से निकल सकती है सत्ता

इजराइल में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सामने चुनाव के बाद सत्ता गंवाने का खतरा है। उनके अपने दक्षिणपंथी खेमे की छोटी पार्टियां उनके लिए मुश्किल खड़ी कर रही हैं। इनके कारण वोट बंट सकते हैं। वहीं, चुनाव के बाद ये पार्टियां नेतन्याहू की सरकार में शामिल होने से भी इनकार कर सकती हैं। चुनाव से 11 दिन पहले नेतन्याहू इन पार्टियों के वोट अपने पक्ष में लाने की कोशिश कर रहे हैं। दूसरी तरफ, विपक्षी नेता गादी आइजनकोट अपनी पार्टी को विपक्ष का सबसे बड़ा दल बनाने में जुटे हैं, ताकि प्रधानमंत्री पद के लिए उनका दावा मजबूत हो सके। 1. नेतन्याहू के लिए छोटी पार्टियां क्यों बनीं चुनौती? इजराइल में दक्षिणपंथी वोटों के लिए बेंजामिन नेतन्याहू की पार्टी लिकुड को ओफर विंटर और योआज हेंडेल की पार्टियों से चुनौती मिल रही है। नेतन्याहू चाहते हैं कि दक्षिणपंथी मतदाता उनकी पार्टी को वोट दें, ताकि चुनाव के बाद उनकी सरकार बनाने की संभावना मजबूत रहे। नेतन्याहू ने विंटर की पार्टी को वोट न देने की अपील की है। उन्हें डर है कि विंटर दक्षिणपंथी वोट लेकर चुनाव के बाद एविगडोर लिबरमैन के साथ जा सकते हैं। यानी वोट मिलने के बावजूद नेतन्याहू को इन पार्टियों का समर्थन मिले, यह जरूरी नहीं है। 2. वोट बंटने से नेतन्याहू को कैसे नुकसान हो सकता है? 3. विंटर ने नेतन्याहू को समर्थन देने पर शर्त रखी 4. विपक्ष में भी PM पद के लिए एक नाम पर सहमति नहीं नेतन्याहू को हराने की कोशिश कर रहे विपक्षी दलों में भी प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार को लेकर सहमति नहीं है। विपक्षी नेता गादी आइजनकोट चाहते हैं कि उनकी पार्टी याशर विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी बने। इसके लिए वे दूसरी विपक्षी पार्टियों के समर्थकों को अपनी ओर लाने की कोशिश कर रहे हैं। आइजनकोट का मानना है कि विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी बनने से प्रधानमंत्री पद के लिए उनका दावा मजबूत होगा। लेकिन इससे दूसरी विपक्षी पार्टियों को नुकसान हो सकता है। ऐसे में चुनाव के बाद नेतन्याहू के खिलाफ सभी विपक्षी दल एकजुट हो पाएंगे या नहीं, यह भी अहम होगा। नेतन्याहू को देश के लिए खतरा मानते हैं आइजनकोट आइजनकोट का आरोप है कि नेतन्याहू 7 अक्टूबर 2023 के हमले के बाद देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने में नाकाम रहे। उनका कहना है कि किसी नेता की पहचान उसके भाषणों से नहीं, बल्कि उसके नतीजों से होती है। उन्होंने नेतन्याहू को एंटी-लीडर बताते हुए कहा कि किसी भी नाकामी की जिम्मेदारी नेता को खुद लेनी चाहिए, लेकिन नेतन्याहू ऐसा नहीं करते। आइजनकोट का मानना है कि देश को ऐसी सरकार चाहिए, जो गलतियों की जिम्मेदारी ले और इजराइल को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के करीब लाए। आइजनकोट की पार्टी याशर विपक्षी खेमे का नेतृत्व करने की कोशिश कर रही है। लेख में दिए गए सर्वे के मुताबिक, प्रधानमंत्री पद के लिए उपयुक्त नेता के सवाल पर आइजनकोट नेतन्याहू से आगे चल रहे थे। एक सर्वे में उन्हें 41% और नेतन्याहू को 38% लोगों ने पसंद किया। दूसरे सर्वे में आइजनकोट को 44% और नेतन्याहू को 38% समर्थन मिला। 5. बहुमत के बिना भी सरकार बनाने की कोशिश करेंगे आइजनकोट इजराइल की संसद में 120 सीटें हैं। सरकार बनाने के लिए आमतौर पर 61 सांसदों का समर्थन जरूरी होता है, लेकिन कुछ परिस्थितियों में इससे कम समर्थन के साथ भी सरकार बन सकती है। विपक्षी नेता गादी आइजनकोट इसी संभावना पर विचार कर रहे हैं। वे ऐसी सरकार बनाने की कोशिश कर सकते हैं, जिसे अरब पार्टियों के मतदान से दूर रहने पर संसद में मंजूरी मिल जाए। हालांकि, यह अभी सिर्फ एक संभावना है। आइजनकोट के लिए सरकार बनाने के लिए जरूरी समर्थन जुटाना आसान नहीं होगा। 6. सरकार नहीं बनी तो कार्यवाहक PM बने रह सकते हैं नेतन्याहू विपक्षी नेता गादी आइजनकोट चाहते हैं कि चुनाव के बाद जल्द नई सरकार बने, ताकि बेंजामिन नेतन्याहू लंबे समय तक कार्यवाहक प्रधानमंत्री न बने रहें। इजराइल में अप्रैल 2019 से नवंबर 2022 के बीच पांच बार चुनाव हुए थे। इस दौरान नेतन्याहू कुल 19 महीने तक कार्यवाहक प्रधानमंत्री रहे। आइजनकोट इसी स्थिति से बचने के लिए अल्पमत सरकार बनाने का विकल्प तलाश रहे हैं। हालांकि, इसके लिए भी उन्हें संसद में जरूरी समर्थन जुटाना होगा। ------------------- ये खबर भी पढ़ें… चुनाव से पहले ईरान पर हमला नहीं करना चाहते नेतन्याहू:बोले- तेहरान ने हमला किया तब भी विरोधी मुझे जिम्मेदार ठहराएंगे; 27 अक्टूबर को वोटिंग इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि वह 27 अक्टूबर को होने वाले चुनाव से पहले ईरान पर हमला नहीं करना चाहते। बुधवार को इजराइली आर्मी रेडियो से बातचीत में उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले ईरान पर हमला करना ठीक नहीं होगा। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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  Sports

Shubman Gill की Ranji Trophy में वापसी, वनडे में दोहरा शतक जड़ने के बाद मैदान पर

 भारत के टेस्ट और वनडे कप्तान शुभमन गिल की पंजाब की तरफ से रणजी ट्रॉफी में वापसी रविवार से देशभर में शुरू होने वाले इस घरेलू प्रथम श्रेणी टूर्नामेंट के दूसरे दौर का मुख्य आकर्षण होगी। गिल पंजाब के पहले दौर के मैच में नहीं खेल पाए थे। उनकी अनुपस्थिति में भारत की अंडर19 टीम के पूर्व कप्तान उदय सहारन ने टीम की कप्तानी की। इस मैच में पंजाब ने असम के खिलाफ पहली पारी में बढ़त के आधार पर तीन अंक हासिल किए थे। सत्र के दूसरे दौर में पंजाब का सामना छत्तीसगढ़ से होगा।

 गिल का हाल में प्रदर्शन शानदार रहा है। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे श्रृंखला में 334 रन बनाए। गिल ने दूसरे वनडे में 133 गेंदों पर नाबाद 223 रन बनाए और इस प्रारूप में सबसे तेज दोहरा शतक का रिकॉर्ड अपने नाम किया था। ग्रुप बी के एक अन्य मुकाबले में कर्नाटक ऑलराउंडर श्रेयस गोपाल के नेतृत्व में अलूर में सौराष्ट्र का सामना करेगा। इस मैच में उसे बल्लेबाज रविचंद्रन स्मरण की कमी खलेगी जिन्हें न्यूजीलैंड दौरे के लिए भारत ए टीम में शामिल किया गया है। 

कर्नाटक को हालांकि चोट से उबरने वाले प्रमुख तेज गेंदबाज विद्वथ कावेरप्पा और वैशाक विजयकुमार की वापसी से मजबूती मिलेगी। ग्रुप बी में शीर्ष पर काबिज हैदराबाद की टीम आंध्र के खिलाफ अपना अच्छा प्रदर्शन जारी रखने की कोशिश करेगी। उसने पहले मैच में त्रिपुरा को पारी और 40 रन से हराकर बोनस अंक हासिल किया था। ग्रुप डी में मुंबई की टीम हिमाचल प्रदेश के खिलाफ उपकप्तान और सलामी बल्लेबाज आयुष म्हात्रे के बिना खेलेगी जो चोटिल हैं। 

सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल भी इस मैच में नहीं खेल पाएंगे क्योंकि वह न्यूजीलैंड दौरे के लिए भारत ए टीम का हिस्सा हैं। मुंबई ने दिव्यांश सक्सेना और अंगकृष रघुवंशी को टीम में शामिल किया है। म्हात्रे और जायसवाल की अनुपस्थिति में मुंबई को मध्यक्रम के बल्लेबाज सरफराज खान से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। ग्रुप सी में दिल्ली और सेना की टीम अपने शुरुआती मैचों में मिली हार से उबरने की कोशिश करेंगी। उनका सामना क्रमशः गुजरात और बंगाल से होगा।

 गुजरात और बंगाल ने अपने पहले मैचों में जीत हासिल की थी। बंगाल ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में शानदार प्रदर्शन करते हुए दिल्ली को नौ विकेट से हराया था। ग्रुप ए में उत्तर प्रदेश ने बिहार को पारी और 267 रन से हराकर अपने अभियान की शानदार शुरुआत की थी और अब उसका मुकाबला गोवा से होगा। 

दूसरी तरफ गोवा अपने पहले मैच में बड़ौदा के खिलाफ पारी और 135 रन की हार से उबरने की कोशिश करेगा। प्लेट ग्रुप में अनुभवी घरेलू क्रिकेटर नीलम ओबी सिक्किम के खिलाफ अरुणाचल प्रदेश की कप्तानी करेंगी। अरुणाचल राज्य क्रिकेट संघ में प्रशासनिक संकट के कारण अपना पहले दौर का मैच नहीं खेल पाया था।

Sat, 17 Oct 2026 14:33:00 +0530

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