गुजरात सरकार ने लोथल में राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर की प्रगति की समीक्षा की, वैश्विक पर्यटन केंद्र बनाने पर जोर
गुजरात में ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने और पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर (NMHC) का निर्माण महत्वपूर्ण पहल बनकर उभर रहा है. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शुक्रवार को लोथल पहुंचकर इस महत्वाकांक्षी परियोजना की प्रगति की समीक्षा की. उन्होंने निर्माण कार्यों और निर्धारित समयसीमा की जानकारी लेते हुए परियोजना को तय समय में पूरा करने पर जोर दिया.
प्राचीन सिंधु घाटी सभ्यता से जुड़े लोथल में विकसित किया जा रहा यह परिसर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकास भी, विरासत भी’ के विजन के अनुरूप है. इसका उद्देश्य भारत के समृद्ध समुद्री इतिहास और प्राचीन व्यापारिक परंपराओं को आधुनिक संग्रहालयों, विशेष दीर्घाओं और पर्यटक सुविधाओं के माध्यम से देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करना है.
दो चरणों में विकसित हो रहा परिसर
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को परियोजना के पहले और दूसरे चरण के तहत प्रस्तावित सुविधाओं, अब तक पूरे हो चुके निर्माण कार्यों और आगामी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई. अधिकारियों ने परिसर की विशेषताओं और कार्यान्वयन की समयसीमा पर प्रस्तुति भी दी.
इस परिसर में भारत की समुद्री विरासत को समर्पित संग्रहालय, आकर्षक प्रदर्शनी दीर्घाएं और दुनिया का सबसे ऊंचा लाइटहाउस संग्रहालय विकसित करने की योजना है. इससे पर्यटकों को भारत की प्राचीन समुद्री गतिविधियों, व्यापारिक संबंधों और ऐतिहासिक उपलब्धियों को समझने का अवसर मिलेगा.
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
गुजरात सरकार की ओर से परियोजना की प्रगति की समीक्षा राज्य की ऐतिहासिक धरोहर को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के प्रयासों का हिस्सा है. परिसर के विकसित होने से लोथल को प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने में मदद मिल सकती है. इससे स्थानीय व्यवसायों, पर्यटन सेवाओं और रोजगार के अवसरों को भी प्रोत्साहन मिलने की संभावना है.
राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर भारत की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के साथ नई पीढ़ी को देश के गौरवशाली समुद्री इतिहास से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है.
दिल्ली कैपिटल्स के असिस्टेंट और बैटिंग कोच बने युवराज सिंह:पहली बार संभालेंगे कोचिंग की जिम्मेदारी; 2015 में दिल्ली ने 16 करोड़ में खरीदा था
पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह IPL में दिल्ली कैपिटल्स के असिस्टेंट और बैटिंग कोच बन गए हैं। फ्रेंचाइजी ने मंगलवार को इसका ऐलान X पर किया। युवराज पहली बार किसी टीम की कोचिंग करेंगे। टीम के हेड कोच सौरव गांगुली हैं। युवराज 2015 में दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए खेले थे। उस समय फ्रेंचाइजी ने उन्हें 16 करोड़ रुपए में खरीदा था। यह उस समय IPL इतिहास की सबसे बड़ी खिलाड़ी बोली थी। कोचिंग को लेकर जुनूनी हूं- युवराज नई जिम्मेदारी मिलने पर युवराज ने कहा कि दिल्ली के साथ उनका पुराना जुड़ाव है। उन्होंने सौरव गांगुली के साथ काम करने को खास मौका बताया। युवराज ने बताया कि कोचिंग ऐसा काम है, जिसे लेकर वे वास्तव में जुनूनी हैं। 2019 में लिया था क्रिकेट से संन्यास, मुंबई इंडियंस के लिए खेला आखिरी IPL कैंसर के इलाज के कारण 2012 में IPL नहीं खेले युवराज के करियर में 2011 वनडे वर्ल्ड कप के बाद मुश्किल दौर आया। वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें कैंसर का पता चला और इलाज के लिए क्रिकेट से दूर होना पड़ा। उन्होंने अमेरिका में कीमोथेरेपी कराई और मार्च 2012 में इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी मिलने की जानकारी दी। इसी वजह से वे 2012 के IPL सीजन में नहीं खेल पाए। 2011 वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बने थे अभिषेक शर्मा समेत कई युवा खिलाड़ियों को मेंटर कर चुके हैं युवराज पिछले कुछ साल में कई युवा भारतीय खिलाड़ियों को मेंटर कर चुके हैं। इनमें अभिषेक शर्मा, प्रभसिमरन सिंह, अब्दुल समद, संजू सैमसन, ऋषभ पंत और प्रियांश आर्या जैसे नाम शामिल हैं। --------------------------- IPL 2027 से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… IPL 2027 का ऑक्शन गोवा में होगा:BCCI सेक्रेटरी बोले- दिसंबर में लगेगी बोली; 3 साल बाद भारत लौटेगी नीलामी IPL 2027 का ऑक्शन गोवा में होगा। BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दिसंबर में मिनी ऑक्शन आयोजित किया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…
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