न्याय की आस में दिल्ली पहुंचे अंकिता के माता-पिता, CBI हेडक्वार्टर में अफसरों से की मुलाकात
Uttarakhand News: उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की उम्मीद लगाए बैठे माता-पिता ने अब देश की राजधानी का रुख किया है. अंकिता की मां सोनी देवी और पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने दिल्ली स्थित केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो के मुख्यालय पहुंचकर वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की. उन्होंने अपनी बेटी के गुनहगारों और मामले से जुड़े हर चेहरे को बेनकाब करने की गुहार लगाई. इस दौरान परिजनों ने साफ लफ्जों में कहा कि जांच केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि तह तक जाकर सच को बाहर लाया जाए. केंद्रीय एजेंसी के आला अफसरों ने परिवार की बातों को गंभीरता से सुना और उन्हें यकीन दिलाया कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष, सटीक और न्यायसंगत तरीके से पूरी की जाएगी.
सीबीआई अधिकारियों ने परिजनों को बताया कि मामले से जुड़े तमाम तकनीकी और जमीनी पहलुओं की पड़ताल चल रही है. किसी भी संदिग्ध तथ्य या व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा. इस आश्वासन के बाद पीड़ित परिवार को एक बार फिर न्याय व्यवस्था से बड़ी उम्मीद बंधी है. यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब मामले में कथित वीआईपी का नाम सामने आने के बाद से सड़क से लेकर संसद तक सियासी तापमान बढ़ा हुआ है.
सीबीआई जांच की पृष्ठभूमि और मौजूदा पड़ताल
उत्तराखंड सरकार ने बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए इस हत्याकांड की केंद्रीय जांच एजेंसी से जांच कराने की संस्तुति की थी. राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा संस्तुति दिए जाने के बाद सीबीआई की दिल्ली स्पेशल क्राइम ब्रांच ने कमान संभाली. एजेंसी ने अज्ञात वीआईपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर अपनी कार्रवाई शुरू की. केंद्रीय जांच दल ने देहरादून और ऋषिकेश के उन तमाम इलाकों का दौरा किया, जहां से इस हत्याकांड के तार जुड़े हुए थे. टीम ने घटनास्थल का मुआयना करने के साथ ही कई अहम दस्तावेज और साक्ष्य अपने कब्जे में लिए हैं. एजेंसी अब उन कड़ियों को जोड़ने की कोशिश कर रही है, जो अब तक रहस्य बनी हुई थीं.
कथित वीआईपी को लेकर राजधानी से दून तक सियासी घमासान
इस पूरे प्रकरण में कथित वीआईपी का नाम उछलने और हालिया राजनीतिक घटनाक्रम के बाद देहरादून से लेकर दिल्ली तक जबरदस्त उबाल देखने को मिल रहा है. अंकिता के माता-पिता ने अपनी आवाज बुलंद करने के लिए दिल्ली के इंडिया गेट पर धरना भी दिया और कई प्रमुख नेताओं से मिलकर अपनी व्यथा साझा की. वहीं दूसरी ओर विपक्ष ने इस पूरे मुद्दे को लेकर मोर्चा खोल रखा है. कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. राजधानी देहरादून में युवा कार्यकर्ताओं ने विशाल बाइक रैली निकालकर सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई. प्रदेश के कोने-कोने में लोग सड़कों पर उतरकर उस प्रभावशाली शख्सियत की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं, जिसका नाम इस पूरे षड्यंत्र में लिया जा रहा है.
रिजॉर्ट में नौकरी से लेकर बैराज में शव मिलने तक की पूरी कहानी
यह दिल दहला देने वाला मामला पौड़ी गढ़वाल के श्रीकोट डोभ गांव की 19 वर्षीय अंकिता भंडारी से जुड़ा है. अंकिता अपने परिवार का सहारा बनने के लिए ऋषिकेश के पास यमकेश्वर ब्लॉक स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट में बतौर रिसेप्शनिस्ट काम करने गई थी. यह रिजॉर्ट एक पूर्व नेता के बेटे पुलकित आर्य का था. सितंबर 2022 में अंकिता अचानक गायब हो गई, जिसके बाद परिवार ने खोजबीन शुरू की. शुरुआत में राजस्व पुलिस ने मामले में लापरवाही बरती, लेकिन जब आक्रोश बढ़ा तो मामला नियमित पुलिस को सौंपा गया. इसके बाद चीला बैराज की नहर से अंकिता का शव बरामद हुआ, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया.
पूछताछ में जब रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य, उसके दोस्त अंकित गुप्ता और मैनेजर सौरभ भास्कर को हिरासत में लिया गया, तो उन्होंने गुनाह कबूल किया. उन्होंने बताया कि एक विवाद के बाद अंकिता को नहर में धक्का दे दिया गया था, जिससे डूबने से उसकी मौत हो गई. अदालत में चले लंबे मुकदमे के बाद तीनों मुख्य आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी.
ऑडियो-वीडियो के खुलासे से फिर भड़का जनआक्रोश
अदालत का फैसला आने के बाद मामला कुछ हद तक शांत माना जा रहा था, लेकिन एक नए मोड़ ने इसे दोबारा गरमा दिया. सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ ऑडियो और वीडियो में एक बेहद प्रभावशाली व्यक्ति की मौजूदगी और दबाव का जिक्र सामने आया. इस खुलासे ने उत्तराखंड की राजनीति में भूचाल ला दिया. जनता का गुस्सा दोबारा फूट पड़ा और लोग इंसाफ की मांग को लेकर फिर सड़कों पर आ गए. बढ़ते चौतरफा दबाव के कारण शासन को केंद्रीय एजेंसी से व्यापक जांच की सिफारिश करनी पड़ी. अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि केंद्रीय जांच ब्यूरो इस मामले में छिपे बड़े चेहरों तक कब पहुंचती है.
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यूपी ने बिहार को पारी और 267 रन से हराया:रणजी ट्रॉफी में चंडीगढ़ से मुंबई जीता; गुजरात के उर्विल ने 7 सिक्स लगाए
उत्तरप्रदेश ने रणजी ट्रॉफी में बिहार को पारी और 267 रन से हरा दिया। मंगलवार को मुंबई ने चंडीगढ़ और हैदराबाद ने त्रिपुरा के खिलाफ पारी से जीत दर्ज की। कर्नाटक के करुण नायर ने आंध्र के खिलाफ नाबाद 81 रन बनाकर टीम को संभाला। गुजरात के उर्विल पटेल ने सात छक्कों की मदद से 85 रन बनाए। केरल के अभिषेक पी नायर और पंजाब के विहान मल्होत्रा ने अपने पहले फर्स्ट क्लास शतक लगाए। इधर, मुंबई के उपकप्तान आयुष म्हात्रे को दाएं हैमस्ट्रिंग में गंभीर चोट लगी है। उन्हें चार से छह सप्ताह तक क्रिकेट से दूर रहना पड़ सकता है। करुण नायर ने मुश्किल समय में संभाला कर्नाटक की दूसरी पारी में करुण नायर ने उस समय जिम्मेदारी संभाली, जब टीम के ओपनर मयंक अग्रवाल और केएल राहुल जल्दी आउट हो गए। नायर दिन का खेल खत्म होने तक 130 गेंदों पर 81 रन बनाकर नाबाद थे। उनकी पारी से कर्नाटक ने आंध्र के खिलाफ दूसरी पारी में 32 रन की बढ़त हासिल कर ली। पहली पारी में कर्नाटक की शुरुआत बेहद खराब रही थी। टीम के लिए स्मरण रविचंद्रन ने 126 रन बनाकर पारी को संभाला था। उन्होंने कृष्णन श्रीजीत के साथ पांचवें विकेट के लिए 111 रन की साझेदारी की थी। उर्विल की फिफ्टी, गुजरात को 115 रन की बढ़त तमिलनाडु ने 10 रन में गंवाए 5 विकेट यूपी ने बिहार को पारी से हराया मुलानी को 3 विकेट आयुष म्हात्रे को हैमस्ट्रिंग में चोट मुंबई के आयुष म्हात्रे को रणजी ट्रॉफी के पहले मैच में चंडीगढ़ के खिलाफ बल्लेबाजी के दौरान दाएं पैर की हैमस्ट्रिंग में चोट लगी। इस चोट के कारण वह चार से छह सप्ताह तक क्रिकेट से दूर रह सकते हैं। म्हात्रे ने पहली पारी में 48 रन बनाए थे। 19 साल के म्हात्रे लंबे समय तक चोट से उबरने के बाद प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में लौटे थे। IPL 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेलते हुए उन्हें बाएं पैर की हैमस्ट्रिंग में चोट लगी थी, जिसके बाद उन्होंने बेंगलुरु स्थित BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में तीन महीने तक रिहैबिलिटेशन किया। वापसी के अपने पहले ही मुकाबले में उन्हें फिर चोट लग गई।
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