अफगानिस्तान ने बांग्लादेश के खिलाफ हारा टेस्ट ड्रॉ कराया:सेदीकुल्लाह अटल ने 111 रन बनाए, काइस अहमद ने दिन की आखिरी बॉल पर सिक्स लगाया
अफगानिस्तान ने बांग्लादेश के खिलाफ हारा हुआ टेस्ट मैच ड्रॉ करा लिया। अबू धाबी में अफगानिस्तान ने दूसरी पारी में 142 ओवर बल्लेबाजी की और 8 विकेट पर 346 रन बनाए। बांग्लादेश ने पहली पारी में 106 रन की बढ़त लेने के बाद दूसरी पारी 7 विकेट पर 372 रन बनाकर घोषित की थी और अफगानिस्तान के सामने 479 रन का टारगेट रखा था। सेदीकुल्लाह अटल ने मंगलवार को शतक लगाया। उन्होंने 111 रन की पारी खेली। काइस अहमद ने दिन की आखिरी बॉल पर सिक्स लगाए। वे 49 रन बनाकर नाबाद रहे। अटल ने 8 घंटे और 34 मिनट बल्लेबाजी की आखिरी घंटे में बांग्लादेश ने गंवाए मौके बांग्लादेश के पास मैच के अंतिम दिन अफगानिस्तान को आउट करने के लिए पूरा दिन था। टीम ने दूसरी पारी में 142 ओवर गेंदबाजी की, लेकिन आखिरी दो विकेट नहीं निकाल सकी। आखिरी सेशन में कैच और रन आउट के मौके गंवाना बांग्लादेश को भारी पड़ा। बांग्लादेश के कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने माना कि उनकी टीम निराश है, क्योंकि गेंदबाजों ने मौके बनाए थे, लेकिन उन्हें विकेट में नहीं बदल सके। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान ने शानदार बल्लेबाजी की और उनकी टीम को इस मैच से सीखने की जरूरत है। अफगानिस्तान के कप्तान रहमत शाह ने इस ड्रॉ को जीत जैसा बताया। उन्होंने कहा कि टीम ने पांच दिन तक बल्लेबाजी और गेंदबाजी में अपनी योजना पर अमल किया। पहली पारी में रहमत शाह का शतक बांग्लादेश ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी की और पहली पारी में 92.3 ओवर में 346 रन बनाए। तंजीद हसन तमीम ने 71 गेंदों पर 83 रन बनाए, जबकि शादमान इस्लाम ने 111 गेंदों पर 67 रन की पारी खेली। दोनों ने पहले विकेट के लिए 124 रन जोड़े। मुमिनुल हक ने 39 रन बनाए और लिटन दास ने 89 गेंदों पर 53 रन का योगदान दिया। निचले क्रम में नईम हसन 35 रन बनाकर नाबाद रहे। अफगानिस्तान की ओर से मोहम्मद सलीम सफी ने 82 रन देकर चार विकेट लिए। यामिन अहमदजई ने तीन और इस्मत आलम ने दो विकेट हासिल किए। जवाब में अफगानिस्तान की पहली पारी 89.1 ओवर में 240 रन पर सिमट गई। कप्तान रहमत शाह ने 216 गेंदों पर 105 रन बनाकर संघर्ष किया। अब्दुल मलिक ने 120 गेंदों पर 62 रन बनाए। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 70 रन जोड़े, लेकिन बाकी बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं कर सके। बांग्लादेश के हसन महमूद ने पांच विकेट लिए और इसी दौरान हैट्रिक भी हासिल की। एबादत हुसैन ने चार विकेट चटकाए। लिटन दास के शतक से बांग्लादेश ने 372/7 पर पारी घोषित की दूसरी पारी में बांग्लादेश ने 105.2 ओवर में 7 विकेट पर 372 रन बनाकर पारी घोषित की। लिटन दास ने 117 गेंदों पर 102 रन बनाए। उनकी पारी में 14 चौके शामिल थे। कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने 191 गेंदों पर 82 रन और मुशफिकुर रहीम ने 148 गेंदों पर 81 रन बनाए। मेहदी हसन मिराज 97 गेंदों पर 52 रन बनाकर नाबाद रहे। शांतो और मुशफिकुर ने चौथे विकेट के लिए 159 रन की साझेदारी की। इसके बाद लिटन ने मेहदी के साथ सातवें विकेट के लिए 149 रन जोड़े। इन पारियों की मदद से बांग्लादेश ने अफगानिस्तान के सामने 479 रन का मुश्किल लक्ष्य रखा। अफगानिस्तान के लिए यामिन अहमदजई और मोहम्मद सलीम सफी ने दो-दो विकेट लिए। जिया-उर-रहमान अकबर ने भी दो विकेट हासिल किए, जबकि काइस अहमद को एक विकेट मिला। लिटन दास प्लेयर ऑफ द मैच, विकेटकीपिंग में भी बनाया रिकॉर्ड लिटन दास को मैच में 53 और 102 रन की पारियों के साथ विकेट के पीछे 8 कैच करने के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। इस मुकाबले में उन्होंने एक टेस्ट में 150 रन बनाने और विकेटकीपर के रूप में नौ डिसमिसल करने का रिकॉर्ड बनाया। वह ऐसा करने वाले पहले विकेटकीपर बने।
न्याय की आस में दिल्ली पहुंचे अंकिता के माता-पिता, CBI हेडक्वार्टर में अफसरों से की मुलाकात
Uttarakhand News: उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की उम्मीद लगाए बैठे माता-पिता ने अब देश की राजधानी का रुख किया है. अंकिता की मां सोनी देवी और पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने दिल्ली स्थित केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो के मुख्यालय पहुंचकर वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की. उन्होंने अपनी बेटी के गुनहगारों और मामले से जुड़े हर चेहरे को बेनकाब करने की गुहार लगाई. इस दौरान परिजनों ने साफ लफ्जों में कहा कि जांच केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि तह तक जाकर सच को बाहर लाया जाए. केंद्रीय एजेंसी के आला अफसरों ने परिवार की बातों को गंभीरता से सुना और उन्हें यकीन दिलाया कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष, सटीक और न्यायसंगत तरीके से पूरी की जाएगी.
सीबीआई अधिकारियों ने परिजनों को बताया कि मामले से जुड़े तमाम तकनीकी और जमीनी पहलुओं की पड़ताल चल रही है. किसी भी संदिग्ध तथ्य या व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा. इस आश्वासन के बाद पीड़ित परिवार को एक बार फिर न्याय व्यवस्था से बड़ी उम्मीद बंधी है. यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब मामले में कथित वीआईपी का नाम सामने आने के बाद से सड़क से लेकर संसद तक सियासी तापमान बढ़ा हुआ है.
सीबीआई जांच की पृष्ठभूमि और मौजूदा पड़ताल
उत्तराखंड सरकार ने बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए इस हत्याकांड की केंद्रीय जांच एजेंसी से जांच कराने की संस्तुति की थी. राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा संस्तुति दिए जाने के बाद सीबीआई की दिल्ली स्पेशल क्राइम ब्रांच ने कमान संभाली. एजेंसी ने अज्ञात वीआईपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर अपनी कार्रवाई शुरू की. केंद्रीय जांच दल ने देहरादून और ऋषिकेश के उन तमाम इलाकों का दौरा किया, जहां से इस हत्याकांड के तार जुड़े हुए थे. टीम ने घटनास्थल का मुआयना करने के साथ ही कई अहम दस्तावेज और साक्ष्य अपने कब्जे में लिए हैं. एजेंसी अब उन कड़ियों को जोड़ने की कोशिश कर रही है, जो अब तक रहस्य बनी हुई थीं.
कथित वीआईपी को लेकर राजधानी से दून तक सियासी घमासान
इस पूरे प्रकरण में कथित वीआईपी का नाम उछलने और हालिया राजनीतिक घटनाक्रम के बाद देहरादून से लेकर दिल्ली तक जबरदस्त उबाल देखने को मिल रहा है. अंकिता के माता-पिता ने अपनी आवाज बुलंद करने के लिए दिल्ली के इंडिया गेट पर धरना भी दिया और कई प्रमुख नेताओं से मिलकर अपनी व्यथा साझा की. वहीं दूसरी ओर विपक्ष ने इस पूरे मुद्दे को लेकर मोर्चा खोल रखा है. कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. राजधानी देहरादून में युवा कार्यकर्ताओं ने विशाल बाइक रैली निकालकर सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई. प्रदेश के कोने-कोने में लोग सड़कों पर उतरकर उस प्रभावशाली शख्सियत की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं, जिसका नाम इस पूरे षड्यंत्र में लिया जा रहा है.
रिजॉर्ट में नौकरी से लेकर बैराज में शव मिलने तक की पूरी कहानी
यह दिल दहला देने वाला मामला पौड़ी गढ़वाल के श्रीकोट डोभ गांव की 19 वर्षीय अंकिता भंडारी से जुड़ा है. अंकिता अपने परिवार का सहारा बनने के लिए ऋषिकेश के पास यमकेश्वर ब्लॉक स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट में बतौर रिसेप्शनिस्ट काम करने गई थी. यह रिजॉर्ट एक पूर्व नेता के बेटे पुलकित आर्य का था. सितंबर 2022 में अंकिता अचानक गायब हो गई, जिसके बाद परिवार ने खोजबीन शुरू की. शुरुआत में राजस्व पुलिस ने मामले में लापरवाही बरती, लेकिन जब आक्रोश बढ़ा तो मामला नियमित पुलिस को सौंपा गया. इसके बाद चीला बैराज की नहर से अंकिता का शव बरामद हुआ, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया.
पूछताछ में जब रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य, उसके दोस्त अंकित गुप्ता और मैनेजर सौरभ भास्कर को हिरासत में लिया गया, तो उन्होंने गुनाह कबूल किया. उन्होंने बताया कि एक विवाद के बाद अंकिता को नहर में धक्का दे दिया गया था, जिससे डूबने से उसकी मौत हो गई. अदालत में चले लंबे मुकदमे के बाद तीनों मुख्य आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी.
ऑडियो-वीडियो के खुलासे से फिर भड़का जनआक्रोश
अदालत का फैसला आने के बाद मामला कुछ हद तक शांत माना जा रहा था, लेकिन एक नए मोड़ ने इसे दोबारा गरमा दिया. सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ ऑडियो और वीडियो में एक बेहद प्रभावशाली व्यक्ति की मौजूदगी और दबाव का जिक्र सामने आया. इस खुलासे ने उत्तराखंड की राजनीति में भूचाल ला दिया. जनता का गुस्सा दोबारा फूट पड़ा और लोग इंसाफ की मांग को लेकर फिर सड़कों पर आ गए. बढ़ते चौतरफा दबाव के कारण शासन को केंद्रीय एजेंसी से व्यापक जांच की सिफारिश करनी पड़ी. अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि केंद्रीय जांच ब्यूरो इस मामले में छिपे बड़े चेहरों तक कब पहुंचती है.
यह भी पढ़ें: Ankita Bhandari Murder Case: एसआईटी जांच से लेकर दोषियों को उम्रकैद तक, ADG मुरुगेशन ने साझा की पूरी रिपोर्ट
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation









