आज के स्मार्टफोन में USB Type-C पोर्ट लगभग स्टैंडर्ड बन चुका है। ज्यादातर लोग इसे सिर्फ चार्जिंग या कभी-कभार डेटा केबल लगाने तक ही सीमित मानते हैं, जबकि हकीकत इससे कहीं ज्यादा है। USB Type-C पोर्ट सिर्फ एक चार्जिंग स्लॉट नहीं, बल्कि एक मल्टी-टास्किंग टेक्नोलॉजी है, जो आपके फोन को ज्यादा पावरफुल और स्मार्ट बना देती है। हैरानी की बात यह है कि इसके कई बेहतरीन फीचर्स ऐसे हैं, जिनके बारे में अधिकतर यूजर्स को जानकारी ही नहीं होती।
आइए जानते हैं USB Type-C पोर्ट के 5 ऐसे बड़े फायदे, जो मुश्किल वक्त में भी आपके बहुत काम आ सकते हैं।
1. फोन बन सकता है पावर बैंक
यह सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन कई आधुनिक स्मार्टफोन USB Type-C पोर्ट के जरिए रिवर्स चार्जिंग सपोर्ट करते हैं। इसका मतलब यह है कि आपका फोन सिर्फ खुद चार्ज नहीं होता, बल्कि जरूरत पड़ने पर किसी दूसरे डिवाइस को भी चार्ज कर सकता है। Type-C to Type-C केबल की मदद से आप अपने फोन से वायरलेस ईयरबड्स, स्मार्टवॉच, फिटनेस बैंड या यहां तक कि किसी दूसरे स्मार्टफोन को भी थोड़ी देर के लिए चार्ज कर सकते हैं। जब पावर बैंक पास न हो और सामने वाले डिवाइस की बैटरी बिल्कुल खत्म होने वाली हो, तब यह फीचर किसी लाइफसेवर से कम नहीं है।
2. बिना इंटरनेट के फास्ट डेटा ट्रांसफर
आजकल Quick Share, Nearby Share या AirDrop जैसे वायरलेस ऑप्शन काफी लोकप्रिय हैं, लेकिन बड़े वीडियो, फोटो या हैवी फाइल ट्रांसफर में ये अक्सर धीमे साबित होते हैं। खासकर तब, जब इंटरनेट या वाई-फाई कनेक्शन कमजोर हो। USB Type-C पोर्ट की मदद से दो स्मार्टफोन को सीधे केबल से जोड़कर डेटा ट्रांसफर किया जा सकता है। इसमें एक फोन दूसरे फोन की स्टोरेज को एक्सेस कर लेता है, जिससे फाइलें बेहद तेज और भरोसेमंद तरीके से कॉपी होती हैं। बड़े साइज की फाइलों के लिए आज भी यह तरीका सबसे सुरक्षित और फास्ट माना जाता है।
3. फोन को बना सकते हैं मिनी कंप्यूटर
USB Type-C पोर्ट आपके स्मार्टफोन को एक मिनी कंप्यूटर में बदल सकता है। इस पोर्ट की मदद से आप फोन में कीबोर्ड, माउस, पेन ड्राइव या अन्य एक्सटर्नल डिवाइस कनेक्ट कर सकते हैं। USB या ब्लूटूथ डोंगल के जरिए कीबोर्ड और माउस जोड़कर लंबे ई-मेल लिखना, डॉक्यूमेंट एडिट करना या प्रेजेंटेशन तैयार करना काफी आसान हो जाता है। अगर कभी फोन की स्क्रीन खराब हो जाए, तब भी माउस की मदद से फोन ऑपरेट किया जा सकता है। इतना ही नहीं, कुछ फ्लैगशिप स्मार्टफोन एक्सटर्नल डिस्प्ले से कनेक्ट होने पर डेस्कटॉप जैसा इंटरफेस भी ऑफर करते हैं, जिससे काम करने का अनुभव और बेहतर हो जाता है।
4. बड़ी स्क्रीन पर देखें फिल्में और सीरीज
USB Type-C पोर्ट सिर्फ डेटा और चार्जिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वीडियो आउटपुट भी सपोर्ट करता है। HDMI to Type-C केबल की मदद से आप अपने फोन को सीधे टीवी या मॉनिटर से कनेक्ट कर सकते हैं। इससे फोन की स्क्रीन बड़ी स्क्रीन पर मिरर हो जाती है और आप डाउनलोड की गई फिल्में, वेब सीरीज या वीडियो बिना किसी कास्टिंग डिवाइस या एप के देख सकते हैं। यह फीचर खासतौर पर ट्रैवल के दौरान या उन जगहों पर बहुत काम आता है, जहां स्मार्ट टीवी या तेज इंटरनेट की सुविधा नहीं होती।
5. वायर्ड ईयरबड्स से बेहतर ऑडियो अनुभव
भले ही आजकल ज्यादातर स्मार्टफोन से 3.5mm हेडफोन जैक हटाया जा चुका हो, लेकिन वायर्ड ऑडियो पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। अब यह सुविधा USB Type-C पोर्ट के जरिए मिलती है। Type-C ईयरबड्स या Type-C to 3.5mm एडॉप्टर की मदद से आप वायर्ड हेडफोन का इस्तेमाल कर सकते हैं। वायर्ड ऑडियो में कम लेटेंसी और बेहतर साउंड क्वालिटी मिलती है, जिसकी वजह से गेमर्स और म्यूजिक लवर्स आज भी इसे ज्यादा पसंद करते हैं। खासकर गेम खेलते समय ऑडियो लैग न होना एक बड़ा फायदा है।
लोग इन फीचर्स को क्यों नजरअंदाज करते हैं
असल समस्या यह नहीं है कि USB Type-C के ये फीचर्स इस्तेमाल करना मुश्किल हैं, बल्कि यह है कि इनके बारे में ज्यादा जानकारी ही नहीं दी जाती। ज्यादातर यूजर्स को इन खूबियों का पता तब चलता है, जब वे किसी इमरजेंसी में फंस जाते हैं। सच तो यह है कि USB Type-C पोर्ट सिर्फ चार्जिंग के लिए नहीं बना है। यह एक यूनिवर्सल स्टैंडर्ड है, जो स्मार्टफोन को ज्यादा पावरफुल, फ्लेक्सिबल और स्मार्ट बनाता है। चार्जिंग तो बस इसका एक छोटा सा काम है, जबकि इसके फायदे इससे कहीं ज्यादा बड़े हैं।
- डॉ. अनिमेष शर्मा
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म्यूनिख, 15 फरवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तान के नेता या अधिकारी दुनिया के किसी भी कोने में चले जाएं, लेकिन अपनी फजीहत कराने से बाज नहीं आते। जर्मनी में म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस के दौरान भी कुछ ऐसा ही हुआ, जब पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल असीम मुनीर को एक सुरक्षा अधिकारी ने उनके आइडेंटिटी कार्ड की जगह को लेकर उन्हें रोक दिया।
फील्ड मार्शल मुनीर कॉन्फ्रेंस में शामिल होने के लिए अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ जर्मन शहर में थे। सोशल मीडिया पर एक वीडियो क्लिप खूब वायरल हो रही है, जिसमें सिक्योरिटी ऑफिसर पाकिस्तानी आर्मी चीफ से यह सुनिश्चित करने के लिए कह रहे हैं कि उनका आईडी कार्ड सामने से साफ दिखाई दे।
यह घटना कॉन्फ्रेंस की जगह के एंट्री पॉइंट से कुछ ही कदम पहले हुई। फुटेज में, सिक्योरिटी ऑफिसर अपने नाम के बैज पर टैप करते हुए और मुनीर के गले में लटके आईडी कार्ड की ओर इशारा करते हुए कह रहे हैं, क्या आप इसे घुमा सकते हैं?
म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में मुनीर और सिक्योरिटी अधिकारी के बीच हुई इस छोटी सी बातचीत ने तब से ऑनलाइन काफी ध्यान खींचा है। इस बातचीत के विजुअल्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रिएक्शन की बाढ़ ला दी है। कई लोगों ने इस घटना का मजाक उड़ाया है और दावा किया है कि यह मुनीर की पब्लिक इमेज को दिखाता है।
वहीं दूसरी तरफ म्यूनिख कॉन्फ्रेंस के लिए मुनीर को न्योता भेजने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने कड़ी आलोचना की है। जेय सिंध मुत्तहिदा महाज (जेएसएमएम) के चेयरमैन शफी बुरफत ने पूरे यूरोप में ग्लोबल सिक्योरिटी फोरम में असीम मुनीर की मौजूदगी की निंदा की।
जेएसएमएम चेयरमैन ने इसे दक्षिण एशियाई देश में दमन और कब्जे का सामना कर रहे समुदायों का अपमान बताया। सिंधी नेता ने इस बात पर जोर दिया कि मुनीर ने पाकिस्तानी राजनीति, न्यायतंत्र, बिजनेस और मीडिया को असरदार तरीके से सैन्य वर्चस्व के नीचे डाल दिया है और इसलिए वह शांति को भरोसे के साथ नहीं दिखा सकते।
बुरफत ने कहा, जर्मनी और यूरोप के अन्य देशों में होने वाले बड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में मुनीर की मौजूदगी उन समुदायों का अपमान है जिन्हें पाकिस्तान में दबाया और प्रताड़ित किया जा रहा है। यह उन पीड़ित लोगों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है जो जुल्म सह रहे हैं।
बुरफत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, पाकिस्तान के तथाकथित खुद को फील्ड मार्शल कहने वाले और खराब आर्मी चीफ, असीम मुनीर, पाकिस्तान के अंदर सिंधियों, बलूचों और पश्तूनों समेत जबरन गुलाम बनाए गए लोगों पर जुल्म, जबरदस्ती गायब करने, टॉर्चर करने और बिना कानूनी कार्रवाई के हत्याओं में गहराई से शामिल हैं।
--आईएएनएस
केके/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
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