महाराष्ट्र कांग्रेस चीफ बोले- टीपू सुल्तान शिवाजी महाराज के बराबर:BJP बोली- सपकाल पागल हो चुके हैं; पुणे में पूर्व विधायक के पोस्टर जलाए, केस दर्ज
महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के छत्रपति शिवाजी महाराज की तुलना टीपू सुल्तान से करने पर विवाद बढ़ गया है। सपकाल ने कहा था- टीपू सुल्तान को शिवाजी महाराज के बराबर मानना चाहिए। वे एक योद्धा और भारत के भूमिपुत्र के रूप में उभरे। उन्होंने कभी भी जहरीली सोच को नहीं अपनाया। दरअसल, सपकाल 14 फरवरी को बुलढाणा में मालेगांव नगर निगम के डिप्टी मेयर निहाल अहमद के ऑफिस टीपू सुल्तान की तस्वीर हटाने पर हुए विवाद के बारे में बोल रहे थे। उन्होंने X पर एक पोस्ट में लिखा- छत्रपति शिवाजी महाराज की बहादुरी बेमिसाल है, जबकि टीपू सुल्तान बहादुर और स्वराज्य के प्रेमी थे। शिवाजी महाराज को आदर्श मानकर ही टीपू अंग्रेजों से लड़े। कांग्रेस नेता के बयान को CM देवेंद्र फडणवीस ने शर्मनाक बताया है। उन्होंने कहा- कांग्रेस नेता को खुद पर शर्म आनी चाहिए। सपकाल के बयान के विरोध में पुणे में उनके पोस्टर जलाए गए, साथ ही एक केस भी दर्ज किया गया है। BJP प्रवक्ता बोले- सपकाल का दिमाग खराब, पागल हुए सपकाल के बयान पर BJP प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि महाराष्ट्र कांग्रेस प्रेसिडेंट का दिमाग खराब हो गया है, वह पागल हो गए हैं। उन्हें इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। राहुल गांधी और सोनिया गांधी को उन्हें तुरंत हटा देना चाहिए। ---------------------------- ये खबर भी पढ़ें… महाराष्ट्र जिला परिषद चुनाव में नाबालिगों ने वोट डाले:दावा- सोलापुर में उम्मीदवार के बेटे ने वोटिंग की; संभाजीनगर में भी विधायक बेटे को लेकर पहुंचा महाराष्ट्र जिला परिषद चुनाव के दौरान नाबालिग को पोलिंग बूथ के अंदर ले जाने से जुड़े दो मामले सामने आए हैं। पहला केस सोलापुर और दूसरा छत्रपति संभाजीनगर जिले से जुड़ा है। सोलापुर जिले के अकलुज स्थित यशवंत नगर मतदान केंद्र पर उम्मीदवार अर्जुन सिंह मोहिते पाटिल अपने 14 साल के बेटे के साथ पोलिंग बूथ के अंदर गए। आरोप है कि नाबालिग ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) का बटन दबाया। पूरी खबर पढ़ें…
गेहूं की फसल पर रोगों का हमला, समय पर पहचान से बच सकती है पैदावार
Wheat Crop Rust: बिलासपुर के कृषि रोग विशेषज्ञ डॉ. विनोद निर्मलकर के मुताबिक, तापमान बढ़ते ही गेहूं में ब्राउन रस्ट सहित कई रोग तेजी से फैल सकते हैं। पत्तियों, बालियों और जड़ों में दिखने वाले लक्षणों से इनकी पहचान संभव है। समय रहते जैविक या रासायनिक उपाय अपनाकर फसल को बड़े नुकसान से बचाया जा सकता है
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