Nitish Kumar की खातिर नौ हत्याएं करवाने का Anant Singh का दावा, JDU ने नकारा
बिहार में सत्तारूढ़ गठबंधन के घटक दल जनता दल यूनाइटेड (जदयू) से नाराज बताये जा रहे विधायक अनंत कुमार सिंह ने शुक्रवार को दावा किया कि उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मदद के लिए नौ लोगों की हत्या करवाई थी। आगामी विधान परिषद चुनाव में जदयू द्वारा नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाए जाने से मोकामा से विधायक सिंह नाराज हैं। नीरज कुमार, विधान परिषद के तीन बार सदस्य रह चुके हैं।
उन्होंने नीरज कुमार को हराने का संकल्प लेते हुए जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन करने की बात भी कही है। अनंत सिंह ने एक मीडिया संस्थान से बातचीत में कहा, ‘‘नीतीश कुमार और मेरे संबंध बहुत पुराने हैं। उनकी मदद करने के लिए मैंने नौ लोगों की हत्या करवाई।
जब वह संघर्ष कर रहे थे और राजनीति में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहे थे, तब मैं उनके साथ खड़ा था।’’ सिंह ने कहा कि जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार का समर्थन करना नीतीश कुमार की अवहेलना नहीं है। उन्होंने 2005 में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा था और उसी वर्ष नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री बने थे। विवादित बयानों के लिए चर्चित सिंह ने कुछ घंटे बाद सफाई देने के लिए पत्रकारों को अपने आवास पर बुलाया हालांकि, इस दौरान उनके बयान से जदयू की मुश्किलें बढ़ गईं।
इस बीच, जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने एक वीडियो बयान जारी कर पार्टी को इस विवाद से अलग करने का प्रयास किया। उन्होंने अनंत सिंह का नाम लिए बिना कहा कि नीतीश कुमार का 50 साल का राजनीतिक करियर बेदाग रहा है। प्रसाद ने कहा, ‘‘उनका (नीतीश कुमार का) अपराधियों से मेलजोल, हिंसा में संलिप्तता या किसी भी तरह की नकारात्मक गतिविधि से कोई संबंध नहीं रहा है।
इस तरह के बयान पर पार्टी कोई संज्ञान नहीं लेती और न ही जनता इसे गंभीरता से लेने वाली है।’’
Iran पर सबसे बड़ा गैर-परमाणु बम MOAB गिराने का US Army कर रही विचार
अमेरिकी सेना ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे और परमाणु स्थलों को निशाना बनाने के लिए अपने जखीरे में मौजूद सबसे बड़े गैर-परमाणु बम का इस्तेमाल करने पर विचार कर रही है। हालांकि, इसके लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मंजूरी जरूरी होगी। संबंधित बम को ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’ भी कहा जाता है।
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के खिलाफ जारी युद्ध में ‘जीबीयू-43/बी मैसिव ऑर्डनेंस एयर ब्लास्ट बम’ (एमओएबी) का इस्तेमाल एक बड़ा और गंभीर मोड़ साबित होगा। संबंधित युद्ध अब आठवें महीने में प्रवेश कर चुका है। ट्रंप ने बृहस्पतिवार को न्यूजमैक्स से कहा कि अमेरिका ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों पर एक और हमला कर सकता है, जिसमें ‘पिकएक्स माउंटेन’ के नाम से जानी जाने वाली एक बेहद सुरक्षित जगह भी शामिल है।
यह पूछे जाने पर कि क्या वह तीन नवंबर के मध्यावधि चुनावों के बाद ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’ का इस्तेमाल करने पर विचार कर रहे हैं, ट्रंप ने कहा कि यह परमाणु हथियार नहीं है। ट्रंप ने कहा, यह बिल्कुल भी परमाणु नहीं है, यह बस एक बहुत बड़ा बम है। यह एक छोटे परमाणु बम की तरह है।
लेकिन ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’ एक बहुत बड़ा बम है - पर यह परमाणु नहीं है। मैं परमाणु हथियारों का इस्तेमाल नहीं करूंगा, हमें ऐसा करने की जरूरत भी नहीं है।’’ लगभग 21,600 पाउंड वजनी एमओएबी का इस्तेमाल पहली बार अप्रैल 2017 में, ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान, अफगानिस्तान में इस्लामिक स्टेट समूह के एक सुरंग परिसर को नष्ट करने के लिए किया गया था। ‘जीबीयू-57 मैसिव ऑर्डनेंस पेनेट्रेटर’ (गहराई में दबे लक्ष्यों को नष्ट करने वाला बंकर उड़ाने वाला बम) के विपरीत, एमओएबी को मुख्य रूप से सतह पर बहुत बड़ा विस्फोट करने के लिए डिजाइन किया गया है।
सीएनएन ने बताया कि अधिकारियों ने सवाल उठाया है कि क्या यह ज़मीन के बहुत नीचे दबे ईरानी परमाणु प्रतिष्ठानों को प्रभावी ढंग से नष्ट कर सकता है। पिछले महीने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण में, ट्रंप ने कहा था कि उन्हें एक ‘‘बड़ा फैसला’’ लेना है-कि क्या ईरान के साथ कोई समझौता किया जाए या फिर ‘‘इस्लामिक रिपब्लिक को पूरी तरह नष्ट’’ कर दिया जाए।
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