दशहरा से पहले इस लघु वित्त बैंक ने बदली FD की ब्याज दरें, 16 अक्टूबर से नए रेट लागू, यहाँ करें चेक
रेपो रेट में आरबीआई ने 25 आधार अंकों की वृद्धि की है। जिसके बाद से ही लोन और फिक्स्ड डिपॉजिट के ब्याज दरों (FD Rates) में बदलाव का सिलसिला जारी हो चुका है। अब इस सूची में सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक भी शामिल हो चुका है। बदलाव के बाद बैंक 4% से लेकर 8.25% ब्याज सामान्य नागरिकों को ऑफर कर रहा है। केवल कुछ टेन्योर के लिए ही इंटरेस्ट रेट में संशोधन किया गया।
ग्राहकों को निवेश से पहले बैंक की आधिकारिक वेबसाइट विजिट करने की सलाह दी जाती है। क्योंकि सभी बैंक अलग-अलग वित्तीय कारकों को ध्यान में रखते हुए ब्याज दरों में समय पर बदलाव करते रहते हैं। वरिष्ठ नागरिकों को अतिरिक्त ब्याज की सुविधा मिलती रहेगी। 60 साल या इससे अधिक आयुवर्ग के लोगों के लिए इंटरेस्ट रेट 4.15% से लेकर 8.50% के बीच है।
इस टेन्योर पर अब मिलेगा ज्यादा ब्याज
डॉमेस्टिक टर्म डिपॉजिट में 3 करोड़ रुपये से कम का निवेश ग्राहक कर सकते हैं। 7 दिन से लेकर 10 साल तक का टेन्योर ऑप्शन मिलता है। केवल एक मैच्योरिटी स्लैब पर ब्याज बढ़ाया गया है। पहले 18 महीने के टेन्योर पर बैंक 7.80% ब्याज ऑफर करता था, जिसे बढ़ाकर 8.01% कर दिया गया है। अब वरिष्ठ नागरिकों को 8.16% ब्याज मिल रहा है, जबकि पहले 7.95% ब्याज मिलता था।
5 साल के टेन्योर पर अधिकतम ब्याज
बैंक सबसे ज्यादा रिटर्न 5 साल के टेन्योर पर ऑफर कर रहा है। सामान्य नागरिकों के लिए 8.25% और वरिष्ठ नागरिकों के लिए 8.50 प्रतिशत है। इसके अलावा 30 महीने के टेन्योर पर बैंक 8.10% ब्याज ऑफर कर रहा है। वरिष्ठ नागरिकों को 15 बीपीएस अतिरिक्त ब्याज की सुविधा भी मिल रही है। बैंक 3 साल से लेकर 5 साल से कम के टेन्योर को छोड़कर एक साल या इससे अधिक के सभी मैच्योरिटी स्लैब पर 7% से अधिक ब्याज ऑफर कर रहा है।
टेन्योर वाइज ब्याज दरें जानें
- 7 से लेकर 14 दिन- 4%
- 15 से लेकर 45 दिन- 4.25%
- 46 से लेकर 90 दिन- 4.50%
- 91 दिन से लेकर 6 महीने तक- 5%
- 6 महीने 1 दिन- 6.50%
- 6 महीने 1 दिन से अधिक और 9 महीने तक- 5.50%
- 9 महीने से अधिक और 1 साल से कम- 6%
- 1 साल- 7.25%
- 1 साल 1 दिन- 7.51%
- 1 साल 1 दिन से अधिक और 18 महीने से कम- 7.25%
- 18 महीने- 8.01%
- 18 महीने से अधिक और 2 साल तक- 7.25%
- 30 महीने- 8.10%
- 30 महीने से अधिक और 3 साल तक- 8.25%
- 30 साल से अधिक और 5 साल से कम- 6.75%
- 5 साल- 8.25%
- 5 साल से अधिक को 10 साल तक- 7.25%
तिरंगा मार्च से पहले अभिजीत दीपके और नेहा बोरा को पुलिस ने हिरासत में लिया, कनॉट प्लेस में भारी सुरक्षा बल तैनात
कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके और AISA अध्यक्ष नेहा बोरा को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया है। दरअसल कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च के ऐलान के बाद इलाके में भारी पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए। पुलिस का कहना है कि मार्च की अनुमति नहीं दी गई थी। वहीं दूसरी ओर लेफ्ट संगठनों ने कनॉट प्लेस के इनर सर्किल में तिरंगा मार्च निकाला। CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास ने दावा किया कि उन्होंने पुलिस की पाबंदी के बावजूद वहां पहुंचकर मार्च किया।
दरअसल दिल्ली में तिरंगा मार्च को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी। अभिजीत दीपके को घर से निकलने के बाद हिरासत में लिया गया जबकि नेहा बोरा को मंडी हाउस से पकड़ा गया। मार्च के दौरान तिरंगा लेकर नारेबाजी करने वाले कुछ लोगों को भी पुलिस ने कस्टडी में लिया।
अभिजीत दीपके और नेहा बोरा को हिरासत में लिया गया
वहीं अभिजीत दीपके दिल्ली में NCP-SCP के प्रवक्ता अनीश गावंडे के घर रुके हुए थे। जानकारी के मुताबिक पुलिस उन्हें प्रदर्शन न करने के लिए समझाने पहुंची थी। दीपके जैसे ही घर से बाहर निकले पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इस दौरान दीपके ने पुलिस से पूछा कि उन्हें किस वजह से हिरासत में लिया जा रहा है। पुलिस ने जवाब दिया कि यह कार्रवाई प्रिवेंटिव मेजर के तहत की जा रही है। अभिजीत दीपके ने कहा कि वह कोई कानून नहीं तोड़ रहे हैं और अकेले जा रहे हैं फिर उन्हें क्यों रोका जा रहा है। उन्होंने पुलिस से यह भी पूछा कि अगर उन्हें किसी जगह नहीं जाने देना है तो साफ बता दिया जाए कि वे कहां जा सकते हैं। दूसरी तरफ AISA अध्यक्ष नेहा बोरा को मंडी हाउस से हिरासत में लिया गया। पुलिस का कहना है कि तिरंगा मार्च के लिए अनुमति नहीं दी गई थी। मार्च के दौरान करीब 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी भी सामने आई।
कनॉट प्लेस में भारी पुलिस बल
वहीं तिरंगा मार्च के मद्देनजर कनॉट प्लेस के आउटर, मिडिल और इनर सर्किल में बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात किए गए। दुकानों, पार्किंग, फुटपाथ और सेंट्रल पार्क के गेट के आसपास भी पुलिसकर्मी मौजूद रहे। पुलिस ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी थी और तिरंगा लेकर नारेबाजी करने वाले लोगों को हिरासत में लिया जा रहा था। पुलिस किसी को भी पूरे इलाके में घूमकर मार्च निकालने की अनुमति नहीं दे रही थी।
हालांकि दूसरी तरफ लेफ्ट संगठनों ने कनॉट प्लेस के इनर सर्किल में तिरंगा मार्च निकाला। CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा कि पुलिस ने किसी को कनॉट प्लेस तक नहीं पहुंचने देने की बात कही थी लेकिन वे वहां पहुंच गए। उन्होंने दावा किया कि उनके संगठन ने पुलिस की पाबंदी को चुनौती दी और तिरंगे का मान रखा। इस बीच कनॉट प्लेस में सुरक्षा के कड़े इंतजामों और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने के चलते तिरंगा मार्च का मुद्दा चर्चा में रहा।
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