SEBI ने कल्ट डॉट फिट और ईश्वरी ग्लोबल समेत 3 कंपनियों को IPO लाने की दी हरी झंडी
फिटनेस सेवा मंच कल्ट डॉट फिट, ईश्वरी ग्लोबल मेटल इंडस्ट्रीज और कृषि-भंडारण कंपनी सोहन लाल कमोडिटी मैनेजमेंट को आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के जरिये पूंजी जुटाने के लिए बाजार नियामक सेबी से मंजूरी मिल गई है। नियामक की वेबसाइट पर उपलब्ध अद्यतन सूचना से इसकी जानकारी मिली। यह मंजूरी प्राथमिक बाजार में धन जुटाने की मजबूत गतिविधियों के बीच आई है, जहां कंपनियों ने 2026 में अब तक 97 सार्वजनिक निर्गमों के माध्यम से 1.1 लाख करोड़ रुपये से अधिक जुटाए हैं।
इस महीने कई बड़े आईपीओ आने वाले हैं। कल्ट डॉट फिट और ईश्वरी ग्लोबल मेटल इंडस्ट्रीज ने जहां सामान्य मार्ग से अपने मसौदा दस्तावेज दाखिल किए थे, वहीं सोहन लाल कमोडिटी मैनेजमेंट ने गोपनीय मार्ग का विकल्प चुना था। कंपनियों ने अपने दस्तावेज मार्च से जुलाई के बीच जमा किए थे और सेबी ने 12-13 अक्टूबर के दौरान अपने निष्कर्ष जारी किए।
सेबी की भाषा में निष्कर्ष जारी होने का अर्थ आईपीओ के लिए हरी झंडी मिलना है। कल्ट डॉट फिट के प्रस्तावित आईपीओ में 950 करोड़ रुपये तक के इक्विटी शेयरों का ताजा निर्गम और मौजूदा शेयरधारकों द्वारा 17.86 करोड़ तक के इक्विटी शेयरों की बिक्री पेशकश (ओएफएस) शामिल है। ईश्वरी ग्लोबल मेटल इंडस्ट्रीज के प्रस्तावित आईपीओ में 500 करोड़ रुपये का ताजा निर्गम और 1.32 करोड़ तक के इक्विटी शेयरों का ओएफएस शामिल है।
बाजार सूत्रों के अनुसार आईपीओ का कुल आकार 1,100 करोड़ रुपये से 1,300 करोड़ रुपये के बीच हो सकता है। प्रौद्योगिकी-संचालित कृषि लॉजिस्टिक में विशेषज्ञता रखने वाली कंपनी सोहन लाल कमोडिटी मैनेजमेंट ने मार्च में गोपनीय मार्ग के जरिये सेबी के पास अपने शुरुआती आईपीओ दस्तावेज दाखिल किए थे। इसलिए आईपीओ के शुरुआती चरण में कंपनी के मसौदा प्रस्ताव दस्तावेजों को सार्वजनिक नहीं किया गया है।
खैर तस्करी गिरोह पर शिकंजा, Gurugram से 15 टन अवैध लकड़ी जब्त और व्यापारी अरेस्ट
छत्तीसगढ़ पुलिस ने हरियाणा के गुरुग्राम में एक गोदाम से करीब 15 टन खैर की अवैध रूप से काटी गयी लकड़ी जब्त की। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ पुलिस ने साथ ही अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह के मामले में हिमाचल प्रदेश से 67 वर्षीय व्यापारी सतपाल सिंह को भी गिरफ्तार किया।
अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई के बाद मामले में जब्त खैर की लकड़ी की कुल मात्रा करीब 70 टन हो गई है। उन्होंने बताया कि जांच के तहत ओडिशा, मध्यप्रदेश, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में छापेमारी की गई। वन अधिकारी की शिकायत पर नौ जुलाई को पिथोरा थाने में मामला दर्ज किया गया था।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि 23,350 किलोग्राम खैर की लकड़ी के परिवहन के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) में जालसाजी की गई थी। पुलिस ने 10 अक्टूबर को गुरुग्राम जिले के बहोदा कलां गांव में ‘श्री बालाजी ट्रेडिंग’ के गोदाम पर छापा मारकर करीब 15 टन लकड़ी जब्त की। पुलिस ने बताया कि यह फर्म आरोपी मनीष अग्रवाल नाम के व्यापारी की है।
पुलिस के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश में छापेमारी के दौरान 1.70 करोड़ रुपये नकद भी बरामद किए गए। पुलिस ने इससे पहले अग्रवाल के छत्तीसगढ़ स्थित घर से 81 लाख रुपये जब्त किए थे। पुलिस ने 12 अक्टूबर को हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले से ‘शिव ट्रेडर्स’ के मालिक सतपाल सिंह को गिरफ्तार किया।
जांचकर्ताओं ने बताया कि सिंह ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर फर्जी कंपनियों, जाली दस्तावेजों और वन विभाग के ट्रांजिट पास में हेराफेरी के जरिए लकड़ी की काल्पनिक खरीद-बिक्री दिखाई। पुलिस के अनुसार, वित्तीय जांच में पिछले तीन वर्षों के दौरान करोड़ों रुपये के लेन-देन का पता चला है और मामले में दो अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने बताया मामले की जांच जारी है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi









