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Riyadh Airport बंद होने के बाद दूतावास का निर्देश, सऊदी में रह रहे भारतीय घर के अंदर रहें

रियाद हवाई अड्डे पर हुए हमले के बाद उड़ानों में रुकावटें जारी हैं। इसे देखते हुए, भारत ने सऊदी अरब में रह रहे अपने नागरिकों को फिर से सलाह दी है कि वे स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें और किसी भी हवाई हमले के दौरान घर के अंदर ही रहें। रियाद में भारतीय दूतावास ने एक अपडेटेड एडवाइजरी में बताया कि 10 अक्टूबर के हमले में घायल हुए छह भारतीय नागरिक अभी भी अस्पताल में हैं। इनमें से दो लोग इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में हैं, एक हाई डिपेंडेंसी यूनिट (HDU) में है और तीन लोग जनरल वार्ड में हैं। रियाद का अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा उड़ानों के लिए बंद है। दूतावास ने बताया कि दम्मम, जेद्दा और मदीना के हवाई अड्डे चालू हैं, हालांकि वहां अभी भी कुछ रुकावटें आ रही हैं।

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भारतीय एयरलाइनों ने सऊदी अरब आने-जाने वाली उड़ानों के निलंबन को आगे बढ़ा दिया है। एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने 20 अक्टूबर तक सभी रूटों पर अपनी सेवाएं निलंबित कर दी हैं। आकासा एयर ने रियाद के लिए अपनी उड़ानें 24 अक्टूबर तक और जेद्दा के लिए उड़ानें 21 अक्टूबर तक निलंबित कर दी हैं। एडवाइजरी के अनुसार, इंडिगो ने भी सभी रूटों पर अपनी सेवाएं 24 अक्टूबर तक निलंबित कर दी हैं। दूतावास ने कहा कि सऊदी एयरलाइंस दम्मम, जेद्दा और मदीना से भारतीय शहरों के लिए अपनी निर्धारित उड़ानें जारी रखे हुए है। फ्लाईनास भी दम्मम-लखनऊ रूट पर अपनी निर्धारित उड़ानें संचालित कर रही है। दूतावास ने आगे बताया कि फ्लाईडील ने 17 और 18 अक्टूबर के लिए दम्मम-मुंबई उड़ानों की घोषणा की है। दूतावास ने कहा कि जिन भारतीय नागरिकों को तुरंत यात्रा करने की आवश्यकता है, वे बहरीन, कुवैत या कतर के रास्ते जाने पर विचार कर सकते हैं, बशर्ते उनके पास जरूरी वीजा हों। 

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सऊदी अरब की यात्रा (उमराह सहित) की योजना बना रहे लोगों को सलाह दी गई है कि वे सऊदी हवाई अड्डों पर जारी व्यवधानों और उड़ानों के रद्द होने की संभावना को ध्यान में रखें, जिसके कारण उन्हें वहां लंबे समय तक रुकना पड़ सकता है। दूतावास ने कहा मौजूदा हालात को देखते हुए, सभी भारतीय नागरिकों को स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करना चाहिए। हवाई हमले की स्थिति में घर के अंदर ही रहें, और चल रही घटनाओं से जुड़ी किसी भी जानकारी, फोटो या वीडियो को रिकॉर्ड करने, प्रकाशित करने या साझा करने से बचें। दूतावास ने बताया कि यह नई सलाह हाल ही में जारी किए गए दिशा-निर्देशों का ही हिस्सा है। इसमें भारतीय नागरिकों से कहा गया है कि हवाई हमलों के दौरान वे घर के अंदर रहें और यात्रा की योजना बनाते समय उड़ानों में संभावित रुकावटों को भी ध्यान में रखें।

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AWD या 4WD, आपकी ड्राइविंग के लिए कौन-सा सिस्टम रहेगा बेस्ट?

आजकल कार खरीदते समय सिर्फ इंजन, माइलेज और फीचर्स पर ही ध्यान नहीं दिया जाता, बल्कि गाड़ी की ड्राइविंग क्षमता भी महत्वपूर्ण हो गई है। खासकर SUV खरीदने वालों के मन में AWD और 4WD को लेकर अक्सर सवाल रहता है। ये दोनों सिस्टम सामान्य टू-व्हील ड्राइव (2WD) के मुकाबले मुश्किल परिस्थितियों में बेहतर ट्रैक्शन देने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, दोनों की तकनीक और इस्तेमाल का तरीका अलग है। आइए समझते हैं कि आपके लिए कौन-सा विकल्प बेहतर रहेगा।

क्या होता है AWD सिस्टम?

ऑल-व्हील ड्राइव यानी AWD एक ऐसा ड्राइव सिस्टम है, जो जरूरत के अनुसार चारों पहियों तक इंजन की ताकत पहुंचा सकता है। इसकी खासियत यह है कि ड्राइवर को आमतौर पर खुद ड्राइव मोड बदलने की जरूरत नहीं पड़ती। सिस्टम के सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल सड़क की स्थिति और पहियों की पकड़ के अनुसार पावर का वितरण नियंत्रित करते हैं।

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कुछ AWD गाड़ियां सामान्य परिस्थितियों में मुख्य रूप से आगे या पीछे के पहियों से चलती हैं और जरूरत पड़ने पर दूसरे पहियों को भी पावर देती हैं। वहीं, कुछ सिस्टम लगातार चारों पहियों तक ताकत पहुंचाते हैं। गीली सड़कों, बारिश, हल्की बर्फ और रोजमर्रा की ड्राइविंग के दौरान AWD उपयोगी साबित हो सकता है।

AWD के प्रमुख फायदे

AWD का सबसे बड़ा फायदा इसकी सुविधा है। ड्राइवर को आमतौर पर अलग से 4WD मोड सक्रिय नहीं करना पड़ता। यह सिस्टम अचानक बदलती सड़क परिस्थितियों में गाड़ी की पकड़ और स्थिरता बेहतर बनाने में मदद करता है। यही वजह है कि यह कई क्रॉसओवर और प्रीमियम SUV में देखने को मिलता है। हालांकि, इसकी अतिरिक्त तकनीक के कारण कीमत और मेंटेनेंस खर्च कुछ अधिक हो सकते हैं।

क्या है 4WD या 4x4 सिस्टम?

फोर-व्हील ड्राइव यानी 4WD या 4x4 सिस्टम खासतौर पर कठिन रास्तों पर बेहतर प्रदर्शन के लिए बनाया जाता है। कई पारंपरिक 4WD गाड़ियों में ट्रांसफर केस और लो-रेंज गियरिंग मिलती है, जो धीमी गति पर अधिक खिंचाव और नियंत्रण देने में मदद करती है। कुछ मॉडल में ड्राइवर स्विच या गियर लीवर के जरिए 2WD, 4H और 4L जैसे मोड चुन सकता है।

यह सिस्टम कीचड़, चट्टानों, रेतीले रास्तों और खड़ी पहाड़ी चढ़ाई पर काफी उपयोगी है। हालांकि, हर 4WD गाड़ी में एक जैसी तकनीक नहीं होती। कुछ मॉडल में फुल-टाइम 4WD भी मिलता है, इसलिए इस्तेमाल से पहले वाहन के मैनुअल को समझना जरूरी है।

4WD के मुख्य फायदे

4WD की सबसे बड़ी ताकत कठिन परिस्थितियों में बेहतर ट्रैक्शन और नियंत्रित तरीके से आगे बढ़ने की क्षमता है। लो-रेंज गियरिंग वाली गाड़ियां मुश्किल चढ़ाई और पथरीले रास्तों पर खास फायदा देती हैं। कई पिकअप ट्रक और ऑफ-रोड SUV में यह सिस्टम मिलता है। भारी ट्रेलर खींचने की क्षमता, हालांकि, वाहन के इंजन, चेसिस और निर्माता द्वारा तय की गई टोइंग सीमा पर भी निर्भर करती है।

बर्फ और ऑफ-रोडिंग में कौन बेहतर?

अगर आप पक्की सड़कों पर बारिश या हल्की बर्फ के दौरान गाड़ी चलाते हैं, तो AWD एक अच्छा विकल्प हो सकता है। वहीं, गहरी बर्फ, कीचड़, चट्टानों और कठिन पहाड़ी रास्तों पर सही उपकरणों वाला 4WD ज्यादा उपयोगी हो सकता है। ध्यान रखें कि बर्फ पर सुरक्षित ड्राइविंग के लिए सही विंटर टायर बेहद महत्वपूर्ण हैं। AWD या 4WD होने से ब्रेकिंग दूरी अपने आप कम नहीं हो जाती।

आपके लिए कौन-सा सिस्टम सही है?

यदि आपकी ड्राइविंग ज्यादातर शहर, हाईवे और सामान्य सड़कों तक सीमित है, तो AWD सुविधा और बेहतर ट्रैक्शन का अच्छा मेल दे सकता है। लेकिन अगर आप नियमित रूप से ऑफ-रोडिंग करते हैं, दुर्गम पहाड़ी इलाकों में जाते हैं या गहरी कीचड़ वाली सड़कों पर ड्राइव करते हैं, तो 4WD बेहतर विकल्प हो सकता है।

निष्कर्ष: AWD रोजमर्रा की बदलती सड़क परिस्थितियों के लिए सुविधाजनक है, जबकि 4WD कठिन रास्तों पर अधिक नियंत्रण और क्षमता देने के लिए उपयोगी है। सही चुनाव आपकी ड्राइविंग जरूरत, टायर, वाहन की बनावट और बजट पर निर्भर करता है।

- डॉ. अनिमेष शर्मा

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  Sports

अंडर-19 वर्ल्ड कप जिताने वाली कप्तान का इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू, कौन हैं निकी प्रसाद

Who is Niki Prasad: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की युवा ऑलराउंडर निकी प्रसाद ने रायपुर में जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया. कर्नाटक की इस खिलाड़ी को स्मृति मंधाना ने कैप सौंपी. निकी ने साल 2024 में अंडर-19 एशिया कप और 2025 में टी20 वर्ल्ड कप में भारत को अपनी कप्तानी में चैंपियन बनाया था. डब्ल्यूपीएल में दिल्ली कैपिटल्स की ओर से खेलने और ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ घरेलू सीरीज में शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के बाद उन्हें यह इंटरनेशनल डेब्यू का मौका मिला. Fri, 16 Oct 2026 20:01:43 +0530

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