Abhijeet Dipke की हिरासत पर बोलीं Mamata Banerjee, Delhi Police का यह कदम अघोषित आपातकाल
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके को हिरासत में लिए जाने को लेकर दिल्ली पुलिस की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें सिर्फ इसलिए हिरासत में लिया गया क्योंकि वे भारतीय तिरंगा झंडा थामे हुए थे। 'X' पर एक पोस्ट में, बनर्जी ने इस स्थिति को अघोषित आपातकाल करार दिया और सरकार पर युवाओं को डराने-धमकाने और असहमति की आवाज़ को दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने दिपके, आशुतोष और सौरव के प्रति अपना समर्थन जताया और कहा कि वे भारत के युवाओं के साहस, अंतरात्मा और आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं।
इसे भी पढ़ें: ECI ने 17 राज्यों में शुरू किया SSR, दलों को मिलेगी वोटर लिस्ट की आसान PDF
बनर्जी ने लिखा कि आपकी दीदी मजबूती से आपके साथ खड़ी है। उन्होंने आगे कहा कि डराने-धमकाने और हिरासत में लेने से लोकतंत्र की भावना को कुचला नहीं जा सकता। उन्होंने लोगों से लोकतंत्र, आज़ादी और असहमति जताने के अधिकार के लिए आगे आने की अपील भी की। यह अघोषित आपातकाल से कम नहीं है। जो सरकार असहमति से डरती है, वह अब पूरी एक पीढ़ी को डरा-धमकाकर चुप कराने की कोशिश कर रही है। यह एक ऐसी फासीवादी व्यवस्था का आचरण है, जो अपनी नियंत्रण से बाहर की किसी भी आवाज़ को बर्दाश्त नहीं कर सकती।
उन्होंने कहा कि अभिजीत, आशुतोष, सौरव — आप भारत के युवाओं के साहस, अंतरात्मा और उनकी आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। आप किसी पूरी पीढ़ी की आवाज़ को दबाकर उसे चुप नहीं करा सकते। आपकी दीदी पूरी मजबूती से आपके साथ खड़ी हैं। कोई भी धमकी, कोई भी हिरासत और सत्ता का कोई भी दुरुपयोग लोकतंत्र की भावना को कुचल नहीं सकता। जागो, भारत! लोकतंत्र, आज़ादी और असहमति जताने के अधिकार के लिए यह लड़ाई जारी रहेगी।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके और छात्र नेता नेहा बोरा को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। दिपके को तब हिरासत में लिया गया जब वे 'लहरा दो तिरंगा' कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कनॉट प्लेस जा रहे थे, जबकि बोरा को तब हिरासत में लिया गया जब उन्होंने मंडी हाउस से अपना मार्च शुरू ही किया था। यह कार्यक्रम 16 अक्टूबर को शाम 5 बजे आयोजित किया जाना था। दिल्ली पुलिस ने दीपके से इस आयोजन को रद्द करने का आग्रह किया था, जिसका कारण ट्रैफिक में बाधा, सार्वजनिक सुरक्षा और व्यापारियों तथा यात्रियों को होने वाली असुविधा की चिंताएं थीं। फिलहाल कनॉट प्लेस से प्रदर्शनकारियों को पुलिस हटा रही है।
इसे भी पढ़ें: Connaught Place में CJP के मार्च से पहले हलचल, Abhijeet Dipke के घर पहुंची पुलिस
SFI, DYFI, AISF, AIYF के साथ-साथ सांसद जॉन ब्रिटास, वी. शिवदासन, ए.ए. रहीम और संतोष कुमार भी कनॉट प्लेस तक निकाले गए विरोध मार्च में शामिल हो गए हैं। दिपके उस घर से बाहर निकला जहाँ वह ठहरा हुआ था और सड़क की ओर चल पड़ा, जहाँ पुलिसकर्मियों ने उसे रोक लिया। थोड़ी बातचीत के बाद, पुलिस वाले उसे अपनी गाड़ी में बिठाकर ले गए। जंतर-मंतर के प्रवेश बिंदु पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है, जहाँ प्रदर्शनकारी इकट्ठा हुए हैं और चल रहे CJP विरोध-प्रदर्शन के बीच नारे लगा रहे हैं।
MEA Briefing: Marco Rubio से Mumbai में मिलेंगे Jaishankar, PM Canada Visit, EAM UAE Visit से जुड़ी बड़ी जानकारी भी सामने आई
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने आज आयोजित प्रेस वार्ता में भारत-अमेरिका संबंधों, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के साथ द्विपक्षीय सहयोग, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कनाडा यात्रा और मालदीव को वित्तीय सहायता सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर भारत का आधिकारिक रुख स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर 20 अक्टूबर को मुंबई में अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ वार्ता करेंगे। इसके अलावा, जयशंकर 19 और 20 अक्टूबर को यूएई के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान की मेजबानी भी करेंगे।
जायसवाल के अनुसार, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ होने वाली बैठक भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा और उसे आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करेगी। दोनों पक्ष ऊर्जा, व्यापार, निवेश, रक्षा और महत्वपूर्ण उभरती प्रौद्योगिकियों सहित आपसी हित के प्रमुख क्षेत्रों पर चर्चा करेंगे। इसके साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया जाएगा। हम आपको बता दें कि जयशंकर अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
इसे भी पढ़ें: Jan Gan Man: Ladakh पर बदजुबानी करने वाले China को India ने दिया करारा जवाब, बुरी तरह तिलमिला उठा Dragon
यूएई के साथ ऊर्जा, व्यापार और रक्षा सहयोग पर चर्चा
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि यूएई के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान की मुंबई यात्रा के दौरान भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी के सभी पहलुओं की समीक्षा की जाएगी। दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल ऊर्जा, व्यापार, निवेश, फिनटेक, रक्षा और कनेक्टिविटी के क्षेत्रों में सहयोग की पहलों को आगे बढ़ाने पर विचार करेंगे। पश्चिम एशिया की स्थिति के साथ-साथ वैश्विक और बहुपक्षीय मुद्दे भी चर्चा के एजेंडे में शामिल होंगे।
जायसवाल ने यह भी स्पष्ट किया कि पिछले करीब एक दशक से विदेशी नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों की मेजबानी दिल्ली से बाहर करने की परंपरा रही है। उन्होंने वडोदरा में स्पेन के प्रधानमंत्री, अहमदाबाद में जर्मनी के चांसलर और वाराणसी में मॉरीशस के प्रधानमंत्री की मेजबानी का उदाहरण दिया। गोवा में विदेश मंत्रियों की बैठक और अन्य महत्वपूर्ण आयोजनों का भी उन्होंने उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री मोदी की कनाडा यात्रा की तारीखों पर चर्चा जारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कनाडा यात्रा के सवाल पर जायसवाल ने बताया कि हाल ही में कनाडा की विदेश मंत्री ने भारत का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता की और प्रधानमंत्री मोदी से भी मुलाकात की। प्रधानमंत्री की कनाडा यात्रा के कार्यक्रम पर चर्चा हुई है, लेकिन तारीखों को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि उचित समय पर यात्रा की घोषणा की जाएगी।
मालदीव को वित्तीय स्थिरता देने के लिए मुद्रा अदला-बदली समझौते का विस्तार
मालदीव के साथ वित्तीय सहयोग पर प्रवक्ता ने बताया कि वहां की सरकार के अनुरोध पर भारत ने 3,000 करोड़ रुपये की मुद्रा अदला-बदली व्यवस्था (करेंसी स्वैप) को पहली बार आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह विस्तार 23 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा। अक्टूबर 2024 में हुए समझौते के तहत लागू यह व्यवस्था मालदीव की वित्तीय स्थिरता को मजबूत करने में मदद करेगी।
अमेरिका में भारतीय समुदाय के खिलाफ नफरत की घटनाओं पर चिंता
अमेरिका के इलिनॉय राज्य के ऑरोरा क्षेत्र में सामूहिक गोलीबारी की कोशिश से जुड़े सवाल पर जायसवाल ने गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह घटना अमेरिका में भारतीय समुदाय के खिलाफ बढ़ते घृणा अपराधों और नस्लीय भेदभाव के मामलों को भी उजागर करती है। भारत ने इस घटना के बाद अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों की कार्रवाई पर ध्यान दिया है।
वहीं, अमेरिकी कांग्रेस के कुछ सदस्यों की टिप्पणियों पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई। जायसवाल ने कहा कि ऐसी टिप्पणियां अनुचित और तथ्यों से अनभिज्ञ हैं तथा एक अन्य लोकतांत्रिक देश की चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप के समान हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह का दृष्टिकोण लोकतंत्र को ही कमजोर करता है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi









