Samsung Galaxy F70 5G भारत में 18 अक्तूबर को होगा लॉन्च, मिलेंगे ये खास फीचर्स
दिग्गज टेक कंपनी सैमसंग भारत में अपना नया 5G स्मार्टफोन लॉन्च करने की तैयारी में लगा है। कंपनी ने Samsung Galaxy F70 5G की लॉन्च डेट का एलान कर दिया है। यह फोन 50 मेगापिक्सल कैमरा, sAMOLED डिस्प्ले और 5,000mAh बैटरी जैसे फीचर्स के साथ आएगा। 18 अक्तूबर 2026 को यह डिवाइस लॉन्च होने जा रहा है।
लॉन्च पहले से फोन के डिजाइन और कई मुख्य स्पेसिफिकेशंस की डिटेल्स सामने आ चुकी हैं। ऐसे में अगर आप नया सैमसंग स्मार्टफोन खरीदने की सोच रहे हैं, तो इसके फीचर्स के बारे में जान लें।
Samsung Galaxy F70 5G के कैमरे में क्या होगा खास?
अगर आप फोटोग्राफी के लिए बढ़िया फोन की तलाश में है, तो यह Galaxy F70 5G में ट्रिपल रियर कैमरा का सेटअप दिया गया है। इसमें 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा दिया है, जो ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन (OIS) सपोर्ट करेगा। यह फीचर फोटो खींचते समय हाथ हिलने के असर को कम करने में मदद करता है।
वहीं, फोन में 5 मेगापिक्सल का अल्ट्रावाइड कैमरा और 2 मेगापिक्सल का मैक्रो सेंसर मिलेगा। सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए इसमें 13 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा भी है।
sAMOLED डिस्प्ले और Gorilla Glass Victus की सुरक्षा
इस डिवाइस में फ्लैट sAMOLED डिस्प्ले मिलेगा, जिसका रेजोल्यूशन फुल HD+ होगा। स्क्रीन की सुरक्षा के लिए कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास विक्टस दिया गया है।
Exynos 1330 प्रोसेसर और 5,000mAh बैटरी
सैमसंग Galaxy F70 5G में कंपनी का अपना Exynos 1330 प्रोसेसर दिया जाएगा। लेकिन कंपनी ने फिलहाल फोन की रैम और स्टोरेज से संबंधित जानकारी फिलहाल दी नहीं है। वहीं, फोन की बैटरी की बात करें, तो इसमें 5,000mAh बैटरी है, इसकी मदद से स्क्रीन पर किसी चीज को घरेकर उसके बार में सर्च किया जा सकता है।
HD Kumaraswamy ने खारिज किए पुलिस को धमकाने के आरोप, जांच की मांग
केंद्रीय मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने शुक्रवार को कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खरगे पर पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया को निशाना बनाने वाले कथित स्टिंग ऑपरेशन के वीडियो की जांच में अपने अधिकारों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। उन्होंने बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त कार्यालय के दौरे के दौरान पुलिस अधिकारियों को धमकाने के आरोपों से भी इनकार किया। कुमारस्वामी ने कहा कि वह इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करने के लिए बृहस्पतिवार को पुलिस आयुक्त से मिलने गए थे और जांच का सामना करने के लिए स्वयं भी तैयार हैं।
खरगे ने कहा था कि जांच के दौरान जिसका भी नाम सामने आएगा, पुलिस उससे पूछताछ करेगी और संदेह होने पर केंद्रीय मंत्री से भी सवाल किए जा सकते हैं। जनता दल (सेक्युलर) के दूसरे सबसे प्रमुख नेता कुमारस्वामी ने अपने समर्थकों के साथ बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह के कार्यालय के बाहर धरना दिया और सिद्धरमैया के खिलाफ कथित स्टिंग ऑपरेशन की कोशिश की निष्पक्ष जांच की मांग की। सिद्धरमैया ने बुधवार को अदालत से आदेश हासिल किया, जिसके तहत उनके खिलाफ मानहानिकारक सोशल मीडिया पोस्ट को प्रकाशित या प्रसारित करने पर रोक लगा दी गई।
कुमारस्वामी ने सिद्धरमैया के खिलाफ कथित स्टिंग ऑपरेशन को सत्तारूढ़ कांग्रेस के भीतर जारी आपसी खींचतान का नतीजा बताया। केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करने के आरोप में जनता दल (सेक्युलर) के दो कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने की भी निंदा की। उन्होंने कहा कि वीडियो बनाने वालों को संरक्षण दिया जा रहा है जबकि निर्दोष पार्टी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है।
कुमारस्वामी ने यहां संवाददाताओं से कहा, मैं वहां किसी को धमकाने नहीं गया था। मैं यह कहने गया था कि जांच की शुरुआत मुझसे की जानी चाहिए। खरगे ने बृहस्पतिवार को कहा था कि पुलिस निर्धारित प्रक्रिया का पालन कर रही है और जांच के दौरान नाम सामने आने वाले लोगों से पूछताछ कर रही है।
उन्होंने कहा था कि अब तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। खरगे ने कुमारस्वामी से सार्वजनिक रूप से आरोप लगाने के बजाय अपने पास मौजूद सबूत पुलिस या अदालत के समक्ष पेश करने को कहा था। उन्होंने कहा था, पहले उन्होंने जांच की मांग की।
अब जब हम जांच कर रहे हैं और जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनसे पूछताछ कर रहे हैं, तो उन्हें इस पर आपत्ति है। पुलिस को अपना काम करने दीजिए। खरगे ने कहा कि अगर सबूतों से कुमारस्वामी द्वारा गलत किया जाना साबित होता है, तो वह उन्हें गिरफ्तार करवा देंगे।
हालांकि, कुमारस्वामी ने गृह मंत्री के आचरण पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी के भी खिलाफ जांच कराने संबंधी उनकी टिप्पणी से वह नाराज हुए थे। कथित स्टिंग ऑपरेशन का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री ने इसमें शामिल व्यक्ति को दिए जा रहे संरक्षण पर सवाल उठाया और मांग की कि जांच असली दोषियों पर केंद्रित होनी चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर युवाओं से पुलिस की पूछताछ पर भी आपत्ति जताई और पूछा कि उन पर संदेह करने का क्या आधार है।
कुमारस्वामी ने पुलिस के किसी अधिकारी को धमकी देने से इनकार करते हुए कहा कि पुलिस आयुक्त कार्यालय में उनके दौरे का वीडियो फुटेज उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि पुलिस आयुक्त ने निष्पक्ष जांच करने के लिए समय मांगा था। उन्होंने कहा, मैंने केवल यह मांग की है कि वास्तविक दोषियों और अपराधियों के खिलाफ सख्त जांच हो।
आप इसे धमकी बता रहे हैं। कुमारस्वामी ने पुलिस की कार्रवाई में भेदभाव का आरोप लगाते हुए सवाल किया कि क्या पुलिस बल का इस्तेमाल सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों को डराने के लिए किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री ने राज्य सरकार पर भर्ती में कथित अनियमितताओं को ठीक से नहीं संभालने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) के माध्यम से 24 इंजीनियर के चयन का उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक जांच में 10 उम्मीदवारों के चयन में अनियमितताएं पाई गई थीं और उनकी नियुक्तियां रद्द करने की सिफारिश की गई थी, लेकिन सरकार ने फिर भी उन्हें नियुक्त कर दिया।
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