Responsive Scrollable Menu

जिस IMF से कर्ज मांग रहा पाकिस्तान, अब उसी के बोर्ड की संभालेगा कमान! 73 साल बाद मिला बड़ा पद

Pakistan IMF Chairmanship 2027: आर्थिक संकट और विदेशी कर्ज के दबाव से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक अहम खबर आई है. पाकिस्तान को 2027 के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और विश्व बैंक समूह (WBG) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की अध्यक्षता सौंपी जाएगी. यह घोषणा बैंकॉक में चल रही 2026 की वार्षिक बैठकों के दौरान की गई.

पाकिस्तान के आर्थिक मामलों के मंत्री अहद खान चीमा को इस जिम्मेदारी के लिए नामित किया गया है. पाकिस्तान के आर्थिक मामलों के मंत्रालय के मुताबिक देश को 1953 के बाद पहली बार यह भूमिका मिलने जा रही है. ऐसे में सवाल उठता है कि IMF से वित्तीय सहायता मांग रहे पाकिस्तान के लिए यह जिम्मेदारी कितनी अहम है और क्या इससे उसे कर्ज मिलने में आसानी होगी?

पाकिस्तान को यह जिम्मेदारी क्यों मिली?

IMF और विश्व बैंक की वार्षिक बैठकों में सदस्य देशों के प्रतिनिधि वैश्विक अर्थव्यवस्था, विकास, वित्तीय स्थिरता और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा करते हैं. इसी व्यवस्था के तहत पाकिस्तान को 2027 के लिए बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की अध्यक्षता मिलने वाली है. पाकिस्तान के आर्थिक मामलों के मंत्रालय ने इसे देश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है. इस भूमिका के दौरान पाकिस्तान को विकासशील देशों की आर्थिक चिंताओं, विकास के लिए वित्त जुटाने और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा.

IMF और वर्ल्ड बैंक के बोर्ड का अध्यक्ष क्या करता है?

बोर्ड ऑफ गवर्नर्स IMF और विश्व बैंक समूह की प्रमुख संस्थागत व्यवस्थाओं में से एक है. इसके सदस्य संबंधित देशों के नामित प्रतिनिधि होते हैं जो आम तौर पर वित्त मंत्री या केंद्रीय बैंक के गवर्नर जैसे वरिष्ठ अधिकारी होते हैं. बता दें अध्यक्ष की भूमिका बैठकों की अध्यक्षता करने, विचार-विमर्श को आगे बढ़ाने और सदस्य देशों के बीच संवाद को सुविधाजनक बनाने से जुड़ी होती है. हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि अध्यक्ष अकेले सभी फैसले ले सकता है या किसी देश को अपनी मर्जी से कर्ज दिला सकता है.

क्या अब पाकिस्तान को IMF से आसानी से कर्ज मिल जाएगा?

पाकिस्तान को बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की अध्यक्षता मिलने से उसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक अहम भूमिका जरूर मिलेगी, लेकिन इससे IMF से कर्ज लेने की शर्तें अपने आप आसान नहीं हो जातीं हैं. IMF किसी देश को वित्तीय सहायता देते समय उसकी आर्थिक स्थिति, सरकारी वित्त, राजस्व, महंगाई, विदेशी मुद्रा भंडार और तय सुधारों की प्रगति का आकलन करता है. कर्ज की किस्त जारी करने के लिए संबंधित कार्यक्रम की शर्तों और संस्थागत मंजूरी का पालन भी जरूरी होता है.

Explainer: अंग्रेजों की प्लानिंग से बना कनॉट प्लेस का हरा दिल सेंट्रल पार्क, आज क्यों बना सियासी अखाड़ा...

Explainer: लद्दाख की बदली तस्वीर! लेह एयरपोर्ट पर 35 लाख यात्रियों की क्षमता, सेना के लिए नया रास्ता और किसानों को पानी समेत बहुत कुछ...

Explainer: हिंदू से मुस्लिम बने तो नहीं मिलेगा आरक्षण? सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले से समझें किसे मिलेगा लाभ और किसे नहीं...

 

 

 

Continue reading on the app

  Sports

अन्वय द्रविड़ के 151 रन और आर्यवीर सहवाग का शानदार शतक, वीनू मांकड़ ट्रॉफी में चमके दिग्गजों के लाडले

Anvay Dravid Aaryavir Sehwag slams hundred : राहुल द्रविड़ के छोटे बेटे अन्वय द्रविड़ ने वीनू मांकड़ ट्रॉफी में कर्नाटक की कप्तानी करते हुए गुजरात के खिलाफ 100 गेंदों पर 151 रनों की तूफानी पारी खेली. उनकी इस शतकीय पारी की बदौलत कर्नाटक ने 358 रनों के विशाल लक्ष्य को पांच विकेट शेष रहते हासिल कर लिया. वहीं, दूसरे मुकाबले में वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर सहवाग ने दिल्ली के लिए 143 गेंदों पर 173 रन बनाए, लेकिन उनकी यह शानदार पारी भी टीम को जीत नहीं दिला सकी. Fri, 16 Oct 2026 23:01:42 +0530

  Videos
See all

Weather Update : 22 राज्यों में बदलेगा मौसम, 17 अक्टूबर के लिए IMD का अलर्ट! | IMDAlert | #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-16T23:00:28+00:00

Iran America War : ईरान पर अमेरिका के हमले की तैयारी? | Middle East Crisis | US Military | #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-16T22:30:10+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers