Pushkar Singh Dhami ने उत्तराखंड जिला पुलिस में महिला कांस्टेबल के पद बढ़ाकर 2000 किए
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को जिला पुलिस में महिला कांस्टेबल के पदों की संख्या 526 से बढ़ाकर 2,000 करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इस प्रस्ताव के तहत 1,474 अतिरिक्त पद अन्य संवर्गों और शाखाओं के स्वीकृत पदों से समायोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा पुलिस बल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा, “हमारी सरकार का उद्देश्य महिला पुलिसकर्मियों को सेवा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के साथ ही उनके भविष्य को सुरक्षित और उज्ज्वल बनाना है।” अधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में कार्मिक विभाग ने बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय भार और कुल स्वीकृत पदों की संख्या में वृद्धि किए बिना प्रस्ताव को मंजूरी दी है। उन्होंने बताया कि इस प्रस्ताव के तहत वर्तमान में कार्यरत 1,210 अधिसंख्य महिला आरक्षियों के समायोजन और भविष्य में उनकी पदोन्नति के अवसर सुनिश्चित करने के लिए उच्चतर पदों के पुनर्गठन का अलग प्रस्ताव उपलब्ध कराने की शर्त रखी गई है। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने से जिला पुलिस में महिला कांस्टेबल के पदों की संख्या बढ़ाने का रास्ता साफ होगा और साथ ही, वर्तमान में कार्यरत अधिसंख्य महिला कांस्टेबल के समायोजन तथा उनके लिए भविष्य में पदोन्नति के अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में भी पहल की जाएगी।
भारत में खेती और शिक्षा के लिए Google AI लाएगा नए समाधान, ज्वार की फसलों पर ICRISAT संग शोध
वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनी गूगल ने भारत में कृषि शोध, किसानों को सलाह देने, शिक्षकों को कृत्रिम मेधा (एआई) का प्रशिक्षण देने और छोटे कारोबारों के लिए एआई आधारित उपकरणों के विकास की दिशा में शुक्रवार को कई कदमों की घोषणा की। गूगल इंडिया ने बयान में कहा कि ज्वार की अधिक उत्पादक और प्रतिकूल जलवायु का सामना करने में सक्षम किस्में विकसित करने के लिए एक आनुवंशिक एटलस तैयार किया जाएगा। इसे सार्वजनिक उपयोग के लिए भी मुहैया कराया जाएगा।
ज्वार की नई किस्मों का विकास अंतरराष्ट्रीय अर्ध-शुष्क उष्णकटिबंधीय फसल अनुसंधान संस्थान (इक्रिसैट), हडसनअल्फा इंस्टीट्यूट फॉर बायोटेक्नोलॉजी और अमेरिका के वाशिंगटन विश्वविद्यालय के साथ मिलकर किया जाएगा। इक्रिसैट के जीन बैंक में मौजूद 90 से अधिक देशों की 44,000 से ज्यादा ज्वार किस्मों के संग्रह से नमूने लिए जाएंगे। बयान के मुताबिक, गूगल की एआई इकाई गूगल डीपमाइंड इक्रिसैट में तीन साल की पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप भी देगी।
इसके तहत ज्वार के अलावा चना, मूंगफली और अरहर के जीनोम का विश्लेषण करने वाले उपकरण विकसित करने पर काम होगा। कृषि क्षेत्र में गूगल की प्रौद्योगिकी को गुजरात सरकार के कृषि प्रगति फसल सूचना मंच में शामिल किया गया है। इसके जरिये पिछले एक साल में राज्य के छह लाख से अधिक किसानों को 90 करोड़ से अधिक परामर्श मोबाइल एसएमएस के जरिए दी गईं।
इसके साथ ही, गूगल ने कहा कि मई से अब तक 80,000 से अधिक शिक्षकों को एआई के इस्तेमाल का प्रशिक्षण दिया गया है। अब बिहार, मध्य प्रदेश, सिक्किम और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के साथ साझेदारी के जरिये गूगल एआई एडुकेटर कार्यक्रम का विस्तार किया जाएगा। कंपनी शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी), 2020 के अनुरूप मुफ्त ऑनलाइन प्रशिक्षण भी उपलब्ध करा रही है।
यह फिलहाल अंग्रेजी में उपलब्ध है और हिंदी, मराठी, तेलुगु, असमिया, ओड़िया तथा पंजाबी संस्करण इसी महीने जारी किए जाने हैं। गूगल ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) की पढ़ाई में मदद के लिए 100 अटल टिंकरिंग लैब में ‘एटीएल साथी’ नामक जेमिनी आधारित डेस्कटॉप ऐप के जरिये सहयोग देने की भी घोषणा की है। गूगल डॉट ओआरजी ने छोटे कारोबारों के लिए गैर-लाभकारी संगठन द/नज को 1.5 करोड़ डॉलर की वित्तीय मदद देने की भी घोषणा की।
इससे सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) को औपचारिक ऋण लेने, नए बाजार तलाशने और नियामकीय प्रक्रियाओं का पालन करने में मदद देने वाले एआई उपकरण विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा, छोटे शहरों में स्थानीय प्रतिभाओं को कौशल प्रशिक्षण देने और उन्हें छोटे कारोबारों से जोड़ने के लिए बहुभाषी, आवाज आधारित मंच भी विकसित किया जाएगा।
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