Jewish settlers attack Palestinian olive farmers in West Bank | BBC News
Masked men have been filmed attacking Palestinians harvesting olives near the occupied West Bank village of Abu Falah. The footage shows trees being set on fire while gunshots can also be heard. Israeli military vehicles were also spotted at the scene. According to one Palestinian organisation attacks have affected more than 147,000 olive trees in the occupied West Bank in the last two years. Subscribe to our channel here: https://bbc.in/bbcnews For the latest news download the BBC News app or visit BBC.com/news #WestBank #Israel #BBCNews
अल्बानिया में महंगी शिक्षा के खिलाफ छात्र सड़कों पर उतरे:सरकारी इमारतों और बैंकों में आग लगाई; अभी 11 देशों में छात्र आंदोलन चल रहा
अल्बानिया की राजधानी तिराना में महंगी शिक्षा और खराब सुविधाओं के खिलाफ अब छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। छात्र प्रधानमंत्री एदी रामा के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री कार्यालय, सरकारी इमारतों और कई बैंकों की शाखाओं में आग लगा दी। भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस और पानी का इस्तेमाल किया। इस दौरान दर्जनों पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी घायल हो गए। अल्बानिया में जारी यह विरोध ऐसे समय हो रहा है, जब भारत, फ्रांस, जर्मनी समेत दुनिया के कुल 11 देशों में छात्र अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। अल्बानिया में प्रदर्शन से जुड़ी 5 तस्वीरें… कई महीनों से नाराज थे छात्र, सरकार पर अनदेखी का आरोप अल्बानिया में छात्रों की नाराजगी अचानक नहीं बढ़ी है। वे कई महीनों से पढ़ाई के बढ़ते खर्च और डिग्री लेने के बाद नौकरी मिलने की कम संभावनाओं को लेकर आवाज उठा रहे हैं। छात्रों का कहना है कि शिक्षा महंगी होती जा रही है, जबकि पढ़ाई पूरी करने के बाद भी रोजगार के पर्याप्त मौके नहीं मिल रहे हैं। अल्बानिया के पत्रकार आर्लिस अलिकाज ने अल जजीरा से कहा कि मौजूदा प्रदर्शन कई महीनों से दबे गुस्से का नतीजा हैं। तिराना के इंस्टीट्यूट फॉर पॉलिटिकल स्टडीज के प्रोफेसर और शोधकर्ता अफ्रिम क्रास्निकी के मुताबिक, छात्र और युवा करीब तीन महीने तक शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते रहे, लेकिन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया। उनका आरोप है कि सरकार ने बातचीत करने के बजाय कई बार छात्रों की छवि खराब करने की कोशिश की। अब लोगों का गुस्सा सिर्फ सरकार के खिलाफ नहीं है। सरकारी संस्थानों की जवाबदेही की कमी और लोगों की शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने से भी नाराजगी बढ़ी है। ट्रम्प के दामाद के लग्जरी रिसॉर्ट बनाने का भी विरोध एदी रामा 2013 से अल्बानिया के प्रधानमंत्री हैं। पिछले साल मई में वे चौथी बार इस पद पर चुने गए थे। हालांकि, इसके बाद उनकी सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ी है। मौजूदा प्रदर्शन रामा के लिए अब तक के सबसे गंभीर जन विरोध में से एक माने जा रहे हैं। सरकार के खिलाफ विरोध कुछ महीने पहले ही शुरू हो गया था। इसकी एक वजह देश के दक्षिणी तट पर लग्जरी रिसॉर्ट बनाने की योजना भी है। इस परियोजना से अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर जुड़े हैं। गुरुवार को रॉयटर्स से बातचीत में रामा ने इस्तीफे की मांग खारिज कर दी। उन्होंने कहा कि सरकारें लोकतांत्रिक चुनावों से बदलती हैं। पिछले साल देश में चुनाव हुए थे, क्रांति नहीं। 2018 में भी शिक्षा के खर्च पर बड़ा आंदोलन हुआ था ---------------------------- यह खबर भी पढ़ें… फ्रांस में शिक्षकों की कमी को लेकर आंदोलन हिंसक हुआ:धमाके में 15 साल के छात्र का हाथ उड़ा; 5 हजार गिरफ्तार, 87% गिरफ्तार नाबालिग फ्रांस में शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर छात्र सड़कों पर उतर गए हैं। सितंबर में शुरू हुआ यह आंदोलन अब पूरे देश में फैल गया है। छात्र स्कूलों में बढ़ती भीड़, जर्जर इमारतों और शिक्षकों की कमी का विरोध कर रहे हैं।
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