Abhijeet Dipke Detained: तिरंगा रैली से पहले ही दबोचे गए CJP चीफ अभिजीत दिपके
CJP संस्थापक अभिजीत दिपके को दिल्ली में 'लहरा दो तिरंगा' रैली से पहले हिरासत में लिया गया। एक हफ्ते में यह दूसरी बार पुलिस की कार्रवाई है।
विदेशी नौकरी का लालच देकर 22 लाख की ठगी, साइबर विंग ने Gurugram से दबोचा आरोपी
राजस्थान पुलिस ने विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगी करने के मामले में एक आरोपी को हरियाणा के गुरुग्राम से गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के बरेली निवासी वसीम हुसैन के रूप में हुई है।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (साइबर अपराध) विजय कुमार सिंह ने बताया कि जयपुर निवासी एक व्यक्ति से तीन मई 2024 को फेसबुक पर ‘डायोन मार्ले’ नामक महिला ने दोस्ती की थी। उन्होंने बताया कि उस महिला ने खुद को अमेरिका का निवासी और इंग्लैंड की एक दवा कंपनी में लेखाकार बताते हुए परिवादी के बेटे को विदेश में नौकरी दिलाने तथा खुद भारत आने का झांसा दिया। अधिकारी ने बताया कि इसके बाद हवाई अड्डे, सीमा शुल्क, धनशोधन प्रमाणपत्र और आयकर जैसे शुल्कों के नाम पर विभिन्न बैंक खातों में कुल 22 लाख रुपये जमा करवा लिए गए।
सिंह ने बताया कि गिरोह के सदस्यों ने सीमा शुल्क और अन्य विभागों के अधिकारी बनकर फोन पर बात की तथा व्हाट्सऐप पर कूटरचित रसीदें व दस्तावेज भेजे। उन्होंने बताया कि रकम देने से इनकार करने पर परिवादी को जान से मारने की धमकी देकर उससे और रुपये जमा करवाए गए। अधिकारी ने बताया कि गिरोह सोशल मीडिया के माध्यम से बुजुर्गों और अकेले रहने वाले लोगों को निशाना बनाता था तथा ठगी की रकम के लेनदेन के लिए ‘म्यूल’ बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता था।
‘म्यूल’ बैंक खाते धोखाधड़ी के इरादे से किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर खोले गये खाते होते हैं। सिंह ने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण से पता चला कि वसीम हुसैन ने अपने तीन बैंक खाते उपलब्ध कराए थे, जिनमें परिवादी से ठगी गई करीब 4.12 लाख रुपये की राशि जमा हुई थी। उन्होंने बताया कि आरोपी ने यह रकम दूसरे खातों में अंतरित की या एटीएम से निकालकर गिरोह के सदस्यों को सौंप दी।
अधिकारी ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने अपने चचेरे भाइयों मुर्सद हुसैन और अर्सद हुसैन के कहने पर विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाए थे। उन्होंने बताया कि आरोपी ने खुलासा किया कि उसने इन खातों के एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक और सिम कार्ड उन्हें सौंप दिए थे और इसके बदले उसे 70,000 रुपये कमीशन देने का लालच दिया गया था। अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच जारी है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Asianetnews
prabhasakshi









