Bigg Boss 20: Qazi Touqeer ने किया खुलासा, 'फेम गुरुकुल' जीतने के बाद एकता कपूर का प्रोजेक्ट ठुकराने पर बोली बड़ी बात
रियलिटी शो 'बिग बॉस 20' के घर में इन दिनों पुरानी यादों और किस्सों का दौर चल रहा है। शो के कंटेस्टेंट और 'फेम गुरुकुल' के विनर काज़ी तौकीर ने 15 अक्टूबर के एपिसोड में अपने करियर के शुरुआती दिनों से जुड़ा एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि साल 2005 में रिअलिटी शो जीतने के बाद, उन्होंने मशहूर प्रोड्यूसर एकता कपूर के एक टीवी प्रोजेक्ट को क्यों छोड़ दिया था और उस समय मीडिया में उनकी छवि को किस तरह गलत रूप में दिखाया गया था।
बिग बॉस हाउस में साथी कंटेस्टेंट आम्रपाली दुबे से बातचीत के दौरान, काज़ी ने अपनी जीत के बाद मिले मौकों को याद किया। उन्होंने बताया कि जब वह लगभग 20 साल के थे, तब एकता कपूर ने खुद उन्हें एक प्रोजेक्ट के लिए अप्रोच किया था।
काज़ी तौकीर ने एकता कपूर के ऑफर को याद किया
काज़ी ने कहा कि वह खुशकिस्मत थे कि उन्हें अपने करियर की शुरुआत में ही एकता कपूर से ऑफर मिला। हालांकि, उस समय वह काफी युवा थे और उन्हें जो किरदार समझाया जा रहा था, उसे समझना उनके लिए मुश्किल हो रहा था।
बताया जाता है कि वह किरदार एक रॉकस्टार का था। उस मुलाकात को याद करते हुए काज़ी ने बताया कि एकता कपूर की अंगूठियों ने उनका इतना ध्यान भटका दिया कि वह कहानी सुनने पर फोकस ही नहीं कर पाए।
उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि एकता कपूर को सीधे तौर पर मना कैसे करें। इसलिए, उन्होंने अनुपमा नाम की एक महिला के जरिए अपना फैसला उन तक पहुंचाया। काज़ी ने बताया कि वह पहले ही एक फिल्म के लिए कमिटमेंट दे चुके थे और कॉन्ट्रैक्ट भी साइन कर लिया था। उन्होंने बताया कि उन्होंने क्या कहा था, "मैम, मैं पहले से ही एक फिल्म कर रहा हूं। मेरा एक कॉन्ट्रैक्ट है, जो पहले ही साइन हो चुका है।"
काज़ी का कहना है कि मीडिया रिपोर्ट्स में ऐसा दिखाया गया जैसे उन्होंने एकता कपूर को ठुकरा दिया हो
काज़ी ने बताया कि अगली सुबह हालात कुछ अलग ही हो गए। उन्होंने याद करते हुए कहा कि अखबारों की हेडलाइंस में ऐसा दिखाया गया था कि उन्होंने जानबूझकर एकता कपूर का ऑफर ठुकराया, क्योंकि उन्हें कोई बड़ा मौका मिल गया था।
हेडलाइंस का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "काज़ी ने एकता कपूर को ठुकरा दिया। काज़ी के पास अब कोई बड़ा प्रोजेक्ट है।"
इस घटना को जिस तरह से रिपोर्ट किया गया, उससे काज़ी काफी निराश हुए। उन्होंने कहा कि इस कवरेज की वजह से उन्हें सबके सामने शर्मिंदा होना पड़ा। उस समय सोशल मीडिया न होने के कारण, उनके पास अपनी बात रखने और जो कुछ हुआ था उसे स्पष्ट करने का कोई तुरंत उपलब्ध ज़रिया नहीं था।
काज़ी तौकीर ने अरिजीत सिंह को पछाड़कर 'फेम गुरुकुल' जीता
2005 में रूपरेखा बनर्जी के साथ 'फेम गुरुकुल' जीतने के बाद, काज़ी घर-घर में पहचाने जाने लगे। इस रियलिटी शो ने उन्हें पहचान दिलाई और मनोरंजन उद्योग में उनके लिए कई अवसर खोले। बाद में, वे 2015 की फिल्म 'फैंटम' के गाने 'अफगान जलेबी' में नज़र आए; इस फिल्म में सैफ अली खान और कैटरीना कैफ मुख्य भूमिकाओं में थे।
Qazi shared how the media damaged his career ???? When he was in talks with Ekta Kapoor for a movie, the negative narrative around him may have cost him opportunities. Paid negative PR? ???? Who knows, maybe Ekta ji was involved too ???????? Just kidding, bro! I feel you, Qazi. ❤️???? No matter what, you’ll always be a ROCKSTARRR! #QaziTouqeer #BiggBoss20 #BB20
— ???????? (@jkisback___) October 15, 2026
यात्रियों को महंगे फ्लाइट टिकटों से मिलेगी राहत:मनमाने किराए को कंट्रोल करने के नए नियम फाइनल, सरकार दो हफ्ते में जारी करेगी
यात्रियों को महंगे फ्लाइट टिकटों से जल्द ही राहत मिल सकती है। केंद्र सरकार ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उसने एयरलाइंस के मनमाने किराए को कंट्रोल करने के लिए नए नियमों को फाइनल कर लिया है। सरकार दो हफ्ते में इन नए नियमों को जारी करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि जारी नियमों को 16 नवंबर को होने वाली अगली सुनवाई पर कोर्ट के सामने पेश किया जाए। इस फैसले का सीधा असर शेयर बाजार पर भी दिखा। इंडिगो एयरलाइन को चलाने वाली कंपनी इंटरग्लोब एविएशन के शेयरों में आज 2% की गिरावट आई। सुप्रीम कोर्ट में प्राइवेट एयरलाइंस की ओर से वसूले जाने वाले मनमाने किराए को लेकर दायर एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई चल रही थी। सुनवाई में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस आर महादेवन और जस्टिस अपारेश सिंह की बेंच को नए नियमों की स्थिति बताई। अगस्त में सुप्रीम कोर्ट ने दी थी एयरलाइंस ग्राउंड करने की चेतावनी हवाई किराए के नियमों को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहले भी एक्शन ले चुका है। इससे पहले अगस्त महीने में हुई सुनवाई में कोर्ट ने केंद्र सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया था कि नियम न मानने वाली एयरलाइंस को ग्राउंडेड (उड़ान भरने से रोक) कर दिया जाए। उस समय सिविल एविशन मिनिस्ट्री ने कोर्ट को बताया था कि नियम फाइनल होने तक वह एयरलाइंस को किराए के संबंध में 'ऑफिस मेमोरेंडम' जारी कर रही है, लेकिन एयरलाइंस इन निर्देशों का पालन नहीं कर रही हैं। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के सौंपे गए ड्राफ्ट नियमों की भी समीक्षा की थी। इंडिगो का शेयर 2% गिरकर ₹4,674 पर आया हवाई किरायों पर सरकारी कंट्रोल और सख्ती की खबर से बाजार में एयरलाइन शेयरों पर दबाव देखा गया। शुक्रवार को इंडिगो की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन का शेयर 2% गिरकर 4,674 रुपए के स्तर पर बंद हुआ। निवेशकों को आशंका है कि सरकार के फिक्स्ड नियम या किराए की ऊपरी सीमा लागू करने से एयरलाइंस के प्रॉफिट मार्जिन और यील्ड यानी प्रति यात्री कमाई पर असर पड़ सकता है। यात्रियों को मनमाने किराए से राहत मिलने की उम्मीद अगले दो हफ्ते में नए पब्लिश होने वाले नियमों से यह स्पष्ट हो जाएगा कि त्योहारों, पीक सीजन या इमरजेंसी के समय एयरलाइंस किराए में कितना इजाफा कर सकेंगी। 16 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में पब्लिश नियमों की समीक्षा की जाएगी, जिसके बाद देश में हवाई सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों को मनमाने किराए से स्थायी राहत मिलने की उम्मीद है। कुछ दिनों पहले एअर इंडिया और इंडिगो ने किराया बढ़ाया था कुछ दिनों पहले ही एअर इंडिया और इंडिगो ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) यानी जेट फ्यूल महंगा होने की वजह से किराया बढ़ाया था। एअर इंडिया ने 9 अक्टूबर से घरेलू उड़ानों में 1200 रुपए तक और इंटरनेशनल उड़ानों में 17,800 रुपए तक एक्स्ट्रा फ्यूल चार्ज लगाने का ऐलान किया था। नए फ्यूल चार्ज एयर इंडिया एक्सप्रेस पर भी लागू हैं, क्योंकि दोनों टाटा ग्रुप की एयरलाइन हैं। वहीं देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने भी 6 अक्टूबर 2026 से किराया महंगा किया था। एयरलाइंस के लिए जेट-फ्यूल सबसे बड़ा खर्च होता है। कुल ऑपरेटिंग खर्च में इसकी हिस्सेदारी 30% से 40% होती है। जेट फ्यूल 1 अक्टूबर से ₹16 महंगा हुआ 1 अक्टूबर से घरेलू एयरलाइंस के लिए कीमत ₹121 से बढ़कर अब ₹137 हो गई है। यानी 1 लीटर ATF की कीमत 16 रुपए (करीब 13.2%) बढ़ गई है। तीन महीने में जेट फ्यूल ₹27.28 महंगा क्या होती है डायनामिक प्राइसिंग? एयरलाइंस अपने किराए तय करने के लिए डायनामिक प्राइसिंग एल्गोरिदम का इस्तेमाल करती हैं। इसमें जैसे-जैसे विमान की सीटें भरती हैं या किसी खास रूट पर डिमांड (जैसे त्योहारों या छुट्टियों में) बढ़ती है, टिकट के दाम अपने आप 3 से 5 गुना तक बढ़ जाते हैं। जनहित याचिका में इसी मनमाने उछाल को कंट्रोल करने की मांग की गई है, जिस पर अब केंद्र सरकार नए नियम लागू करने जा रही है। ये खबर भी पढ़ें… एअर इंडिया की इंटरनेशनल उड़ानें 17 हजार तक महंगी: घरेलू उड़ानों पर भी ज्यादा चार्ज, वजह महंगा ईंधन; इंडिगो पहले ही किराया बढ़ा चुकी एअर इंडिया की फ्लाइट में कल से सफर करना महंगा हो जाएगा। इंडिगो के बाद एयरलाइन ने भी घरेलू उड़ानों में 1200 रुपए तक और इंटरनेशनल उड़ानों में 17,800 रुपए तक एक्स्ट्रा फ्यूल चार्ज लगाने का ऐलान किया है। नए फ्यूल चार्ज एयर इंडिया एक्सप्रेस पर भी लागू होंगे, क्योंकि दोनों टाटा ग्रुप की एयरलाइन हैं। नई कीमतें 9 अक्टूबर रात 12:01 बजे से लागू होंगी। एयरलाइन ने यह फैसला एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) यानी जेट फ्यूल महंगा होने की वजह से लिया है। पूरी खबर पढ़ें…
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi










