Dushyant Gautam को Sikkim का राज्यपाल बनाने के फैसले के साथ खड़ी हुई पार्टी
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सिक्किम इकाई ने दुष्यंत कुमार गौतम को राज्य का नया राज्यपाल नियुक्त किए जाने के फैसले का शनिवार को समर्थन किया। साथ ही भाजपा ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच स्वतंत्र रूप से आगे बढ़नी चाहिए। भाजपा का यह बयान ऐसे समय आया है, जब विपक्षी दल आरोप लगा रहे हैं कि पार्टी के वरिष्ठ नेता दुष्यंत कुमार गौतम ही वह ‘वीआईपी’ थे, जिन्होंने 2022 में हत्या से पहले उत्तराखंड के एक होटल में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी से अनुचित मांगें की थीं।
भाजपा ने कहा कि हत्याकांड की जांच को पूर्वाग्रह से ग्रसित या राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए तथा कानून के शासन और न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करने का आह्वान किया। पार्टी द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि वह इस मामले में हुए नवीनतम घटनाक्रम से अवगत है, जिसमें केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के वरिष्ठ अधिकारियों ने शुक्रवार को अंकिता के माता-पिता से मुलाकात कर उन्हें निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया था। वर्तमान में सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है।
पार्टी ने कहा, हम अंकिता भंडारी के परिवार के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त करते हैं और सत्य व न्याय के लिए उनके निरंतर संघर्ष को स्वीकार करते हैं, पार्टी ने यह भी कहा कि अपनी संतान को खो चुके माता-पिता की चिंताओं का समाधान सहानुभूति, गरिमा और गंभीरता के साथ किया जाना चाहिए।
ड्रोन से हथियार और ड्रग्स तस्करी मामले में NIA ने जयपुर कोर्ट में चार्जशीट की दाखिल
राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने ड्रोन के जरिए सीमा पार से हथियारों और मादक पदार्थों की कथित तस्करी से जुड़े एक मामले में दो लोगों के खिलाफ तीसरा आरोपपत्र दाखिल किया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। एनआईए ने इस साल जुलाई में गिरफ्तार सत्यनारायण मेघवाल और साहिल गोदारा के खिलाफ जयपुर की विशेष एनआईए अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया है।
दोनों पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए), शस्त्र अधिनियम, स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप दर्ज किये गए हैं। एनआईए की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, जिन छह लोगों के खिलाफ पूर्व में आरोपपत्र दाखिल किए गए थे उनके खिलाफ यूएपीए की अतिरिक्त धाराएं भी लगाई गई हैं। एनआईए ने इस मामले में इससे पहले 14 अगस्त 2025 और पांच फरवरी 2026 को दो आरोपपत्र दाखिल किए थे।
यह मामला कथित तौर पर एक संगठित तस्करी गिरोह से जुड़ा है, जो उत्तरी भारत में सक्रिय है और जिसके सीमा-पार संबंध भी हैं। बयान के अनुसार, जांच में पता चला कि सीमा पार से गिरोह के सहयोगी अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे इलाकों में ड्रोन के जरिए विदेश निर्मित अवैध हथियारों, गोला-बारूद और हेरोइन की खेप लाते थे।
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