IAS Kumar Rajeev Ranjan पर एक्शन की मांग, NC ने उठाया J&K के पूर्ण राज्य का मुद्दा
जम्मू-कश्मीर की अलग-अलग विचारधाराओं वाली राजनीतिक पार्टियां सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC), पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) एक साथ आ गई हैं। ये सभी वरिष्ठ भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी कुमार राजीव रंजन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रही हैं। दरअसल, एक वायरल वीडियो में उन्हें एक आधिकारिक वर्चुअल मीटिंग के दौरान, प्रांतीय सेवा की एक महिला अधिकारी के साथ बदसलूकी और अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए देखा गया है। एनसी के मुख्य प्रवक्ता तनवीर सादिक ने कहा कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मुख्य सचिव अतुल डुलू से जवाबदेही सुनिश्चित करने और महिला अधिकारी को बदले की कार्रवाई से बचाने के लिए कहा है। सादिक ने कहा, "जवाबदेही तय होनी चाहिए, और किसी को भी अपने पद का दुरुपयोग करके दूसरों को डराने-धमकाने या परेशान करने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए।
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सादिक ने इस मौके का फायदा उठाते हुए मौजूदा केंद्र शासित प्रदेश के ढांचे के तहत सरकार की सीमित शक्तियों पर भी जोर दिया। जम्मू-कश्मीर में तैनात IAS अधिकारी सीधे उपराज्यपाल के अधिकार क्षेत्र में आते हैं, जिसके चलते निर्वाचित मुख्यमंत्री के पास उनका तबादला करने या उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की सीधी शक्तियां नहीं होती हैं। सादिक ने कहा कि अगर जम्मू-कश्मीर एक पूर्ण राज्य होता, तो रंजन का तुरंत तबादला कर दिया जाता और उनके आचरण की औपचारिक जांच पूरी होने तक उन्हें सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) से संबद्ध कर दिया जाता। उन्होंने कहा कि यही वजह है कि पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की लड़ाई इतनी महत्वपूर्ण है, और इसीलिए अहम पदों पर बैठे लोग लगातार इसे कमजोर करने की कोशिश करते रहते हैं।
केरल विधानसभा मार्च के दौरान BJP-युवा मोर्चा का प्रदर्शन उग्र, पुलिस ने छोड़ी आंसू गैस
लोक सेवा आयोग (पीएससी) में कथित अनियमितताओं और नेता प्रतिपक्ष पिनराई विजयन के इस्तीफे की मांग को लेकर शुक्रवार को केरलम विधानसभा की ओर भाजपा-युवा मोर्चा के मार्च के दौरान हिंसा भड़क उठी और प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े एवं पानी की बौछार की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और युवा मोर्चा ने सरकारी नौकरियों में भर्ती में देरी समेत केरलम लोक सेवा आयोग में कथित अनियमितताओं के विरोध में यह मार्च निकाला।
मुख्यमंत्री रहते हुए कोचिन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) से कथित तौर पर भुगतान प्राप्त करने के मामले में विजयन और उनके परिवार के खिलाफ सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (वीएसीबी) द्वारा मामले दर्ज किए जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने उनके इस्तीफे की मांग की। महिलाओं सहित भाजपा और युवा मोर्चा के 200 से अधिक कार्यकर्ताओं ने विधानसभा की ओर मार्च किया। पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकने के लिए रास्ते में बैरिकेड लगाए थे।
अधिकारियों ने बताया कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड हटाने और उन पर चढ़ने की कोशिश की जिसके बाद पुलिस ने कई बार पानी की बौछारें कीं। प्रदर्शनकारियों के विरोध जारी रखने पर पुलिस ने उन्हें चेतावनी दी कि भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों के वहां से हटने से इनकार करने पर पुलिस ने आंसू गैस के दो गोले दागे।
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बिना किसी उकसावे के आंसू गैस का इस्तेमाल किया। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के कई कार्यकर्ता और प्रदर्शन को कवर कर रहे एक पत्रकार घायल हो गए। उन्होंने बताया कि घायलों को पास के एक अस्पताल में ले जाया गया।
भाजपा ने इस महीने के अंत में केरल विधानसभा सत्र के खत्म होने तक कई विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है।
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