Arvind Kejriwal ने पंजाब में नशे की समस्या पर BJP और Amit Shah को घेरा
आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को पंजाब में नशे के खतरे और बढ़ते संगठित अपराध से संबंधित गृह मंत्री अमित शाह की टिप्पणी का जवाब देते हुए राज्य में इस समस्या के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में केजरीवाल ने आरोप लगाया कि भाजपा ने 2007 से 2017 के बीच पंजाब में नशा फैलाने के लिए चिट्टा पार्टी के साथ सांठगांठ की थी। उन्होंने पूछा, ‘‘क्या अब आप (भाजपा) उसी पार्टी के साथ मिलकर पंजाब में नशा बेचकर फिर से अरबों रुपए कमाने के सपने देख रहे हो?
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने पंजाब में गैंगस्टर संस्कृति (अपराधिक गिरोहों के वर्चस्व) को बढ़ावा देने में शामिल लोगों को साबरमती जेल में संरक्षण प्रदान किया। इसके साथ ही उन्होंने अदाणी बंदरगाह के माध्यम से नशीले पदार्थों की कथित आवाजाही को लेकर भी सवाल उठाए। केजरीवाल की यह टिप्पणी शाह के उस आरोप के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि पंजाब पनपते नशे के कारोबार, गैंगस्टरों और संगठित अपराध के बढ़ते खतरे से जूझ रहा है।
केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा था कि आज भगवंत मान सरकार के सामने सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर पंजाब की जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन निभाएगा? शाह ने कहा, ‘‘भगवंत मान जी, पंजाब की जनता को प्रचार नहीं, जवाब, घोषणाएं नहीं, परिणाम, नशे के नेटवर्क पर निर्णायक प्रहार और अपराधियों को मिलने वाले किसी भी राजनीतिक संरक्षण की निष्पक्ष जांच चाहिए।’’ गृह मंत्री पर पलटवार करते हुए केजरीवाल ने पूछा, ‘‘आज सबसे ज्यादा नशा उन राज्यों में है जहां कई कई सालों से आपकी सरकारें हैं। उन राज्यों में नशा बेचकर पेट नहीं भरा?
अब फिर से अपनी चिट्टा पार्टी के साथ मिलके पंजाब को बर्बाद करने आ गए?’’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘जनता जानती है कि आपकी गंदी नजर पंजाब के जल संसाधनों पर है, पंजाब यूनिवर्सिटी पर है, चंडीगढ़ पर है। आप फिर से तीनों काले क़ानून (नए कृषि कानून जिन्हें वापस ले लिया गया था) लाना चाहते हो?’’ केजरीवाल ने कहा, पंजाब ऐसा कभी नहीं होने देगा।
Bangladesh जैसी साजिश रच रहा Opposition, फडणवीस बोले- देश में अस्थिरता का षड्यंत्र
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को विपक्ष पर विरोध-प्रदर्शनों की आड़ में सत्ता परिवर्तन की कोशिश करने और अराजकता फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस और उसके सहयोगियों के प्रदर्शनों को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा जताई गई चिंताओं को ही दोहराया। 'X' पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि हो गया भाई, सब कुछ सामने आ गया!! आखिरकार, यह सब 'सत्ता परिवर्तन' (Regime Change) के बारे में ही तो था... आखिर दिल में छिपा राज़ जुबान पर आ ही गया!
इसे भी पढ़ें: केरल विधानसभा मार्च के दौरान BJP-युवा मोर्चा का प्रदर्शन उग्र, पुलिस ने छोड़ी आंसू गैस
पोस्ट में लिखा था कि पूरा खेल सत्ता हासिल करने का है... और इसके लिए छात्रों और किसानों को भड़काना, जाति और भाषा के नाम पर नफरत फैलाना, या देश के प्रतिष्ठित संस्थानों की छवि खराब करना क्यों न किया जाए? किसी आंदोलन की आड़ में अराजकता फैलाना ही 'उनका' असली मकसद है। उनकी यह टिप्पणी तब आई जब रक्षा मंत्री ने कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर आरोप लगाया कि वे चुनाव आयोग के खिलाफ युवाओं के विरोध-प्रदर्शनों का इस्तेमाल राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने के लिए कर रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वे बांग्लादेश की तर्ज पर भारत में सत्ता परिवर्तन चाहते हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष युवाओं को अराजकता की राजनीति का मोहरा बनाकर देश को अस्थिर करने की कोशिश कर रहा है। लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सिंह ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में दिल्ली में जो कुछ हुआ है, वह कई गंभीर सवाल खड़े करता है। ऐसा लगता है कि कांग्रेस और उसके राजनीतिक सहयोगी—चाहे सीधे तौर पर हों या अपने जुड़े हुए संगठनों के माध्यम से—युवाओं की ऊर्जा को रचनात्मक कार्यों और राष्ट्र-निर्माण में लगाने के बजाय, उसका इस्तेमाल राजनीतिक टकराव और अराजकता फैलाने के लिए कर रहे हैं।
इसे भी पढ़ें: अखिलेश यादव ने SSR को लेकर BJP पर साधा निशाना, कहा- EC के जरिए रची जा रही साजिश
उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को अराजकता की राजनीति में मोहरे की तरह इस्तेमाल करने की कोशिशें हो रही हैं। कुछ लोग—बांग्लादेश की घटनाओं की तर्ज पर—सत्ता परिवर्तन चाहते हैं और खुलेआम स्वीकार करते हैं कि उन्हें बांग्लादेश के हालात से प्रेरणा मिली है; वहीं कुछ अन्य लोग बेशर्मी से सरकार को गिराने की मांग कर रहे हैं। इससे यह साफ हो जाता है कि उनका एकमात्र एजेंडा लोकतांत्रिक संस्थाओं को नष्ट करना और देश में आग लगाना है... उनकी लड़ाई न तो चुनावी सुधारों के लिए है, न ही इसका संबंध एसआईआर (SIR) या ज्ञानेश कुमार से है; और न ही यह देश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए है—बल्कि, यह देश में अराजकता फैलाकर सत्ता हथियाने की एक साजिश है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi










