गेहूं नहीं, इस आटे की रोटी खाती हैं अनुष्का शर्मा, कैंसर सर्जन ने बताए फायदे!
बॉलीवुड एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि वो गेहूं के आटे की रोटी नहीं खाती हैं। इसकी जगह वो अमरंथ यानी राजगिरा के आटे से बनी रोटी खाती हैं, जो ग्लूटेन फ्री है। डॉक्टर से जानते हैं इसके फायदे।
Ladakh संवैधानिक सुरक्षा वार्ता बेनतीजा, 22 अक्टूबर को Delhi में होगी अगली बैठक
लद्दाख को संवैधानिक सुरक्षा और केंद्र शासित प्रदेश के लिए विधानसभा के गठन संबंधी मसौदा प्रस्ताव पर मतभेदों के कारण केंद्रीय गृह मंत्रालय और लद्दाख के नेताओं के बीच यहां हुई वार्ता बेनतीजा रही। दोनों पक्ष अपने-अपने प्रस्तावों पर चर्चा के लिए 22 अक्टूबर को नयी दिल्ली में फिर बैठक करेंगे। ‘लेह एपेक्स बॉडी’ (एलएबी) और ‘कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस’ (केडीए) ने केंद्र की ओर से पेश मसौदा प्रस्ताव पर असंतोष जताया है।
लद्दाख को संवैधानिक सुरक्षा के लिए आंदोलन का नेतृत्व कर रहे एलएबी और केडीए के प्रतिनिधियों तथा गृह मंत्रालय की उपसमिति के बीच बृहस्पतिवार को यहां सचिवालय में करीब तीन घंटे तक बैठक हुई। लद्दाख के प्रतिनिधिमंडल में लोकसभा सदस्य हाजी हनीफा जान, जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक, कारगिल पर्वतीय परिषद के मुख्य कार्यकारी पार्षद मोहम्मद जफर अखून, लद्दाख के मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा और लेह पर्वतीय परिषद के पूर्व मुख्य कार्यकारी पार्षद ताशी ग्यालसन शामिल थे। केडीए के सह-अध्यक्ष असगर करबलाई ने कहा कि लद्दाख के प्रतिनिधियों ने एक प्रश्नावली के जवाब में बिंदुवार विस्तृत जानकारी सौंपी और फिर एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पेश किया।
इसके बाद गृह मंत्रालय ने अपना मसौदा प्रस्ताव साझा किया। असगर ने कहा, ‘‘हम इस प्रस्तुति से पूरी तरह असंतुष्ट हैं। यह न तो हमारी मांगों के अनुरूप है और न ही लद्दाख के लोग जो चाहते हैं, उससे मेल खाता है।’’ उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय ने केडीए और एलएबी के नेतृत्व के साथ मसौदा साझा करने पर सहमति जताई है।
इसके बाद दोनों संगठनों के कानूनी विशेषज्ञ प्रस्ताव की समीक्षा कर जवाब तैयार करेंगे और 18 अक्टूबर तक अपना मसौदा सौंपेंगे। असगर ने कहा कि इन प्रस्तावों पर अब 22 अक्टूबर को दिल्ली में होने वाली अगली बैठक में चर्चा की जाएगी। वांगचुक ने कहा कि लद्दाख का नेतृत्व बैठक के नतीजे से असंतुष्ट है, लेकिन संशोधित मसौदे की समीक्षा होने तक वह इस बैठक को प्रक्रिया की निरंतरता के रूप में देखेगा, न कि विफलता के तौर पर।
एलएबी के सह-अध्यक्ष शेरिंग दोरजे ने कहा कि दोनों पक्षों ने अपने-अपने प्रस्ताव रखे, लेकिन वे किसी समझौते पर नहीं पहुंच सके।
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