CMRL Exalogic केस में ED ने पिनाराई विजयन को भेजा समन, 23 अक्टूबर को होगी पूछताछ
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और केरल विधानसभा में विपक्ष के मौजूदा नेता पिनाराई विजयन को समन जारी किया है। उनसे कहा गया है कि वे मनी लॉन्ड्रिंग के एक चल रहे मामले के सिलसिले में 23 अक्टूबर को कोच्चि स्थित ED कार्यालय में पेश हों। यह घटनाक्रम 278 करोड़ रुपये के कथित CMRL-एक्सलॉजिक मामले में चल रही कानूनी कार्यवाही के बीच सामने आया है। इस मामले में कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) और एक्सलॉजिक सॉल्यूशंस के बीच कथित वित्तीय लेन-देन शामिल है। एक्सलॉजिक सॉल्यूशंस अब बंद हो चुकी एक फर्म है, जिसे पहले विजयन की बेटी वीना टी. चलाती थीं।
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शुक्रवार को, सुप्रीम कोर्ट ने विजयन की उस तत्काल याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिसमें उन्होंने गिरफ्तारी और अन्य कठोर कार्रवाई से सुरक्षा की मांग की थी। विजयन को अपनी गिरफ्तारी का अंदेशा था। विजयन की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा ने मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली पीठ को बताया कि 82 वर्षीय नेता को गिरफ्तारी का खतरा है, इसलिए उन्हें तत्काल सुरक्षा दी जानी चाहिए।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि अदालत आगामी दशहरा छुट्टियों के दौरान एक विशेष पीठ गठित करने की संभावना पर विचार करेगी, जो जजों की उपलब्धता पर निर्भर करेगा। अगर ऐसा संभव नहीं हुआ, तो इस मामले को 26 अक्टूबर को सूचीबद्ध किया जाएगा। दशहरा की छुट्टियों के बाद, 26 अक्टूबर से सुप्रीम कोर्ट का कामकाज फिर से सामान्य रूप से शुरू होगा। विजयन ने केरल हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें इस मामले में FIR दर्ज करने का निर्देश दिया गया था। गुरुवार को, हाई कोर्ट की एक खंडपीठ ने विजयन, उनकी बेटी वीना टी. और उनके दामाद (पूर्व मंत्री) पी.ए. मोहम्मद रियास द्वारा दायर अपीलों को खारिज कर दिया। ये अपीलें सिंगल-जज (एकल न्यायाधीश) के आदेश के खिलाफ दायर की गई थीं।
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9 अक्टूबर को, एकल-न्यायाधीश पीठ ने राज्य सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (VACB) को निर्देश दिया था कि वे ED द्वारा पुलिस को भेजी गई एक रिपोर्ट के आधार पर आपराधिक मामला दर्ज करें। ED ने अपनी जांच के दौरान जुटाए गए सबूतों के आधार पर मामला दर्ज करने की मांग की थी। इन सबूतों में 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (PMLA) के तहत की गई तलाशी के दौरान मिली सामग्री भी शामिल है। ये आरोप CMRL और उससे जुड़ी एक कंपनी द्वारा 'एक्सलॉजिक सॉल्यूशंस' (Exalogic Solutions) को किए गए भुगतानों से जुड़े हैं। एजेंसी का आरोप है कि CMRL ने इन भुगतानों को 'IT कंसल्टेंसी सेवाओं' की फीस बताकर, गलत तरीके से 2.78 करोड़ रुपये 'एक्सलॉजिक' को ट्रांसफर किए।
Uttarakhand की महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री Rekha Arya को उनके पति ने पीटा! FIR में लगाये गये आरोपों से आया सियासी भूचाल
उत्तराखंड की राजनीति में उस वक्त भूचाल आ गया, जब प्रदेश सरकार में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने अपने पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के खिलाफ मारपीट, धोखाधड़ी, जालसाजी और हत्या की साजिश रचने जैसे गंभीर आरोपों में पुलिस से शिकायत दर्ज कराई। गुरुवार शाम करीब 7:25 बजे देहरादून के गढ़ी कैंट थाने में इस मामले में FIR दर्ज की गई। प्राथमिकी में भारतीय दंड संहिता की 13 धाराएं और अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 के तीन प्रावधान शामिल किए गए हैं।
रेखा आर्य ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर पुलिस तक पहुंचने की वजह बताई। उन्होंने दावा किया कि एक ऑडियो रिकॉर्डिंग में उनके पति कथित तौर पर उनकी हत्या की साजिश से जुड़ी बातचीत करते सुनाई देते हैं। मंत्री के मुताबिक, इस रिकॉर्डिंग ने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया और उनके रिश्ते पर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने भावुक अंदाज में कहा, “क्या सच और ईमानदारी के साथ जीवन जीने का यही परिणाम मिलता है?” रेखा आर्य ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शिकायत दर्ज कराने का फैसला किया। उन्हें आशंका है कि उनके पति उनके या उनके नाबालिग बच्चों के खिलाफ कोई गंभीर अपराध कर सकते हैं। हम आपको यह भी बता दें कि शिकायत दर्ज कराने के बाद तबीयत खराब होने की सूचना पर उन्हें अस्पताल भी ले जाया गया।
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हम आपको बता दें कि मंत्री द्वारा साझा की गई 8 मिनट 27 सेकंड की कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग में गिरधारी लाल साहू एक महिला से जमानत और जेल जाने की आशंका पर बातचीत करते सुनाई देने का दावा किया गया है। रिकॉर्डिंग के मुताबिक, वह महिला को “मेरे बाबू” कहकर भरोसा दिलाते हैं कि वह उसके साथ रहेंगे और उसे जमानत मिल जाएगी। बातचीत में महिला कथित तौर पर जेल जाने और खबर सार्वजनिक होने से अपनी छवि खराब होने की चिंता जताती है। जवाब में उसे आश्वस्त किया जाता है कि कुछ बाहर नहीं आएगा। इसी बातचीत में रेखा आर्य की मौत का कथित जिक्र और आपत्तिजनक भाषा इस्तेमाल किए जाने का दावा भी है। ऑडियो लग जायेगा।
हम आपको बता दें कि रेखा आर्य ने शिकायत में बताया कि उन्होंने 6 जुलाई 2004 को उत्तर प्रदेश के बरेली में गिरधारी लाल साहू से शादी की थी। उनका आरोप है कि साहू ने खुद को अविवाहित बताया था, जबकि उनकी पहले से पत्नी और बच्चे थे। मंत्री के मुताबिक, उन्हें इस कथित धोखे का पता कई साल बाद चला, लेकिन बच्चों की खातिर उन्होंने चुप्पी बनाए रखी। रेखा आर्य ने यह भी आरोप लगाया कि उनके पति दूसरी महिलाओं के संपर्क में रहे। विरोध करने पर कथित तौर पर लिखित और मौखिक माफी मांगी गई, लेकिन व्यवहार में बदलाव नहीं आया। शिकायत के अनुसार, आपत्ति जताने पर मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकियां दी जाने लगीं। मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि उनके आधिकारिक आवास पर कर्मचारियों के सामने जातिसूचक अपशब्द कहे गए।
हम आपको बता दें कि इस मामले में एक और गंभीर आरोप कथित दस्तावेजी जालसाजी का है। रेखा आर्य का दावा है कि उनके हस्ताक्षर फर्जी तरीके से कर ऐसे दस्तावेज तैयार किए गए, जिनसे यह दिखाया जा सके कि उन्होंने उन कंपनियों के निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया है, जिनसे वह जुड़ी थीं। उनका कहना है कि उन्होंने न तो ऐसे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए और न ही इस्तीफा दिया। FIR में भारतीय दंड संहिता की धारा 120-B (आपराधिक साजिश), 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) और 420 (धोखाधड़ी) समेत अन्य धाराएं शामिल हैं। साथ ही SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम के तीन प्रावधान भी लगाए गए हैं।
साथ ही रेखा आर्य ने अपने संदेश में महिलाओं से घरेलू हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि महिला सामान्य हो या प्रभावशाली, उसे घरेलू अत्याचार सहकर चुप नहीं रहना चाहिए। मंत्री ने संविधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि वह अपनी जिम्मेदारियां निभाती रहेंगी। उन्होंने यह भी बताया कि उनके मायके पक्ष ने हमेशा उनका साथ दिया है।
अब इस मामले में पुलिस जांच की भूमिका अहम होगी। आरोपों की सच्चाई, कथित ऑडियो की प्रामाणिकता और दस्तावेजों से जुड़े दावों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। लेकिन इतना साफ है कि इस प्रकरण ने उत्तराखंड की राजनीति में एक ऐसा सवाल खड़ा कर दिया है, जिसका जवाब केवल बयानबाजी से नहीं, बल्कि निष्पक्ष जांच और तथ्यों से ही मिल सकता है।
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