Connaught Place में CJP के मार्च से पहले हलचल, Abhijeet Dipke के घर पहुंची पुलिस
दिल्ली शुक्रवार को 'लहरा दो तिरंगा' मार्च के लिए तैयार है। यह मार्च 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने बुलाया है। वे सौरव दास और आशुतोष रंका की रिहाई की मांग कर रहे हैं, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। इन दोनों को जंतर-मंतर में प्रवेश करने के आरोप में हिरासत में लिया गया था, जबकि जंतर-मंतर को अब विरोध-प्रदर्शन स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त नहीं है। दिल्ली के कनॉट प्लेस में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के प्रस्तावित 'तिरंगा मार्च' से पहले, पुलिस झंडेवालान में अभिजीत दिपके के घर पहुंची; यह जानकारी CJP के इंस्टाग्राम लाइव वीडियो में दिखी।
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चेन्नई में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ छात्र संगठनों के विरोध प्रदर्शन में DMK सांसद कनिमोझी भी शामिल हुईं। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि DMK लोगों को SIR के खिलाफ आगाह करती रही है... हमारे नेता एम.के. स्टालिन ने चुनाव से पहले ही लोगों को चेतावनी दी थी। यह देखकर बहुत भरोसा मिलता है कि देश के युवा इसके खिलाफ विरोध करने के लिए एकजुट हुए हैं, और DMK उनके साथ खड़ी है।
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सभी से इस मार्च में शामिल होने की अपील की है। वे सेंट्रल पार्क और कनॉट प्लेस तक राष्ट्रीय ध्वज लेकर जाएंगे। यह सोशल मीडिया समूह केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहा है और आरोप लगा रहा है कि सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञान कुमार को बचा रही है। यह विवाद देशव्यापी 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) अभियान को लेकर चल रहा है।
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महाराष्ट्र के रहने वाले दिपके ने गुरुवार को कहा कि मैं सभी राजनीतिक दलों और नागरिक समाज समूहों से अपील करता हूं कि वे अपनी विचारधारा से ऊपर उठकर एक साथ आएं। अगर वोट देने का अधिकार नहीं बचा, तो लोकतंत्र भी नहीं बचेगा। हालांकि, मार्च से पहले सेंट्रल पार्क को बंद कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस ने कहा है कि वह कुछ चुनिंदा लोगों को किसी उपयुक्त जगह पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने और राष्ट्रगान गाने की अनुमति देगी।
पंजाब में अपराध और नशे पर Amit Shah सख्त, मान सरकार से केंद्र मांगेगा जवाब
(फाइल फोटो के साथ) नयी दिल्ली/चंडीगढ़, 16 अक्टूबर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार पंजाब के दिड़बा में दबाव के चलते एक पिता द्वारा दबाव में जहर का सेवन करने और मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की दिनदहाड़े हत्या की घटनाओं को लेकर राज्य सरकार से जवाब मांगेगी। शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा कि पंजाब आज नशे, गैंगस्टरवाद व संगठित अपराध के बढ़ते खतरे से जूझ रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से सवाल किया कि आखिर पंजाब के लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा?
शाह ने कहा, ‘‘दिड़बा में एक पिता का दबाव में जहर खा लेना और मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की दिनदहाड़े हत्या ने पंजाब की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परविंदर के पिता ने ‘आप’ (आम आदमी पार्टी) Amit Shahसरकार और उनके विधायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गृह मंत्रालय भी इन दोनों घटनाओं पर पंजाब सरकार से जवाब मांगेगा।’’ नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की मंगलवार को मानसा के बाजार में मेडिकल स्टोर मालिक ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
आरोपी मेडिकल स्टोर मालिक अश्वनी कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिसने झोटा पर उस समय गोली चलाई जब वह एक बुजुर्ग व्यक्ति को नशीली दवाएं बेचने को लेकर उससे सवाल-जवाब कर रहे थे। वहीं दूसरी घटना संगरूर के दिड़बा निवासी गुलज़ार सिंह की सात सितंबर को आत्महत्या से जुड़ी है। गुलजार के परिवार का आरोप था कि अपने इलाके में मादक पदार्थ तस्करी को लेकर पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से सवाल पूछने पर प्रताड़ित किए जाने और जातिसूचक अपशब्द किए जाने के बाद उन्होंने जहर खा लिया था।
पंजाब में अगले साल की शुरुआत में प्रस्तावित विधानसभा चुनावों के मद्देनजर भाजपा समेत विभिन्न राजनीतिक दल नशे के मुद्दे को जोर-शोर से उठा रहे हैं। शाह ने अपनी पोस्ट में कहा, ‘‘पंजाब में नशे का कारोबार फल-फूल रहा है, संगठित अपराध का खतरा बढ़ रहा है और नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भगवंत मान जी, पंजाब की जनता को प्रचार नहीं, जवाब, घोषणाएं नहीं, परिणाम, नशे के नेटवर्क पर निर्णायक प्रहार और अपराधियों को मिलने वाले किसी भी राजनीतिक संरक्षण की निष्पक्ष जांच चाहिए।’’ गृह मंत्री ने कहा, ‘‘मैं आज पंजाब की जनता के सामने अपना संकल्प दोहराता हूं कि पंजाब में हमारी सरकार बनने पर हम नशामुक्त, गैंगस्टरमुक्त और सुरक्षित पंजाब बनाने के लिए पूरी ताकत से काम करेंगे।’’ उन्होंने कहा कि लक्ष्य स्पष्ट है- नशे के कारोबार पर प्रहार, युवाओं के भविष्य की रक्षा, अपराधियों पर कठोर कार्रवाई और कानून का ऐसा राज, जिसमें कोई भी नागरिक भय के साये में जीने को मजबूर न हो।
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