Explainer: अंग्रेजों की प्लानिंग से बना कनॉट प्लेस का हरा दिल सेंट्रल पार्क, आज क्यों बना सियासी अखाड़ा...
Central Park Delhi: कनॉट प्लेस के बीचोबीच बना सेंट्रल पार्क इस वक्त सुर्खियों में है. कॉकरोच जनता पार्टी ने आज शाम यहीं 'लहरा दो तिरंगा' प्रदर्शन बुलाया है. जबकि प्रशासन ने पार्क पर ताला लगा दिया है और प्रदर्शनकारियों को इससे दूर रहने की हिदायत दी है.
कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में आज क्या हो रहा है?
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने लोगों से 16 अक्टूबर शाम पांच बजे तिरंगा लेकर सेंट्रल पार्क पहुंचने को कहा है. इस ऐलान के बाद स्थानीय सिविक एजेंसी नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने पुलिस को बताया है कि पार्क 16 और 17 अक्टूबर को बंद रहेगा. कनॉट प्लेस और उसके आसपास सुरक्षा के लिए करीब 6000 दिल्ली पुलिसकर्मी और लगभग 26 000 केंद्रीय सशस्त्र बलों के जवान तैनात किए गए हैं.
कानूनी मोर्चे पर भी रही हलचल, सुप्रीम कोर्ट ने दिया ये निर्देश
दिल्ली हाईकोर्ट ने 15 अक्टूबर को दिपके को प्रदर्शन से रोकने से इनकार कर दिया. सुनवाई के दौरान पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित रखने का आश्वासन दिया. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने एनडीएमसी के आदेश के खिलाफ याचिका पर तुरंत सुनवाई से भी इनकार कर दिया है.
#WATCH | Delhi: AAP leaders and workers take out a Tiranga rally, carrying a 200-ft Tiranga. pic.twitter.com/2ioDMFszGp
— ANI (@ANI) October 16, 2026
सीजेपी ने सेंट्रल पार्क को ही क्यों चुना?
एक रिपोर्ट के मुताबिक ताजा विवाद की जड़ में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पार्टी का अभियान है. पार्टी का आरोप है कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में गड़बड़ी हुई हैं और करीब 13 करोड़ लोगों के नाम वोटर लिस्ट से कटे गए हैं. बता दें अभियान की शुरुआत 2 अक्टूबर को मुंबई से हुई थी.
जंतर मंतर पर हुआ बवाल, पुलिस को उठाना पड़ा ये कदम
13 अक्टूबर को पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका जंतर-मंतर पर ताला लगे गेट पर चढ़कर अंदर गए, तिरंगा लहराया और नारे लगाए. जिसके बादइ दोनों को हिरासत में ले लिया गया. बाद में उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. बता दें जंतर-मंतर वह जगह थी जो दशकों से धरने-प्रदर्शनों की पहचान रही है पर पुलिस ने उसे हाल ही में निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया है और दिल्ली में तीन जगहों को प्रदर्शनों के लिए चिन्हित किया है.
???? PUBLIC NOTICE | NDMC
— New Delhi Municipal Council Official (@tweetndmc) October 15, 2026
Please be informed that Central Park, Connaught Place, will remain closed to the general public on 16th October 2026 and 17th October 2026 due to administrative reasons.
Visitors are requested to take note of the above.@CMODelhi@dwivedimk_ias… pic.twitter.com/5B4BErMnMt
कनॉट प्लेस और सेंट्रल पार्क बने कैसे?
एक रिपोर्ट के अनुसार 1911 के दिल्ली दरबार में राजधानी कलकत्ता से दिल्ली लाने का ऐलान हुआ था. नई राजधानी के लिए एक कारोबारी केंद्र भी सोचा गया. शुरुआती नक्शे पर मुख्य वास्तुकार डब्ल्यू. एच. निकोल्स काम कर रहे थे पर 1917 में उनके भारत छोड़ने के बाद काम रॉबर्ट टोर रसेल के हाथ आया जिन्होंने इसे आज वाला जॉर्जियन शैली का गोलाकार रूप दिया. निर्माण 1929 में शुरू होकर 1933 में पूरा हुआ और नाम ब्रिटिश शाही परिवार के सदस्य ड्यूक ऑफ कनॉट पर पड़ा. बता दें इसके डिजाइन की प्रेरणा इंग्लैंड के बाथ शहर का रॉयल क्रेसेंट था. फर्क बस यह रहा कि वहां अर्धचंद्र है यहां पूरा घेरा है. इसी घेरे के बीच खुला प्लाजा रखा गया था जिसे आज सेंट्रल पार्क कहा जाता है.
#WATCH | Delhi: Connaught Place wore a deserted look this morning. Police personnel remain deployed ahead of CJP Founder Abhijeet Dipke's call for a ‘Lehra Do Tiranga’ protest at Central Park here today. pic.twitter.com/Ae4OO8MnZJ
— ANI (@ANI) October 16, 2026
आज के सेंट्रल पार्क में क्या-क्या है?
आज के सेंट्रल पार्क के नीचे मेट्रो है, बता दें यहां 2005-06 में पार्क को नए सिरे से बनाया गया था क्योंकि उसके नीचे राजीव चौक मेट्रो स्टेशन बना था. इसका आकार करीब 41,500 वर्ग मीटर है जिसमें 350 सीटों वाला एम्फीथिएटर भी है. इसके अलावा यहां समय समय पर सांस्कृतिक आयोजन जैसे उर्दू विरासत उत्सव, 'वन बिलियन राइजिंग' जैसे कार्यक्रम होते हैं. यहां दिल्ली सरकार का युवा महोत्सव और 'अवाम की आवाज' कॉन्सर्ट जैसे इवेंट भी किए जाते हैं. इसकी देखरेख नई दिल्ली नगरपालिका परिषद के अधीन है इसलिए पार्क बंद करने का आदेश भी उसी ने दिया है.
तिरंगे का इस पार्क से क्या रिश्ता है?
मार्च 2014 में फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया ने यहां 207 फीट ऊंचे खंभे पर 60x90 फीट का विशाल तिरंगा फहराया जिसका उद्घाटन तत्कालीन सांसद नवीन जिंदल ने किया था. यह झंडा रोशनी की वजह से रात में भी लहराता रहता है. इसके अलावा एक रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि दिल्ली के पहले मुख्य कार्यकारी पार्षद मीर मुश्ताक अहमद हर 26 जनवरी को यहां के बैंडस्टैंड पर तिरंगा फहराते थे.
#WATCH | Delhi: CJP Founder Abhijeet Dipke has called for a ‘Lehra Do Tiranga’ protest at Connaught Place’s Central Park today.
— ANI (@ANI) October 16, 2026
Visuals of security deployment inside the Park. pic.twitter.com/2R5h3CYSSQ
कॉकरोच जनता पार्टी है क्या?
पार्टी की शुरुआत 16 मई 2026 को राजनीतिक संचार रणनीतिकार अभिजीत दिपके ने ऑनलाइन व्यंग्य के रूप में की थी. नाम भाजपा की तर्ज पर रखा गया है और वेबसाइट का टैगलाइन है 'आलसी और बेरोजगारों की आवाज'. दिपके कहते हैं कि वे किसी राजनीतिक संगठन से जुड़े नहीं हैं. पार्टी ने बेरोजगारी और आर्थिक निराशा से जूझते युवाओं को जोड़ा और जुलाई में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक चले आंदोलनों में उसकी भूमिका रही है.
बेंगलुरु की मौसम ने बढ़ाई टेंशन! बारिश में धुल सकता है पांचवां टी-20, जानिए कैसा रहेगा मैच के दौरान मौसम का हाल
IND VS WI Fifth T20I Weather Report: भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेली जा रही टी-20 सीरीज का पांचवां और आखिरी मुकाबला बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाने वाला है. मगर, बेंगलुरु से क्रिकेट फैंस के लिए बुरी खबर सामने आ रही है. बेंगलुरु में काफी बारिश हो रही है, जिसकी वजह से अब 17 अक्टूबर को चिन्नास्वामी में होने वाले मैच पर भी बारिश का साया मंडराता नजर आ रहा है, जिसके चलते मैच रद्द होने की संभावना बन रही है.
17 अक्टूबर को कैसा रहेगा बेंगलुरु का मौसम?
Two powerhouse teams, 4 intense games, and it all comes down to one last match! ????#TeamIndia aims to stake their claim in the ultimate high-stakes decider against the West Indies! ????#INDvWI | 5th T20I ???? SAT, OCT 17, 6 PM pic.twitter.com/d1u4FWyHOo
— Star Sports (@StarSportsIndia) October 15, 2026
भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांचवां टी-20 मैच बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा. मगर, 17 अक्टूबर को बेंगलुरु में बारिश की संभावना है, जिससे ये मैच प्रभावित हो सकता है. एक्यू वेदर के अनुसार, तो शनिवार को बेंगलुरु में सुबह बारिश की संभावना 90% है, जो रात में घटकर 17% हो रही है. वैसे देखा जाए तो मैच शाम को ही खेला जाने वाला है, जब बारिश की संभावना काफी कम है.
लेकिन यहां गौर करने वाली बात ये भी है कि बेंगलुरु के मौसम पर भरोसा नहीं किया जा सकता, क्योंकि वहां कभी भी बारिश हो सकती है, जो निर्णायक मैच पर प्रभाव डाल सकती है. वेदर फॉरकास्ट के मुताबिक, तापमान 27 से 21 डिग्री तक रहने की संभावना है. हवा 6 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चल सकती है. ह्यूमिडिटी 78% रहने की संभावना है.
Two powerhouse teams, 4 intense games, and it all comes down to one last match! ????#TeamIndia aims to stake their claim in the ultimate high-stakes decider against the West Indies! ????#INDvWI | 5th T20I ???? SAT, OCT 17, 6 PM pic.twitter.com/d1u4FWyHOo
— Star Sports (@StarSportsIndia) October 15, 2026
चिन्नास्वामी स्टेडियम में कैसा है टीम इंडिया का ट्रैक रिकॉर्ड?
भारत-वेस्टइंडीज के बीच सीरीज डिसाइडर मैच बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा. चिन्नास्वामी स्टेडियम में टीम इंडिया के रिकॉर्ड की बात करें, तो भारत ने अब तक कुल 8 मुकाबले खेले हैं, जिसमें 4 मैच जीते हैं, जबकि 3 मैचों में हार का सामना करना पड़ा है. जबकि एक मैच बारिश के कारण रद्द हो गया था. पिछला मैच टीम इंडिया ने इस मैदान पर 2 साल पहले अफगानिस्तान के खिलाफ खेला था, जिसमें टीम इंडिया ने सुपर ओवर में एक रोमांचक जीत दर्ज की थी.
गौर करने वाली बात ये है कि टीम इंडिया ने बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में जो 8 मैच खेलते हुए चार में जीत हासिल की है उसमें सभी में उन्होंने पहले बल्लेबाजी करते हुए मुकाबले को अपने नाम किया है.
2-2 की बराबरी पर है सीरीज
West Indies level the series 2-2.
— BCCI (@BCCI) October 14, 2026
An important decider awaits in Bengaluru on Saturday.
Scorecard ▶️ https://t.co/ksuQbTW6n5#TeamIndia | #INDvWI | @mflone_ pic.twitter.com/i7juMPuEe9
5 मैचों की टी-20 सीरीज अब बराबरी पर आ पहुंची है. सीरीज के चार मैच खेले जा चुके हैं और दोनों ही टीमों ने 4-4 मैचों में जीत दर्ज की. ऐसे में अब सीरीज का पांचवां और आखिरी मैच काफी रोमांचक होने वाला है. चूंकि, इस मैच को जो टीम जीतेगी, वो सीरीज पर कब्जा करेगी और हारने वाली टीम के पिछड़ जाएगी और सीरीज गंवा बैठेगी.
ऐसे में श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली भारतीय टीम घरेलू सरजमीं का फायदा उठाकर पूरी कोशिश करेगी कि वह जीत दर्ज कर ले. मगर, कैरेबियाई टीम को हल्के में नहीं लिया जा सकता. उनके पास एक से बढ़कर एक धाकड़ खिलाड़ी हैं, जो मैच को किसी भी ओवर में पलटने का दमखम रखते हैं.
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