वन भूमि पर अतिक्रमण रोकने पहुंची टीम पर पथराव और मारपीट, 3 आरोपी गिरफ्तार, हमले में इस्तेमाल ट्रैक्टर जब्त
मध्य प्रदेश के सागर जिले के शाहगढ़ थाना क्षेत्र के निवाही गांव में सरकारी वन भूमि पर अतिक्रमण रोकने पहुंची वन विभाग की टीम पर कुछ दबंगों ने अचानक हमला कर दिया। आरोपियों ने न केवल कर्मचारियों के साथ जमकर मारपीट की, बल्कि उन पर पत्थरों से हमला भी कर दिया जिससे टीम के सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
जंगल की जमीन पर चल रहा था ट्रैक्टर
यह पूरा विवाद 12 अक्टूबर का बताया जा रहा है, जब वनरक्षक नारायण सिंह ने शाहगढ़ थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि निवाही गांव के बीट बट्टवाहा, कक्ष क्रमांक आरएफ-477 में छोटा बंधा के पास कुछ लोग वन विभाग की कीमती जमीन पर ट्रैक्टर चलाकर जबरन कब्जा और जुताई करने में लगे हुए थे।
मना करने पर भड़के दबंग
अतिक्रमण की खबर मिलते ही डिप्टी रेंजर शैलेंद्र तिवारी अपने कर्मचारियों के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। जब टीम ने ट्रैक्टर रोककर सरकारी जमीन पर जुताई करने से मना किया, तो आरोपी हरिराम यादव, अमित यादव और हरेंद्र यादव आपा खो बैठे। उन्होंने वन विभाग की टीम को घेरकर लाठी-डंडों से हमला कर दिया और पथराव शुरू कर दिया, जिसमें डिप्टी रेंजर और वनरक्षक घायल हो गए।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने गांव के पास घेराबंदी कर दबोचा
घटना के बाद से ही पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। कल गुरुवार को जैसे ही पुलिस को मुखबिर से पक्की खबर मिली, थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने निवाही गांव के पास दबिश दी। पुलिस ने घेराबंदी करके तीनों आरोपियों- हरिराम यादव, उसके बेटे अमित यादव और हरेंद्र यादव को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
जब्त हुआ ट्रैक्टर, आरोपियों को भेजा गया जेल
शाहगढ़ थाना प्रभारी संदीप खरे ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि सरकारी कर्मचारियों पर हमला करने और काम में बाधा डालने के आरोप में तीनों को पकड़ लिया गया है। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल ट्रैक्टर को भी जब्त कर लिया गया है। पुलिस ने पूछताछ की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया है।
राजस्थान-बोरवेल में गिरे बच्चे के ऊपर पानी गिर रहा:23 घंटे से अंदर फंसा, कैमरे में मूवमेंट नहीं दिख रहा, अब देसी जुगाड़ से कोशिश
राजस्थान के फलोदी जिले में बोरवेल में गिरे भोमाराम (9) को हादसे के 23 घंटे बाद भी नहीं निकाला जा सका है। शुक्रवार सुबह बोरवेल में डाले गए कैमरे में बच्चे का मूवमेंट दिखना भी बंद हो गया है। रेस्क्यू टीम का कहना है करीब 30 फीट तक जाकर कैमरा फंस गया है। वहीं, लगातार रेस्क्यू के कारण बोरवेल के अंदर पानी भी भरना शुरू हो गया है। अब देसी जुगाड़ से बच्चे को निकालने की कोशिश तेज हो गई है। बोरवेल से रेस्क्यू करने वाले देसी एक्सपर्ट मादाराम और उनकी टीम मौके पर पहुंची है। अब लोहे के सरियों का जाल बनाकर बच्चे को बाहर निकालने की कोशिश की जाएगी। गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे पूनिया की ढाणी में भोमाराम 1050 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया था। वह 640 फीट की गहराई में अटका है। (इनपुट: जुगल किशोर शर्मा, नौसर) पल-पल के अपडेट के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
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